लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड: 14 छात्रों की मौत की पुष्टि, कई गंभीर; CM योगी ने दौरा रद्द कर संभाला मोर्चा, दोषियों पर कार्रवाई तय
News By-नितिन केसरवानी
लखनऊ: राजधानी लखनऊ के पुरनिया इलाके में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। एक दुकान में लगी आग ने देखते ही देखते पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। भवन के ऊपरी तल पर संचालित कोचिंग सेंटर में पढ़ रहे छात्र-छात्राएं धुएं और आग की लपटों के बीच फंस गए। हादसे में अब तक 14 छात्रों की आधिकारिक मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई छात्र गंभीर रूप से झुलस गए हैं। राहत एवं बचाव कार्य देर शाम तक जारी रहा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। धुएं और आग की लपटों से घिरी इमारत में फंसे छात्रों ने जान बचाने के लिए छज्जों और छतों से छलांग लगाई। स्थानीय लोगों ने भी अपनी जान जोखिम में डालकर बचाव कार्य में सहयोग किया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत अभियान शुरू किया।
धुएं से भरी इमारत में घंटों चला सर्च ऑपरेशन
अधिकारियों के मुताबिक भवन के भीतर लंबे समय तक धुआं भरा रहा, जिसके कारण बचाव कार्य में कठिनाइयां आईं। दमकल कर्मियों और राहत दलों ने विशेष उपकरणों की मदद से अंदर फंसे लोगों की तलाश की। कई झुलसे छात्रों को बाहर निकालकर तत्काल अस्पताल भेजा गया।
घायलों का इलाज किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) ट्रॉमा सेंटर में कराया जा रहा है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है।
मुख्यमंत्री योगी ने लिया तत्काल संज्ञान
घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल संज्ञान लिया और अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने और राहत कार्यों की लगातार निगरानी करने के आदेश दिए।
अलीगढ़ में प्रस्तावित अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर मुख्यमंत्री तत्काल लखनऊ लौटने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि इस दुखद घटना में जिन लोगों की जान गई है, उनके परिजनों के प्रति वह गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले की तह तक जाकर दोषियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
डीजीपी और अपर मुख्य सचिव गृह को मौके पर भेजा
मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और अपर मुख्य सचिव गृह को तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। वहीं डिप्टी सीएम सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों की समीक्षा की।
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल भी जानेंगे।
NOC पर उठे सवाल, जांच के आदेश
घटना के बाद भवन की सुरक्षा व्यवस्था और एनओसी (NOC) को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस इमारत में यह हादसा हुआ, वहां पर्याप्त आपातकालीन निकास मार्ग नहीं थे।
अब यह जांच का विषय बन गया है कि ऐसी इमारत को फायर विभाग और एलडीए की ओर से एनओसी कैसे जारी की गई। सूत्रों के अनुसार फायर विभाग, एलडीए और स्थानीय स्तर पर जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होगी। लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने जताया शोक, मुआवजे की घोषणा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है।
प्रदेशभर में शोक की लहर
कोचिंग सेंटर में पढ़ने वाले छात्रों की मौत की खबर फैलते ही पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई। परिजन अस्पतालों और घटनास्थल पर अपने बच्चों की तलाश में भटकते रहे। प्रशासन ने हेल्पलाइन और सहायता केंद्र भी स्थापित किए हैं।
घटना ने एक बार फिर शैक्षणिक संस्थानों और व्यावसायिक भवनों में अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने मामले की उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।