Breaking News in Primes

UGC का नया कानून: क्या कैंपस में बढ़ेगा अविश्वास? शिक्षा सुधार ज़रूरी है, लेकिन यदि नीतियाँ छात्रों को जाति की पहचान में बाँट दें, तो उसका असर सिर्फ कॉलेज तक सीमित नहीं रहेगा।

0 20

UGC का नया कानून: क्या कैंपस में बढ़ेगा अविश्वास?

 

शिक्षा सुधार ज़रूरी है, लेकिन यदि नीतियाँ छात्रों को जाति की पहचान में बाँट दें, तो उसका असर सिर्फ कॉलेज तक सीमित नहीं रहेगा।

 

भारत में शिक्षा को हमेशा सामाजिक बदलाव का सबसे मजबूत औज़ार माना गया है। लेकिन आज जब सरकार उच्च शिक्षा से जुड़ा नया UGC कानून लाने की तैयारी में है, तो उससे जुड़ी कुछ आशंकाएँ अनदेखी नहीं की जा सकतीं।

 

आरक्षण की व्यवस्था समाज के वंचित वर्गों को अवसर देने के लिए बनी थी। लेकिन समय के साथ यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या जाति आधारित नीतियाँ अब समाज को जोड़ने के बजाय बाँटने का काम कर रही हैं?

 

कॉलेज और विश्वविद्यालय ऐसे स्थान होने चाहिए, जहाँ छात्र बिना किसी डर के पढ़ें, बहस करें और आगे बढ़ें। लेकिन यदि नियम-कानून ऐसे बनते हैं, जिनसे छात्रों के मन में यह भाव बैठ जाए कि कौन किस जाति का है और किससे दूरी बनाकर रखना सुरक्षित है, तो यह शिक्षा के मूल उद्देश्य पर सीधा प्रहार है।

 

प्रस्तावित UGC कानून को लेकर चिंता यह है कि कहीं यह कैंपस के माहौल को और तनावपूर्ण न बना दे। यदि शिकायत और अनुशासन से जुड़ी व्यवस्थाएँ संतुलित न हों, तो वे न्याय का माध्यम बनने के बजाय दबाव और बदले का औज़ार बन सकती हैं। इसका सबसे ज़्यादा असर छात्रों की सोच पर पड़ेगा।

 

आज का छात्र पहले ही कड़ी प्रतिस्पर्धा, बेरोज़गारी और मानसिक दबाव से जूझ रहा है। यदि पढ़ाई के साथ उसे यह भी सोचना पड़े कि उसकी पहचान क्या है और सामने वाला किस वर्ग से आता है, तो यह एक खतरनाक स्थिति होगी। यही वह ज़हर है, जो धीरे-धीरे छात्रों के बीच अविश्वास और टकराव को जन्म देता है।

 

चिंता केवल छात्रों तक सीमित नहीं है। यदि उच्च पदों और निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में योग्यता और नेतृत्व क्षमता के बजाय केवल आरक्षण को प्राथमिकता दी जाएगी, तो संस्थानों की गुणवत्ता पर भी असर पड़ेगा। मजबूत देश वही होते हैं, जिनके शैक्षणिक संस्थान सक्षम और निष्पक्ष हों।

 

अब ज़रूरत इस बात की है कि शिक्षा नीति और आरक्षण दोनों पर ईमानदारी से पुनर्विचार हो। जाति के बजाय आर्थिक रूप से कमजोर और वास्तव में ज़रूरतमंद लोगों को सहायता दी जाए। साथ ही, हर नए कानून में दुरुपयोग रोकने के ठोस प्रावधान हों।

 

भारत जैसे विविध देश में शिक्षा का काम समाज को जोड़ना है, न कि नई दीवारें खड़ी करना। UGC से जुड़ा कोई भी कानून यदि छात्रों के मन में डर, असुरक्षा और विभाजन पैदा करता है, तो वह सुधार नहीं, बल्कि भविष्य के साथ किया गया जोखिम होगा।

 

नीता वराठे

‌‌। जर्नलिस्ट

This error message is only visible to WordPress admins

Error 403: The request cannot be completed because you have exceeded your quota..

Domain code: youtube.quota
Reason code: quotaExceeded

Error: No videos found.

Make sure this is a valid channel ID and that the channel has videos available on youtube.com.

Leave A Reply

Your email address will not be published.

Don`t copy text!