परिषदीय विद्यालयों में जूनियर शिक्षक के 50 प्रतिशत पद लिखित परीक्षा से भरने की मांग, डिप्टी सीएम को सौंपा ज्ञापन
News By-नितिन केसरवानी
कौशाम्बी: उत्तर प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मंगलवार को सिराथू स्थित आवास पर पहुंचने पर बीएड अभ्यर्थियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर जूनियर शिक्षक भर्ती से संबंधित ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत उच्च प्राथमिक विद्यालयों में जूनियर शिक्षक के पदों पर वर्तमान 100 प्रतिशत पदोन्नति व्यवस्था की न्यायोचित समीक्षा करते हुए कम से कम 50 प्रतिशत पदों को लिखित परीक्षा के माध्यम से सीधी भर्ती के लिए निर्धारित किए जाने की मांग की।
ज्ञापन में अभ्यर्थियों ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में जूनियर शिक्षक के पदों पर मुख्य रूप से पदोन्नति के माध्यम से शिक्षकों का चयन किया जाता है। इसके कारण जूनियर टेट उत्तीर्ण बीएड एवं बीटीसी अभ्यर्थियों को जूनियर शिक्षक बनने के लिए पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहा है। वहीं, विषय संयोजन की अनिवार्यता के कारण बड़ी संख्या में बीएड अभ्यर्थी टीजीटी-पीजीटी जैसी भर्तियों में भी आवेदन नहीं कर पाते हैं। ऐसे अभ्यर्थियों के लिए जूनियर शिक्षक भर्ती एक महत्वपूर्ण अवसर है।


प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों को देखते हुए योग्य जूनियर टेट उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया में अवसर दिया जाना आवश्यक है। अभ्यर्थियों ने मांग की कि उपलब्ध जूनियर शिक्षक पदों का विभागीय स्तर पर आकलन कर भर्ती का अधियाचन शीघ्र जारी किया जाए तथा भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रतियोगी परीक्षा आधारित बनाया जाए।
ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया गया कि अभ्यर्थियों की मांग वर्तमान शिक्षकों की पदोन्नति के अधिकार को समाप्त करना नहीं है, बल्कि पदोन्नति और सीधी भर्ती के बीच संतुलित व्यवस्था स्थापित करना है। प्रतिनिधिमंडल ने कम से कम 50 प्रतिशत पदों पर लिखित परीक्षा के माध्यम से भर्ती का प्रावधान किए जाने की मांग रखी।
ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से अभिषेक जायसवाल, पवन तिवारी, रामबाबू, अजीत कुमार सहित अन्य बीएड अभ्यर्थी उपस्थित रहें। प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री से अभ्यर्थियों की मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए संबंधित विभाग एवं अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देने का अनुरोध किया।