13 से 28 मार्च तक आरटीई के तहत निःशुल्क प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन
2 अप्रैल को ऑनलाइन लॉटरी से होगा स्कूल आवंटन
13 से 28 मार्च तक आरटीई के तहत निःशुल्क प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन
2 अप्रैल को ऑनलाइन लॉटरी से होगा स्कूल आवंटन
शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 12(1)(ग) के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए गैर-अनुदान प्राप्त मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में कमजोर वर्ग एवं वंचित समूह के बच्चों को निःशुल्क प्रवेश देने की प्रक्रिया घोषित कर दी गई है।
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 13 मार्च 2026 से प्रारंभ होकर 28 मार्च 2026 तक चलेगी। अभिभावक आरटीई पोर्टल www.rteportal.mp.gov.in� पर जाकर आवेदन पत्र भर सकते हैं। 2 अप्रैल 2026 को ऑनलाइन रैंडम लॉटरी के माध्यम से स्कूल आवंटन किया जाएगा।
आवेदन के दौरान अभिभावकों को अपने ग्राम/वार्ड, पड़ोस एवं विस्तारित पड़ोस के न्यूनतम 3 तथा अधिकतम 10 निजी विद्यालयों का चयन करना होगा। आवेदन के बाद निर्धारित सत्यापन केंद्र पर मूल दस्तावेजों के साथ सत्यापन अनिवार्य रहेगा। दस्तावेजों का मिलान न होने या मूल प्रति प्रस्तुत न करने पर आवेदन निरस्त किया जाएगा।
चयनित आवेदकों को एसएमएस के माध्यम से सूचना दी जाएगी तथा 3 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 के बीच संबंधित विद्यालय में प्रवेश की प्रक्रिया पूर्ण करनी होगी। प्रथम चरण के बाद रिक्त सीटों पर द्वितीय चरण में आवंटन किया जाएगा।
कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों को मिलेगा लाभ, आयु सीमा निर्धारित
आरटीई के तहत प्रवेश के लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, वनभूमि पट्टाधारी परिवार, विमुक्त जाति, दिव्यांग (मेडिकल बोर्ड प्रमाणित), एचआईवी ग्रस्त बच्चे, गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों के बच्चे, अनाथ एवं कोविड-19 से माता-पिता/अभिभावक को खो चुके बच्चे पात्र होंगे। मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना के हितग्राही भी पात्रता की श्रेणी में शामिल हैं।
आयु सीमा नवीन शिक्षा नीति के अनुसार निर्धारित की गई है। सत्र 2026-27 के लिए आयु की गणना इस प्रकार होगी—
नर्सरी: न्यूनतम 3 वर्ष, अधिकतम 4 वर्ष 6 माह
केजी-1: न्यूनतम 4 वर्ष, अधिकतम 5 वर्ष 6 माह
कक्षा-1: न्यूनतम 6 वर्ष, अधिकतम 7 वर्ष 6 माह
प्री-प्राइमरी कक्षाओं के लिए आयु की गणना वर्ष 2026 की स्थिति में तथा कक्षा 1 के लिए 30 सितंबर 2026 की स्थिति में की जाएगी।
राज्य शिक्षा केंद्र, भोपाल द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई जाएगी, ताकि पात्र बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिल सके।

