News By-नितिन केसरवानी
मुंबई पुलिस ने प्रयागराज में खोली नशे के कारोबार की पोल!
मुंबई क्राइम ब्रांच पहुंची तो सामने आया पूरा नेटवर्क, क्या इलाकाई पुलिस को थी भनक?
प्रयागराज: मांडा थाना क्षेत्र में करोड़ों रुपए की एमडी ड्रग तैयार करने वाली अवैध फैक्ट्री का मुंबई क्राइम ब्रांच द्वारा भंडाफोड़ किए जाने के बाद अब स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस इलाके में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थ तैयार किए जा रहे थे। वहां की पुलिस को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी? मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम ने जांच के सिलसिले में प्रयागराज पहुंचकर मांडा क्षेत्र के कोसड़ा कला इलाके में कार्रवाई की और खेत में बने शेड से भारी मात्रा में एमडी ड्रग, केमिकल और ड्रग तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले लैब उपकरण बरामद किए। कार्रवाई के बाद सामने आए तथ्यों ने स्थानीय पुलिस की सक्रियता और खुफिया तंत्र पर सवालिया निशान लगा दिया है।
मुंबई से टीम आई और खुल गया पूरा राज
बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र में एमडी ड्रग की बरामदगी के बाद शुरू हुई जांच की कड़ियां प्रयागराज तक पहुंचीं। मुंबई क्राइम ब्रांच ने अपने स्तर पर जानकारी जुटाई और फिर प्रयागराज में दबिश देकर कथित ड्रग फैक्ट्री का खुलासा किया। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि मांडा थाना पुलिस और स्थानीय खुफिया तंत्र इतने बड़े नेटवर्क से पूरी तरह अनजान कैसे रहा? जिस स्थान पर बड़ी मात्रा में रसायन, लैब उपकरण और नशीला पदार्थ तैयार किया जा रहा था। वहां स्थानीय पुलिस की नजर क्यों नहीं पड़ी?
सूत्रों पर यदि हम यकीन करें तो यह भी चर्चा है कि जब मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम कार्रवाई के लिए प्रयागराज पहुंची तो स्थानीय पुलिस से अपेक्षित सहयोग समय पर नहीं मिला। हालांकि इस संबंध में स्थानीय पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो मामला सिर्फ लापरवाही तक सीमित नहीं रहेगा। बल्कि यह भी जांच का विषय होगा कि इतने बड़े ड्रग नेटवर्क की जानकारी स्थानीय पुलिस तक क्यों नहीं पहुंची और बाहरी राज्य की पुलिस को आकर कार्रवाई क्यों करनी पड़ी?

अब जांच स्थानीय पुलिस की भूमिका तक भी पहुंचे
प्रयागराज में नशीली फैक्ट्री का भंडाफोड़ और करोड़ों रुपये के ड्रग नेटवर्क के सामने आने के बाद अब जरूरत इस बात की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो। यह भी पता लगाया जाए कि फैक्ट्री कितने समय से संचालित थी। जमीन और शेड किसके माध्यम से लिया गया, आसपास के लोगों को इसकी जानकारी थी या नहीं और स्थानीय पुलिस के स्तर पर आखिर इतनी बड़ी गतिविधि कैसे छिपी रही। मुंबई क्राइम ब्रांच की कार्रवाई ने नशे के एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त करने में अहम भूमिका निभाई है, लेकिन इसके साथ ही प्रयागराज पुलिस की स्थानीय निगरानी और खुफिया तंत्र की कार्यप्रणाली पर उठे सवालों का जवाब भी अब जरूरी हो गया है।