*भगवान राम की भविष्यवाणी सच साबित होते दिख रही है*
शास्त्रों के अनुसार तो भगवान राम ने हजारों करोड़ों वर्ष पूर्व त्रेतायुग में अवतार लिया और ब्राह्मण कुल में जन्मे राक्षस का वध कर धर्म की पुनः स्थापना की और चारों और राम मय वातावरण बना शास्त्रों के अनुसार भगवान राम ने एक माता सीता को कहा था कि कलयुग में हंस दाने कुनके खाकर जीवन व्यतीत करेंगे और झुठे फरेबी चोर निकमे राज करेंगे।
जो गरीबों को कुचलेगा वो बलवान कहलाएगा।
ऐसा ही हाल वर्तमान समय में रतलाम जिले के आलोट नगर में देखने को मील जाएगा यहां पर एक नहीं कई ऐसे कीर्तिमान है जो रावण रुपी धर्म का चोला ओढ़कर अपने आप को सनातन धर्म का मसीहा बताते फिरते हैं पर असल में ये रावण से भी कई कदम आगे है।

यहां पर राजे रजवाड़े के समय पर मंदिर और दरगाह के नाम पर उस समय के राजाओं द्वारा दान दी गई जमीनो को गबन किया जा रहा है और ये कारनामे कोई और नहीं इनके रक्षक और हिंदूवादी नेता द्वारा ही किया जा रहा है आलोट शहर में स्थित भगवान खाकी जी महाराज की संपत्ति हो या श्री राम अस्तल मंदिर या फिर छताशाह बाबा की जमीन अगर ईमानदारी से जांच की जाए तो कई बड़े नाम वाले सफेद पोश नेता और फर्जी भगवाधारी सेवक हो या पांच टाइम की नमाज पढ़ने वाले नमाज़ी हो सभी ने अपने अपने समय में इन संपत्तियों का दुरुपयोग किया और गबन की छताशाह बाबा की जमीन पर अवेध मकान बने है तो श्री राम अस्तल मंदिर की जमीन पर पुरा गांव बसा दिया गया हो तो दुसरी और नामदार कुंदनमल जेन जो खुद एक करोड़पति व्यापारी हैं के नाम पर खाकी जी महाराज की संपत्ति आलोट के फर्जी भगवाधारी नेता जो उस समय में नगर परिषद के अध्यक्ष जेसे संवेदनशील पद पर बेठकर व्यापरी और चोरो की चापलूसी कर शासकीय मंदिर की संपत्ति उन्होंने और उनके जीजा श्री जो उस समय प्रभारी नगर परिषद अधिकारी थे ने कुट रचित तरीके से कुंदनमल जेन और उसकी मृत्यु उपरांत उसकी परिवार की महिला दिपीका पति संजय के नाम पर पर भगवान खाकी जी महाराज की संपत्ति जो जगदेवगंज में स्थित है को हेरा-फेरी कर दी शायद भगवान राम को युगों पहले ही पता चल गया था कि कलयुग में ब्राह्मण और जेन वंश में जन्म लेने वाले रावण और कालनेमी आएंगे और उनकी संपत्ति को नामदार चोर के नाम पर कर देंगे और सता में बेठे सत्ताधीश हो या प्रशासनिक अधिकारी सब के मुंह में दही जम जाएगा चाहे मय सबुत कितनी भी शिकायत कर दो सता में बेठे अजगर हो या मोटी चमड़ी लिए लाल फिता शाही अधिकारी किसी को कोई फर्क नहीं पड़ेगा और ना ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में बेठे धृतराष्ट्र को यहां सब अंधे बनकर बेठे है विचारणीय प्रश्न तो यह है कि मंदिर की संपत्ति आठ सो साल राज करने वाले किसी मुसलमान ने दबाई है और ना ही दो सालों राज करने वाले अंग्रेजो ने ये सारा काम हुआ है भाजपा की सरकार में और भाजपाई द्वारा किया गया अगर एक गरीब आदमी अपने परिवार को पालने के लिए सरकारी जमीन पर बेठकर छोटी सी दुकान भी चलाने लगे तो तो इन भाजपा के कालनेमी राक्षसों के पेट में दर्द होने लगता है और ये खुद मंदिर और सनातन धर्म की उठाईगीरी नेतागिरी करने वाले भगवान की संपत्ति को
भी हेरा-फेरी कर दे तो चलेगा अगर प्रशासन में बेठे मोटी चमड़ी लिए अधिकारी सही से जांच करे तो दुध का दुध और पानी का पानी सामने आने में देर नहीं लगेगी सुत्रो हे प्राप्त जानकारी से आलोट के पूर्व विधायक तक ने भगवान श्री राम अस्तल मंदिर की जमीन को बेचा है वहीं पूर्व अध्यक्ष और उनके रिश्तेदार ने खाकी जी महाराज की संपत्ति को कुंदनमल जेन के नाम पर कर दी और सबसे विचारणीय प्रश्न यह की जब खाकी जी महाराज की बाकी बची कुछ और संपत्ति को राजस्थान के भू-माफिया ने खरीद ली तो उन पर FIR हो गई और वो लोग जेल भी रहकर आए तो बाकी के मामलों में कार्रवाई क्यों नहीं हुई खाकी जी महाराज की एक संपत्ति पर कर्नाटक के राज्यपाल के नजदीकी नेता का कब्जा बताया जाता है तो एक पर आई टी आई खुल गई पर सबकी आंखें बन्द है क्योंकि सब खेल लक्ष्मी का है अब देखना है कि आलोट के अनुविभागीय अधिकारी सोनकर साहब कुंभकरण की निंद निकालते हैं या सचे और इमानदार बनकर इन कालनेमीयो पर कार्रवाई करते हैं।
रतलाम से प्राइमस संदेश जिला न्यूज ब्यूरो प्रमुख शेरिल रश्मि साल्वी की रिपोर्ट