Breaking News in Primes

श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस ऋषभदेव, जड़भरत और अजामिल की कथा पाठ का हुआ भावपूर्ण वर्णन।

0 4

भगवान के नाम स्मरण से मिलता है परमधाम : श्रीकृष्ण चंद्र शास्त्री

 

श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस ऋषभदेव, जड़भरत और अजामिल की कथा पाठ का हुआ भावपूर्ण वर्णन।

 

*अरविंद सिंह परिहार सीधी*

 

शहर के डैनिहा स्थित शांतिनिकेतन बखरी शीला मुकुटधारी सिंह चौहान सेवानिवृत्त मुख्य नगर पालिका अधिकारी के घर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस दिन सुप्रसिद्ध कथावाचक भागवत भास्कर श्रीकृष्ण चंद्र शास्त्री ठाकुर जी महाराज ने ऋषभदेव, जड़ भरत और अजामिल की कथा पाठ का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के मुख्य यजवान शीला मुकुटधारी सिंह चौहान सहित उपस्थित श्रोताओं को उन्होंने महापुरुषों की सेवा का महत्व बताते हुए कहा कि महापुरुषों की सेवा मुक्ति का द्वार है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को संतों और महापुरुषों की सेवा एवं उनके बताए मार्ग का अनुसरण करना चाहिए।

ऋषभदेव जी के प्रसंग का वर्णन करते हुए शास्त्री जी ने बताया कि भगवान ऋषभदेव के सौ पुत्र थे। उन्होंने अपने पुत्रों को सुंदर उपदेश देते हुए महापुरुषों की सेवा को मुक्ति का मार्ग बताया। जब पुत्रों ने पूछा कि महापुरुषों की पहचान कैसे की जाए, तब ऋषभदेवजी ने बताया कि जिनका मन शांत रहता है, जो क्रोध से दूर रहते हैं तथा जिन्हें न अपमान का भय होता है और न ही सम्मान की इच्छा, वही सच्चे महापुरुष और संत हैं। पुत्रों को उपदेश देने के बाद ऋषभदेव जी ने अपने ज्येष्ठ पुत्र को राज्य की गद्दी सौंपी और स्वयं वन की ओर प्रस्थान कर गए।

कथा को आगे बढ़ाते हुए शास्त्री जी ने जड़ भरत जी के प्रसंग के साथ भूगोल और खगोल का वर्णन किया तथा अजामिल की कथा का विस्तार से विवेचन किया। उन्होंने बताया कि अजामिल ब्राह्मण कुल में जन्मे थे और नियमित रूप से संध्यावंदन तथा अग्निहोत्र किया करते थे। किंतु एक दिन वेश्या के आकर्षण में पड़कर उन्होंने उससे विवाह कर लिया। उनके दस पुत्र हुए, जिनमें सबसे छोटे पुत्र का नाम संतों के कहने पर नारायण रखा गया।अंतिम समय में नारायण नाम का स्मरण करने के प्रसंग के माध्यम से शास्त्री जी ने भगवान के नाम की महिमा बताई। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार अग्नि को स्पर्श करने पर वह जलाती है, उसी प्रकार भगवान का नाम किसी भी प्रकार से लिया जाए, उसका स्मरण मनुष्य को भगवान के परमधाम की प्राप्ति का मार्ग दिखाता है। कथा के समापन पर विधिवत आरती की गई। इस दौरान कथा के आयोजक विनय सिंह, अजय सिंह एवं अभय सिंह उपस्थित रहे।

 

*कथा श्रोताओं का उमड़ा जन सैलाब*

 

श्री कृष्ण चंद्र शास्त्री जी के मुखारविंद से सुमधुर ध्वनि में संचारित श्रीमद् भागवत कथा श्रवण करने कथा स्थल पर कथा श्रोताओं का जन सैलाब उमड रहा है जहां मुख्य यजवान के रूप में शीला मुकुटधारी सिंह चौहान विराजमान हो कथा श्रवण पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं वहीं क्षेत्र वरिष्ठ प्रबुद्ध जन तथा लोग भारी संख्या में पहुंच कथा श्रवण कर पुण्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं। आज तीसरे दिन की कथा में मुख्य रूप से पूर्व विधायक सीधी पंडित केदारनाथ शुक्ला, वर्तमान विधायक सीधी रीती पाठक,पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल, नगर पालिका उपाध्यक्ष दान बहादुर सिंह चौहान, रुद्र प्रताप सिंह, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष देवेन्द्र सिंह मुन्नू, ज्ञानेन्द्र द्विवेदी, एड. मदन प्रताप सिंह, आकाश सिंह रिंकू, मंगलेश्वर सिंह, शत्रुहन तिवारी, कमल कामदार, अंजल पाण्डेय, अमलेश्वर चतुर्वेदी, सुरेन्द्र पांडेय, भूपेन्द्र पांडेय, पत्रकार प्रवीण तिवारी, अखिलेश चतुर्वेदी कामता सिंह, बाबा सिंह के साथ हजारों की संख्या में लोग पहुंच कथा रसपान किये।

This error message is only visible to WordPress admins

Error 403: The request cannot be completed because you have exceeded your quota..

Domain code: youtube.quota
Reason code: quotaExceeded

Error: No videos found.

Make sure this is a valid channel ID and that the channel has videos available on youtube.com.

Leave A Reply

Your email address will not be published.

Don`t copy text!