लोकेशन धामनोद
संवाददाता मोनू पटेल
*ग्रीष्मावकाश के बाद गुरुकुल स्कूल में छात्रों का भव्य स्वागत, शिक्षक श्री दीपक रॉय सम्मानित*
धामनोद, 22 जून 2026। ग्रीष्मावकाश की छुट्टियों के बाद सोमवार को गुरुकुल स्कूल, धामनोद में नए सत्र का शुभारंभ उल्लास और उमंग के साथ हुआ। प्रातःकालीन सभा में गणमान्य अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती का पूजन एवं दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत आरंभ किया गया।
सभा की शुरुआत ग्रीष्मावकाश के दौरान जन्मदिन मनाने वाले विद्यार्थियों के सामूहिक जन्मदिवस से हुई। सभी बच्चों को शुभकामनाएँ दी गईं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। इसके बाद विद्यालय में नव-नियुक्त शिक्षकों का स्वागत एवं परिचय कराया गया, ताकि छात्र उनसे परिचित हो सकें।
इसी अवसर पर विद्यालय के इकोनॉमिक्स शिक्षक श्री दीपक रॉय को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। उन्हें हाल ही में इंदौर में संस्थान विधिज्ञ द्वारा आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में मध्य प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रह्लाद पटेल द्वारा उत्कृष्ट शिक्षण कार्य के लिए पुरस्कृत किया गया था। इस उपलब्धि पर विद्यालय के निदेशक श्री ध्वज भंडारी, शैक्षणिक निदेशक श्री ए एल मुजुमदार और प्राचार्या डॉ शिल्पा शर्मा ने श्री दीपक रॉय का सम्मान किया और उनकी इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया।
छात्रों के स्वागत में शिक्षकों ने विशेष प्रस्तुतियाँ दीं। स्वागत गीत, मनमोहक नृत्य और प्रेरणादायक लघु नाटिका ने पूरे माहौल को जीवंत बना दिया। शिक्षकों की इन प्रस्तुतियों को देखकर बच्चे मंत्रमुग्ध हो गए और तालियों से उनका उत्साहवर्धन किया।
नए सत्र में पाठ्यक्रम-सहगामी गतिविधियों को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विद्यालय में सत्यम, शिवम, सुन्दरम तथा महेश्वरम नाम के चार सदनों का गठन किया गया। इन सदनों के हाउस मास्टर्स की घोषणा होते ही छात्र अत्यंत उत्साहित हो उठे। नई सदन प्रणाली से बच्चों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और टीम भावना विकसित होगी।
कार्यक्रम के अंत में प्राचार्या डॉ शिल्पा शर्मा ने सभी विद्यार्थियों का हार्दिक स्वागत करते हुए नए सत्र के लिए शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने अनुशासन, समय की पाबंदी और मेहनत को सफलता की कुंजी बताते हुए सभी को लगन से पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया।
ग्रीष्मावकाश के बाद लौटे सभी छात्र प्रसन्न एवं ऊर्जावान नजर आए। पूरे परिसर में नई उमंग, नई सीख और नए संकल्पों का वातावरण छाया रहा।