राहुल नायक खंडवा 9529552695
देवली कला बस स्टेशन बना अतिक्रमण और शराबखोरी का अड्डा!
यात्री प्रतीक्षालय पर अतिक्रमण, सार्वजनिक शौचालय भी कब्जे की चपेट में; स्कूल के छात्र-छात्राओं को हो रही परेशानी
खालवा/खंडवा। खंडवा जिले की खालवा तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत देवली कला का बस स्टेशन इन दिनों अतिक्रमण और सार्वजनिक स्थान पर शराब सेवन की शिकायतों को लेकर चर्चा में है। ग्रामीणों का आरोप है कि बस स्टेशन परिसर में किए गए अतिक्रमण के कारण यात्रियों को परेशानी हो रही है। वहीं कुछ स्थानों पर खुलेआम शराब सेवन और किराना दुकानों से अवैध रूप से शराब बेचे जाने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
बस यात्रियों की सुविधा के लिए बनाए गए यात्री प्रतीक्षालय पर भी अतिक्रमण किए जाने की बात सामने आई है। स्टेशन चौक पर बनाए गए सार्वजनिक शौचालय भवन के आसपास भी अतिक्रमण की शिकायत है। हालत यह है कि शौचालय तक पहुंचने के लिए उचित रास्ता तक उपलब्ध नहीं है।
स्कूल के बच्चों के सामने शराबखोरी बड़ी चिंता
बस स्टेशन से करीब 100 से 150 मीटर की दूरी पर स्कूल स्थित है। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं को इसी क्षेत्र से होकर गुजरना पड़ता है। आरोप है कि बस स्टेशन के आसपास कुछ लोग बैठकर शराब का सेवन करते हैं और शराब की बिक्री भी की जाती है।
शराब सेवन के कारण वहां का माहौल प्रभावित होने से स्कूली बच्चों और विशेषकर छात्राओं को असहज परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। अभिभावकों ने प्रशासन से स्कूल के आसपास इस तरह की गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
किराना दुकानों पर शराब बिक्री के आरोप, आबकारी विभाग पर उठे सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र की कुछ किराना दुकानों पर खुलेआम शराब बेची जा रही है, लेकिन इस तरह की कथित अवैध बिक्री के खिलाफ आबकारी विभाग द्वारा अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि यदि विभाग को इसकी जानकारी है तो ऐसी दुकानों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?
कुछ ग्रामीणों ने आबकारी विभाग के संरक्षण या मिलीभगत की आशंका भी जताई है। हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि विभाग द्वारा निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि किराना दुकानों से शराब बिक्री की शिकायतों पर अब तक क्या कार्रवाई की गई है।
हाथ भट्टी की कच्ची शराब पर कार्रवाई, किराना दुकानों पर कथित बिक्री क्यों?
ग्रामीणों ने आबकारी विभाग की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में हाथ भट्टी से बनाई जाने वाली कच्ची शराब के मामलों में कार्रवाई की जाती है, जबकि दूसरी ओर किराना दुकानों पर खुलेआम शराब बिक्री के आरोपों पर कार्रवाई नहीं होने की बात सामने आ रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई में दोहरा रवैया अपनाया जा रहा है। उन्होंने आबकारी विभाग से मांग की है कि हाथ भट्टी की शराब के साथ-साथ किराना दुकानों और अन्य स्थानों पर होने वाली कथित अवैध शराब बिक्री की भी समान रूप से जांच कर कार्रवाई की जाए।
ग्राम पंचायत की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल
बस स्टेशन और सार्वजनिक स्थान पर अतिक्रमण तथा शराब सेवन की शिकायतों को लेकर ग्राम पंचायत देवली कला की भूमिका पर भी ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत को मामले की जानकारी दिए जाने के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
यदि जांच में अतिक्रमण, अवैध शराब बिक्री अथवा किसी व्यक्ति/संस्था द्वारा संरक्षण दिए जाने की पुष्टि होती है तो संबंधितों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
पूर्व में तहसीलदार को शिकायत, कार्रवाई का इंतजार
ग्रामीणों के अनुसार बस स्टेशन पर अतिक्रमण सहित अन्य समस्याओं को लेकर पूर्व में तहसीलदार को शिकायत की जा चुकी है। ग्राम पंचायत के सरपंच को भी मामले की जानकारी दी गई है, लेकिन ग्रामीण अभी तक ठोस कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, पुलिस एवं आबकारी विभाग से मांग की है कि देवली कला बस स्टेशन और स्कूल के आसपास की स्थिति की संयुक्त जांच कराई जाए। यात्री प्रतीक्षालय एवं सार्वजनिक शौचालय को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए तथा शराब सेवन एवं कथित अवैध शराब बिक्री की शिकायतों पर निष्पक्ष कार्रवाई की जाए।
अब देखना होगा कि प्रशासन और आबकारी विभाग इस मामले में कब तक जांच कर कार्रवाई करता है और स्कूल के छात्र-छात्राओं सहित आम यात्रियों को इस समस्या से कब राहत मिलती है।