मौत के बाद अपनों ने ठुकराया तो राष्ट्रीय हिंदू सेना ने किया मजदूर का अंतिम संस्कार गंज मोक्षधाम में राष्ट्रीय हिंदू सेना के प्रदेश अध्यक्ष दीपक मालवीय ने दी मुखाग्नि यादव समाज से था मृतक रामदयाल
मौत के बाद अपनों ने ठुकराया तो राष्ट्रीय हिंदू सेना ने किया मजदूर का अंतिम संस्कार
गंज मोक्षधाम में राष्ट्रीय हिंदू सेना के प्रदेश अध्यक्ष दीपक मालवीय ने दी मुखाग्नि यादव समाज से था मृतक रामदयाल

जिंदगी में अपनों का साथ छूटा तो रामदयाल ने मजदूरी कर किसी तरह जीवन गुजारा,लेकिन मौत के बाद भी उसका अकेलापन खत्म नहीं हुआ।
मौत के बाद परिजनों ने शव लेने और अंतिम संस्कार तक से इनकार कर दिया।जब अपनों ने मुंह मोड़ा तो राष्ट्रीय हिंदू सेना के सदस्य उसके सहारा बने और अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी उठाई। गंज मोक्षधाम में प्रदेश अध्यक्ष दीपक मालवीय ने मुखाग्नि देकर रामदयाल को अंतिम विदाई दी।
वृंदावन कॉलोनी चिखलार में करीब दो माह से राजमिस्त्री का काम कर रहे रामदयाल यादव की 8 अगस्त को अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई थी। मौत की सूचना पर पुलिस की मदद से उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया,लेकिन उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।पुलिस और राष्ट्रीय हिंदू सेना के सदस्यों ने उसके परिजनों से संपर्क किया, लेकिन उन्होंने शव लेने, बैतूल आने और गांव ले जाकर अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। इसके बाद राष्ट्रीय हिंदू सेना ने अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी उठाई और गंज मोक्षधाम में अंतिम संस्कार कराया। प्रदेश अध्यक्ष दीपक मालवीय ने मुखाग्नि दी।
– जबलपुर में 10 साल की सजा काट चुका था रामदयाल
रामदयाल यादव पिछले कुछ समय से संजय देशमुख के पास राजमिस्त्री का काम कर रहा था।
संजय ने बताया कि रामदयाल दबक, थाना उमरेठ, जिला छिंदवाड़ा का निवासी था। वह करीब दो माह से वृंदावन कॉलोनी चिखलार में राजमिस्त्री का काम कर रहा था। 8 अगस्त को शाम 6:34 बजे जहां वह रह रहा था, वहां उसे अचानक अटैक आया। संजय देशमुख ने 112 पर सूचना देकर पुलिस की मदद से उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी मौत हो गई। रामदयाल पूर्व में धारा 302 के मामले में जबलपुर में करीब 10 वर्ष की सजा काट चुका था। उसके माता-पिता और पत्नी की पहले ही मृत्यु हो चुकी थी, जबकि उसके दो भाई वृद्ध बताए गए हैं।
– पुलिस के साथ गांव पहुंची टीम, परिजनों ने किया इनकार
मृतक के परिजनों की तलाश और अंतिम संस्कार के लिए संजय देशमुख बैतूल कोतवाली पुलिस की सूचना एवं सहायता से उमरेठ थाना पुलिस के साथ रात्रि में गांव दबक पहुंचे। पुलिस और गांव के कोटवार के साथ परिजनों से मुलाकात कर उन्हें रामदयाल की मौत की पूरी जानकारी दी गई। इसके बावजूद परिजनों ने बैतूल आने, शव गांव ले जाने और अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया।
– परिजनों के इनकार के बाद संगठन ने उठाया जिम्मा
परिजनों द्वारा अंतिम संस्कार से इनकार किए जाने के बाद राष्ट्रीय हिंदू सेना ने रामदयाल का अंतिम संस्कार कराने का निर्णय लिया। पुलिस की मौजूदगी में आवश्यक पंचनामा कार्रवाई के बाद जिला अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद संगठन के सदस्य शव को गंज मोक्षधाम ले गए, जहां अंतिम संस्कार किया गया।
– संगठन पदाधिकारियों ने बेसहारा नहीं छोड़ा
राष्ट्रीय हिंदू सेना के प्रदेश अध्यक्ष दीपक मालवीय ने कहा कि जब मृतक के परिजन अंतिम संस्कार के लिए आगे नहीं आए तो संगठन ने इंसानियत के नाते उसकी अंतिम विदाई की जिम्मेदारी उठाई। नगर युवा सह संयोजक करण उइके, युवा सचिव विक्रम धुर्वे और रोहित दिवान ने भी कहा कि संगठन ने मानवीय संवेदना को प्राथमिकता देते हुए मृतक को सम्मानजनक अंतिम विदाई दी।
अंतिम संस्कार में राष्ट्रीय हिंदू सेना के प्रदेश अध्यक्ष दीपक मालवीय, संजय देशमुख, चैतन्य गुप्ता, राकेश देहकर, राजू वागर्दे, श्याम ऐनिया और नाशिर खान सत्यम विश्वकर्मा , आशीष छोटू धौटे, अनीश धौटे,सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।