विकास खंड जुन्नारदेव के मॉडल स्कूल में कक्षा पहली एवं दूसरी पढ़ाने वाले शिक्षकों का चार दिवसीय एफएलएन प्रशिक्षण सम्पन्न
बच्चों की बुनियादी दक्षताओं को मजबूत करना FLN का मुख्य उद्देश्य: शरद कुमार शिववेदी
विकास खंड जुन्नारदेव के मॉडल स्कूल में कक्षा पहली एवं दूसरी पढ़ाने वाले शिक्षकों का चार दिवसीय एफएलएन प्रशिक्षण सम्पन्न
जुन्नारदेव — FLN प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल शिक्षकों को जानकारी देना नहीं, बल्कि बच्चों में बुनियादी साक्षरता एवं संख्याज्ञान की मजबूत नींव तैयार करना है। प्रशिक्षण में प्राप्त गतिविधियों, विधियों एवं अवधारणाओं को शिक्षक कक्षा-कक्ष में प्रभावी रूप से लागू करें और प्रत्येक बच्चे की सीखने की प्रगति पर निरंतर ध्यान दें।यह विचार बीआरसीसी जुन्नारदेव अरविन्द डहेरिया ने प्रशिक्षण स्थल में कक्षा 1 एवं 2 पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए आयोजित 4 दिवसीय एफएलएन प्रशिक्षण में व्यक्त किये।
उन्होंने कहा कि बच्चों को सीखने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने के साथ उनकी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करना आवश्यक है। शिक्षक बच्चों के सीखने के स्तर और उनकी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए गतिविधि आधारित एवं बाल-केंद्रित शिक्षण को अपनाएं। प्रशिक्षण की वास्तविक सार्थकता तभी होगी, जब इसका सकारात्मक प्रभाव बच्चों के सीखने में दिखाई दे।
चार दिवसीय प्रशिक्षण में विषयवस्तु पर केंद्रित चर्चा
विकासखंड जुन्नारदेव में शिक्षकों के लिए आयोजित चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में FLN आधारित शिक्षण को प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया। प्रशिक्षण तीन चरणों में संपन्न किया गया। प्रशिक्षण के दौरान विषयवस्तु पर केंद्रित चर्चा के साथ गतिविधि आधारित शिक्षण एवं उसके कक्षा-कक्ष में प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष फोकस किया गया।
हिन्दी , अंग्रेजी एवं गणित के मास्टर ट्रेनर दे रहे प्रशिक्षण
अंग्रेजी में शरद कुमार शिववेदी , निशा बानी, गणित में धनंजय वर्मा, दिनेश ठाकरिया और हिंदी में शिवनाथ यदुवंशी, रामचरण यादव के द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया ।
प्रशिक्षण में प्रत्येक विषय की विषयवस्तु को सरल एवं व्यवहारिक तरीके से समझाते हुए शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की गई।
इस दौरान FLN प्रभारी एवं बीएसी करुणा कुरोलिया ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण की सार्थकता तभी है, जब प्रशिक्षण में सीखी गई गतिविधियों एवं शिक्षण विधियों का कक्षा-कक्ष में नियमित उपयोग हो और उसका प्रभाव बच्चों के सीखने के स्तर में दिखाई दे। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों के स्तर एवं आवश्यकता के अनुरूप बाल-केंद्रित और गतिविधि आधारित शिक्षण अपनाने का आह्वान किया।
प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षकों की क्षमता को सुदृढ़ करते हुए बच्चों की बुनियादी साक्षरता एवं संख्याज्ञान को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य करने हेतु विशेष रूप से मास्टर ट्रेनर शरद कुमार शिववेदी के द्वारा प्रेरित किया गया।
प्रशिक्षण उपरांत विकासखंड के नवाचारी शिक्षक एवं साहित्यकार शरद कुमार शिववेदी की कविताएं “नारी की महिमा” व “राम की महिमा” हिंदी दिवस पर* काव्य कलश * पुस्तक में प्रकाशित होने पर बी आर सी महोदय द्वारा पुस्तक भेंट कर विशेष रूप से सम्मानित किया गया।