दामजीपुरा में बिजली संकट से हाहाकार
भीषण गर्मी में अंधेर नगरी जनता में भारी आक्रोश!
कलेक्टर दफ्तर का घेराव और उग्र आंदोलन की चेतावनी
बैतूल। जिला मुख्यालय से दूर दामजीपुरा क्षेत्र में इन दिनों बिजली विभाग की तानाशाही और लापरवाही के कारण आम जनता का जीना मुहाल हो गया है। आसमान से बरसती आग और उमस के बीच क्षेत्र में लगातार हो रही घंटों की अघोषित बिजली कटौती ने लोगों को खून के आंसू रोने पर मजबूर कर दिया है।
न दिन का चैन, न रात की नींद!
ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में बिजली आने-जाने का कोई निर्धारित समय नहीं रह गया है। दिनभर में दर्जनों बार ट्रिपिंग होती है, और रात होते ही घंटों के लिए बत्ती गुल कर दी जाती है। इस भीषण गर्मी में छोटे-छोटे मासूम बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं रात भर सो नहीं पा रहे हैं। कई परिवार तो पूरी रात घरों के बाहर सड़कों पर बैठकर सिर्फ बिजली आने का इंतजार करने को मजबूर हैं।
शिकायतों के बाद भी कुंभकर्णी नींद में सोया विभाग
क्षेत्रवासियों का कहना है कि बिजली संकट को लेकर स्थानीय स्तर से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक कई बार शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं, लेकिन बिजली विभाग इस गंभीर समस्या को लेकर रत्ती भर भी गंभीर नहीं है। अफसरों के इसी अड़ियल रवैये के कारण अब जनता का सब्र का बांध टूट चुका है।
कलेक्टर दफ्तर का घेराव और उग्र आंदोलन की चेतावनी
दामजीपुरा क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों और ग्रामीणों ने प्रशासन को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि 2 से 3 दिनों के भीतर बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया और अघोषित कटौती बंद नहीं हुई, तो क्षेत्र की जनता सड़कों पर उतरेगी। ग्रामीण जल्द ही कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर बिजली दफ्तर और कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।