- *धुलकोट। बुरहानपुर*
*संवाददाता दिलीप बामनिया*
जनजातीय गौरव, संस्कृति और अस्मिता के संरक्षण का संकल्प

15 नवंबर को बोरी बुजुर्ग में मनाया जाएगा जनजाति गौरव दिवस, समाज के वरिष्ठजनों एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने बनाई रूपरेखा
धुलकोट क्षेत्र में बोरी बुजुर्ग। भगवान बिरसा मुंडा की जयंती एवं जनजाति गौरव दिवस 15 नवंबर 2026 को ग्राम पंचायत बोरी बुजुर्ग में भव्य रूप से मनाने की तैयारियों को लेकर जनजाति समाज के वरिष्ठजनों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनजातीय समाज की गौरवशाली परंपराओं, रीति-रिवाजों, भाषा, वेशभूषा तथा जल, जंगल और जमीन के संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। बैठक में सर्वसम्मति से जनजाति गौरव दिवस को उत्साहपूर्वक मनाने की योजना बनाई गई।

बैठक की अध्यक्षता भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के जिला अध्यक्ष सुभाष चौहान ने की। इस दौरान उपस्थित समाजजनों ने भगवान बिरसा मुंडा के संघर्ष, त्याग और जनजातीय समाज के अधिकारों एवं स्वाभिमान के लिए उनके योगदान को स्मरण करते हुए उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर दिया।
बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि जनजातीय समाज की पहचान उसकी समृद्ध संस्कृति, पारंपरिक जीवनशैली, लोकभाषा, वेशभूषा और प्रकृति के साथ उसके गहरे संबंधों में निहित है। इन सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित करना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना सामूहिक जिम्मेदारी है।

बैठक में जिला पंचायत सदस्य सुमित अग्रवाल, भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष संतोष महाजन, वनवासी कल्याण परिषद से काशीराम मोरे, तिख्या मोरे, मुकेश खरते, गुलाब मुजाल्दा, नींबू सोलंकी, नवल जी, सुखलाल जी अलावे, फूलचंद सोलंकी सहित विभिन्न संगठनों के पूर्णकालिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि एवं क्षेत्र के वरिष्ठजन उपस्थित रहे।
सभी उपस्थितजनों ने एक स्वर में भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना के पर्व के रूप में मनाने का संकल्प लिया। साथ ही समाज के अधिकाधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने तथा जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और प्रकृति संरक्षण के संदेश को व्यापक स्तर पर पहुंचाने की दिशा में मिलकर कार्य करने पर सहमति व्यक्त की।
*धुलकोट से संवाददाता दिलीप बामनिया की रिपोर्ट*