गोवंश तस्करी के कुख्यात आरोपी कफील खान को हाईकोर्ट से झटका, जमानत याचिका निरस्त बीजादेही थाना क्षेत्र में 10 गोवंश बरामदगी का मामला राष्ट्रीय हिंदू सेना ने अधिवक्ताओं के माध्यम से जमानत का विरोध किया
गोवंश तस्करी के कुख्यात आरोपी कफील खान को हाईकोर्ट से झटका, जमानत याचिका निरस्त
बीजादेही थाना क्षेत्र में 10 गोवंश बरामदगी का मामला
राष्ट्रीय हिंदू सेना ने अधिवक्ताओं के माध्यम से जमानत का विरोध किया
बैतूल। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर ने बैतूल जिले के बीजादेही थाना क्षेत्र में दर्ज गोवंश तस्करी के मामले में आरोपी कफील खान की प्रथम जमानत याचिका खारिज कर दी। सुनवाई के दौरान राष्ट्रीय हिंदू सेना के प्रदेश अध्यक्ष दीपक मालवीय ने अधिवक्ताओं के माध्यम से जमानत का विरोध किया था।
पुलिस एवं अदालती दस्तावेजों के अनुसार कफील खान पिता अमीर खान, निवासी पिंजरा मोहल्ला, माखन नगर, नर्मदापुरम के खिलाफ बीजादेही थाने में अपराध दर्ज है। मामले में मध्यप्रदेश गो-वंश वध प्रतिषेध अधिनियम 2004, मध्यप्रदेश कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम, पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम 1960 तथा भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
31 जुलाई 2026 की तड़के हुई घटना के संबंध में बताया गया है कि दो पिकअप वाहनों से गोवंश ले जाए जाने की सूचना मिलने पर राष्ट्रीय हिंदू सेना के कार्यकर्ताओं ने वाहनों का पीछा किया और बीजादेही पुलिस को सूचना दी। टांडा रोड पर एक वाहन के फंसने के बाद पीछा कर रहे वाहन और पिकअप के बीच टक्कर होने की बात भी सामने आई है। इसके बाद पुलिस एवं कार्यकर्ताओं की संयुक्त कार्रवाई में दो पिकअप वाहन पकड़े गए और कफील खान को गिरफ्तार किया गया, जबकि उसके कुछ साथी मौके से भाग गए।
पुलिस कार्रवाई में पिकअप वाहन क्रमांक एमपी05जी6194 और एमपी38जी0405 से कुल 10 गोवंश बरामद किए गए। दस्तावेजों के अनुसार वाहनों में लकड़ी की पट्टियों से बनाए गए पार्टीशन के भीतर गोवंश को रस्सियों से बांधकर रखा गया था। पुलिस ने गोवंश का चिकित्सीय परीक्षण कराने के बाद उन्हें गोशाला भिजवाया।
राष्ट्रीय हिंदू सेना की ओर से अदालत में आरोपी के पूर्व के मामलों का भी उल्लेख करते हुए जमानत का विरोध किया गया। संगठन का दावा है कि आरोपी के खिलाफ बैतूल एवं नर्मदापुरम जिले के विभिन्न थानों में गोवंश तस्करी से संबंधित कई प्रकरण दर्ज हैं। इससे पहले बैतूल जिला न्यायालय में भी आरोपी की जमानत याचिका खारिज होने की बात संगठन की ओर से कही गई है।
हाईकोर्ट द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद राष्ट्रीय हिंदू सेना ने फैसले का स्वागत किया है। संगठन ने गोवंश तस्करी के मामलों में आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।
– न्यायालय में आपत्ति के अहम आधार बने ये सबूत
राष्ट्रीय हिंदू सेना की ओर से जमानत का विरोध करते समय न्यायालय के समक्ष गोवंश तस्करी में इस्तेमाल किए गए वाहनों, पिकअप में क्रूरतापूर्वक भरे मिले गोवंश के फोटो, आरोपी से संबंधित छह एफआईआर तथा गोवंश को छिपाकर ले जाने के लिए इस्तेमाल की गई बोरियों और तिरपाल के फोटो सहित अन्य दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। संगठन के अनुसार, इन साक्ष्यों को जमानत पर सुनवाई के दौरान अहम आधार के रूप में रखा गया।