सीधी/मझौली
जिले के जनपद पंचायत मझौली में विगत एक दो वर्षों से पंचायत सचिव एवं रोजगार सहायकों की स्थानांतरण एवं पदस्थापन चर्चा का विषय बना हुआ है। जो जनपद व जिले के अधिकारियों के कार्य प्रणाली पर भी सवालिया निशान लगा रहा है!
जहां भ्रष्टाचार एवं अनियमितता में संलिप्त सचिव एवं रोजगार सहायकों की शिकायत होने पर कार्यवाही करना तो उचित नहीं समझा जा रहा बल्कि शासन के नियमों को नजर अंदाज करते हुए उनको उस ग्राम पंचायत से हटाकर उनके मन मुताबिक चहेती पंचायत में पदस्थ किया जा रहा है।
नियम कानून को दरकिनार करते हुए पदस्थ ग्राम पंचायत से 30 से 40 किलोमीटर दूरी की ग्राम पंचायतों का अतिरिक्त प्रभार सौंपा जा रहा


जिसका ताजा मामला सचिव विनोद कुमार गुप्ता जो पूर्व में ग्राम पंचायत परसिली एवं चमराडोल मे पदस्थ था।
इस दौरान इन पर भ्रष्टाचार एवं अनियमितता का गंभीर आरोप लगाया गया था। जिनके खिलाफ पूर्व कलेक्टर श्री सोमबन्शी चमराडोल बाजार की नीलामी प्रक्रिया में कमियां पाए जाने पर बोली प्रक्रिया निरस्त करते हुए नए सिरे से कराए जाने तथा सचिव विनोद गुप्ता के खिलाफ कार्यवाही संस्थगित के आदेश किए थे। लेकिन कार्यवाही ना करते हुए दूसरी बोली जो 2/6/2025को जनपद स्तर से की गई उसमें भी पुनः इन्हीं को रखा गया जो पुनः पूर्व की तरह अपने चाहे तो को बाजार ना दिलवा पाने के व बाजार बैठकी की राशि गोलमाल किए जाने के उद्देश्य से अपने कूटनीतिक चाल से पुनः नियमों का उल्लंघन करते हुए बोली प्रक्रिया लटका दी गई लेकिन संबंधित बोलीदारो द्वारा कलेक्टर को अवगत कराने पर कार्यवाही के लिए बोले जाने पर उसे ग्राम पंचायत से हटा दिया गया।


जिसकी लगातार शिकायत के उपरांत लगभग 6 महीने बाद नाम मात्र की कार्यवाही करते हुए स्थानांतरित कर मनचाही पंचायत पनिहा में पदस्थ कर दिया गया था। लेकिन जैसे ही ग्राम पंचायत परसिली में पूर्व में किए गए भ्रष्टाचार एवं अनियमित की सुगबुगाहट उठीं तत्काल ही सचिव विनोद गुप्ता को ग्राम पंचायत परसिली का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया जबकि पदस्थ पंचायत पनिहा से ग्राम पंचायत परसिली की दूरी लगभग 30 से 40 किलोमीटर होगी। बताया जा रहा है कि सचिव विनोद गुप्ता अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में व्यस्त रहते हैं पनिहा ना जाने पर परसिली में तथा परसिली न जाने पर पनिहा में होना बता अपने अन्य व्यवसाय एवं गृह कार्य में व्यस्त रहते हैं। अभी हाल ही में 7 अगस्त 2026 को आयोजित चमराडोल में मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान की शिविर में भी ना तो सचिव विनोद गुप्ता देखें गए ना ही सरपंच एवं उनके प्रतिनिधि पति। इसी तरह से अन्य कई मामले सामने आ रहे हैं जहां कागजी घोड़े दौड़ा अधिकारियों की सेवा देने वाले सचिव,रोजगार सहायकों को शिकायत होने पर स्थानांतरित कर मनचाही ग्राम पंचायत में पदस्थ किया गया है। जबकि कागजी घोड़े ना दौड़ने एवं सेवाएं ना दे पाने वाले सचिव रोजगार सहायकों पर छोटी-मोटी कर्मियों के कारण कार्यवाही किए जाने का मामला प्रकाश में आ रहा है।