किसानों की पीड़ा को लेकर विधायक ब्यास कश्यप ने उठाई आवाज, खाद वितरण में अव्यवस्था और कालाबाजारी की जांच की मांग*
*किसानों की पीड़ा को लेकर विधायक ब्यास कश्यप ने उठाई आवाज, खाद वितरण में अव्यवस्था और कालाबाजारी की जांच की मांग*
जांजगीर-चांपा – खरीफ सीजन की शुरुआत से पहले जिले में खाद वितरण व्यवस्था को लेकर बढ़ती शिकायतों पर जांजगीर-चांपा विधायक ब्यास कश्यप ने कड़ा रुख अपनाया है। विधायक ने कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल परदेशी को पत्र लिखकर जिले की सहकारी समितियों में खाद वितरण की अव्यवस्था, पक्षपात तथा संभावित कालाबाजारी पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
विधायक ने अपने पत्र में कहा है कि जिले के हजारों किसान इन दिनों खेती की तैयारी के साथ-साथ खाद की उपलब्धता को लेकर गंभीर चिंता में हैं। सहकारी समितियों में यूरिया एवं डीएपी खाद के वितरण को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं। किसानों का आरोप है कि छोटे एवं सीमांत किसानों को खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है, जबकि प्रभावशाली और चुनिंदा लोगों को प्राथमिकता के आधार पर खाद वितरित की जा रही है।
पत्र में विधायक ने विशेष रूप से जांजगीर सेवा सहकारी समिति की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा है कि जहां जिला सहकारी केंद्रीय बैंक का नोडल कार्यालय भी संचालित होता है, वहां भी किसानों को खाद के लिए भटकना पड़ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब निगरानी तंत्र सामने मौजूद है, तब भी ऐसी स्थिति क्यों बनी हुई है।
विधायक ने यह भी कहा कि समितियों में किसानों को “खाद उपलब्ध नहीं है” कहकर लौटाया जा रहा है, जबकि खुले बाजार में यूरिया निर्धारित दर से कहीं अधिक कीमत पर बिक रही है। इससे किसानों के बीच कालाबाजारी और वितरण में अनियमितता की आशंका गहराती जा रही है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि खरीफ सीजन की शुरुआत में ही यह स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं। किसान पहले से ही आर्थिक दबाव झेल रहे हैं और खाद की कमी उनकी परेशानियों को और बढ़ा रही है।
विधायक ब्यास कश्यप ने कृषि उत्पादन आयुक्त से जिले की सभी सहकारी समितियों में खाद वितरण व्यवस्था की उच्च स्तरीय जांच कराने, वितरण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने तथा कालाबाजारी और अनियमितताओं में लिप्त व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने छोटे एवं सीमांत किसानों को प्राथमिकता के आधार पर खाद उपलब्ध कराने का आग्रह भी किया है।
विधायक ने कहा कि किसानों का विश्वास व्यवस्था पर टिका हुआ है और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि उस विश्वास को टूटने न दे। उन्होंने किसानों के हित में तत्काल प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया है।