करोड़ों की लागत से बनी नालिया अनुपयुक्त, घरों एवं रोड में बहता, भरता पानी। जिम्मेदारों के आंख में बंधी पट्टी।
करोड़ों की लागत से बनी नालिया अनुपयुक्त, घरों एवं रोड में बहता, भरता पानी। जिम्मेदारों के आंख में बंधी पट्टी।
कचरा, कीचड़ एवं पानी से भरी पटी नगर बाजार की मुख्य सड़क, स्कूली बच्चों के साथ राहगीर एवं व्यापारी परेशान।
सीधी/मझौली
सीधी जिले के नगर क्षेत्र मझौली में लोगों को व्यवस्था के नाम पर सुख सुविधा की जगह समस्या एवं परेशानी परोसे जाने का सिलसिला लगातार जारी हैं। जहां लोगों की समस्याएं दिनों दिन घटने के बजाय बढ़ती जा रहे हैं जिसको लेकर नगर प्रशासन पूर्ण रूप से निष्क्री बना हुआ है। लोगों की माने तो नगर प्रशासन के जिम्मेदार भ्रष्टाचार और कमीशन की उगाही में व्यस्त हैं। लोगों की समस्याओं में उनकी नजर नहीं जा रही है। समस्या से निजात दिलाने नगर वासियों के साथ ग्रामीण क्षेत्र वासियों एवं व्यापारियों ने अब खंड एवं जिला प्रशासन से मांग की है।
जिले के मझौली नगर क्षेत्र का गठन हुए लगभग 15 हो गया है। जहां नगर विकास के नाम पर भले ही चाहे अरबो-खरबो की राशि भ्रष्टाचार की भेट चढ़ गई हो लेकिन कराए गए निर्माण कार्यों से लोगों की समस्याएं व परेशानियां कम होने की बजाय दिनों दिन बढ़ती जा रही है। जिसका ताजा हाल इन दोनों मझौली मुख्य बाजार के वार्ड क्रमांक 4,5,6,7,8,9,10 की सड़क में देखा जा रहा है। जहां भले ही नाली निर्माण में करोड़ों की राशि गलाई गई हो लेकिन नाली का निर्माण सही ढंग से न होने तथा मलमा फटे होने के कारण मुख बाजार की सड़क पानी ,कीचड़ एवं कचरे से भरी पड़ी है।जो स्कूली बच्चों के साथ राहगीरो एवं व्यापारियों के लिए भारी समस्या पैदा कर रहे हैं। एक ओर जहां बाजार पार करते-करते स्कूली बच्चों के कपड़े कीचड़ से सन जाते हैं। वही तेज रफ्तार से वहां के निकलने पर व्यापारियों के अंदर तक कीचड़ पानी पहुंच जाता है जिससे उनके रखे सामान खराब हो जाते हैं इतना ही नहीं रोड के किनारे रखी रखी सब्जियां एवं अन्य खाद्य पदार्थों में यह गंदा कीचड़ एवं पानी पहुंच जाता है। ठीक है जिसे व्यापारियों द्वारा बिना साफ सफाई के लोगों को बेचा जा रहा है जिससे आम लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रभाव पड़ रहा है। लोगों एवं व्यापारियों की माने तो इस पंचवर्षीय योजना जैसी समस्याएं विगत पंचायत व्यवस्था में भी कभी नहीं हुई। जबकि अब नगर प्रशासन की मुख्य कमान हमारे बाजार के ही प्रमुख व्यापारी के हाथ में है और व्यापारियों में से ही चाचा-भतीजे सहित तीन पार्षद निर्वाचित हैं इसके अतिरिक्त हमारे 15 वार्डों में से 11 पार्षद बीजेपी से निर्वाचित हुए हैं जो भाजपा के जिसमें भाजपा पार्टी के बड़े प्रभावशील नेता कार्यकर्ता शामिल है इन्हीं में से भले ही चाहे अपने पार्टी विमुक्त व अपेक्षित हो पर अध्यक्ष भी भाजपा के सिंबल से निर्वाचित प्रतिशत बड़े प्रतिष्ठित व्यापारी शंकर लाल गुप्ता निर्वाचित हैं। ऐसा नहीं है कि व्यापारियों में से
निर्वाचित प्रतिनिधि जो दुकानों में बैठे लोगों व व्यापारियों की परेशानी को ऐसे नजर अंदाज कर रखे हैं जैसे ए अंधे बहरे हो गए हैं। इनके अतिरिक्त भी भाजपा के बड़े नेता जो समस्या ग्रसित क्षेत्र से जुड़े हुए पार्षद निर्वाचित हैं दिनभर यहीं से गुजरते रहते हैं लेकिन ऐसा लगता है यह लोग भी आंख में पट्टी और कान में ठेपी डाल रखे हैं। नवीन नाली निर्माण कार्य भी बिना किसी मापदंड वो पानी निकासी के समुचित स्थान तक निर्माण कराए जाने के बजाय लोगों के घर के पास ले जाकर छोड़ा जा रहा है जिसका ताजा मामला नगर परिषद मझौली वार्ड क्रमांक 13 में नाली निर्माण कार्य देखा जा रहा है। जो संजय गुप्ता के घर के सामने ले जाकर बंद कर दिया गया है जहां दोनों तरफ के नाली का पानी जाकर उसके घर में घर भर बह रहा है जिसकी फरियाद लिए अब वह दर-दर भटकने को मजबूर है।
*याद आ रहे पूर्व लेखा अधिकारी अमित सिंह*
नगर क्षेत्र में उपज रही समस्या के कारण नगर परिषद मझौली में पदस्थ लेखा अधिकारी जो प्रभारी सीएमओ का भी वर्षों तक प्रभार संभाल चुके हैं नगर क्षेत्र निवासी जो जातिवादिता और ईर्ष्या से उपेक्षित सिंगरौली जिले नगर परिषद बरिगवा की कमान संभाल रखे हैं जिनके कार्य व्यवहार से नगर परिषद में व्यवस्थाएं चुस्त दुरुस्त देखी जा रहे हैं। हर मझौली क्षेत्र के निवासियों को याद आने लगे हैं। लोगों, के साथ प्रशासनिक अधिकारी एवं मीडिया कर्मियों की माने तो यह चाहे सीएमओ के प्रभार में रहे हो या ना रहे हो जब भी कोई सार्वजनिक समस्या आ जाती थी जितना उनका बस चलता था तत्काल किसी के ऊपर लक्षण लगाएं समस्या का समाधान किया करते थे। गत वर्षो भी काजलिया पर्व के अवसर पर बाजार क्षेत्र में इसी तरह बाजार में कीचड़ पानी भरा हुआ था जिस समस्या से इन्हें अवगत कराया गया तब रातों-रात यहां डस्ट गिट्टी डलवा कीचड़ पानी की समस्या से निजात दिलाया गया था लेकिन इस वर्ष लगातार खबर प्रकाशन कर कीचड़ पानी की समस्या से प्रभारी सहित प्रमुख जिम्मेदार अधिकारी को अवगत कराया गया लेकिन नगर प्रशासन का समूचा मजमा इस नजर अंदाज कर गया जहां कीचड़ के समस्या के बीच पुलिस व्यवस्था में लोगों ने उत्साह पूर्वक खजुलिया प्रवाहित की। इस दौरान भी नगर प्रशासन के अधिकारी कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधि दूरी बनाए रहे जो कई सवालों को जन्म दे रहा है।