सीधी जिला हॉस्पिटल की स्वास्थ्य व्यवस्था निगल गई एक और नवजात शिशु की जान? परिजनों ने लगाया स्वास्थ्य अमले पर गम्भीर आरोप, कठोर कार्यवाही की मांग।
सीधी जिला हॉस्पिटल की स्वास्थ्य व्यवस्था निगल गई एक और नवजात शिशु की जान?
परिजनों ने लगाया स्वास्थ्य अमले पर गम्भीर आरोप, कठोर कार्यवाही की मांग। 
सीधी/मझौली
मामला ऐसे ही कई कारनामों से चर्चित जिला अस्पताल सीधी से सामने आया है जहां की बादल स्वास्थ्य व्यवस्था ऑपरेशन से जन्मे 5 दिन जीवित रहने के बाद एक और नवजात शिशु की जान निगल ली! परिजनों ने डॉक्टर एवं स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाते हुए शासन प्रशासन से लापरवाह स्वास्थ्य कर्मियों पर कठोर दंडात्मक कार्यवाही की मांग किए हैं।
अरुणा सिंह पति राजेश सिंह चंदेल ग्राम नेबूहा थाना मझौली द्वारा स्वास्थ्य व्यवस्था व स्वास्थ्य कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया गया कि मैं अपने बहू को प्रशव हेतु 1 अप्रैल को जिला हॉस्पिटल में भर्ती कराया उसी दिन शाम 7 बजे के करीब ऑपरेशन से बच्ची जन्म लिए जो जन्म के समय स्वास्थ्य थी रो रही थी कर्मचारियों द्वारा तुरंत ही यह कहते हुए की एक-दो घंटे के लिए आईसीयू में रख देते हैं ले जाया गया जब दो-तीन दिन नहीं लाया गया तो हम लोग परेशान होने लगे दिखाने को कहने पर इधर-उधर की बातें कर टाल मटोल किया जाता रहा हमारे पति 3 अप्रैल को जब पहुंचे और दिखाने तथा स्वस्थ ना होने पर रेफर करने के लिए कहा जाने लगा उसे समय स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा कहा गया कि बच्ची स्वस्थ है आईसीयू में रखी है यदि ज्यादा परेशान करोगे तो पुलिस में कंप्लेंट करेंगे। तब हम लोग डर से कुछ नहीं बोल आज 5 –6अप्रैल के दरमियानी रात लगभग 2 बजे के करीब उपस्थित स्वास्थ्य स्टाफ द्वारा कहां गया कि आपकी बच्ची की तबीयत ज्यादा खराब है रेफर कर रही हूं रीवा ले जाइए जब मुझे रीवा ले जाने के लिए शिशु को दिया गया उसे समय उसके मुंह एवं अन्य जगहों से ब्लड निकल रहा था जो कपड़े में भी लगा था ले जाते समय हमें आभास हो रहा था कि यह खत्म हो चुकी है लेकिन रेफर कर एंबुलेंस में रीवा भिजवाया गया जहां से एंबुलेंस चालक हम लोगों को छोड़कर तुरंत ही वहां से भाग आया डॉक्टर ने देखते ही शिशु को मृत घोषित कर दिए। वहां से हम लोगों ने वहां बुक कर सीधी लाए सीधी में शिकायत के लिए घंटो खड़े रहे लेकिन वहां कोई नहीं पहुंचा तब हम लोग वहां से लेकर चले आए। मैं शासन प्रशासन से मांग करता हूं कि ऐसे लापरवाह स्वास्थ्य स्टाफ पर कठोर से कठोर दंडात्मक कार्यवाही कराई जाए ताकि ऐसी घटना की पुनरावृत्ति ना हो।