News By- हिमांशु उपाध्याय / नितिन केसरवानी
बिना पंजीकरण इलाज, योग्य चिकित्सक नहीं मिलने समेत कई गंभीर खामियां मिलीं; CMO ने तीन दिन में अभिलेख मांगे, नहीं तो FIR की चेतावनी
कौशाम्बी: पिपरी थाना क्षेत्र के चायल कस्बे में संचालित स्टार केयर हॉस्पिटल में 15 माह के मासूम सूरज की इलाज के दौरान मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार को जांच के लिए पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम को अस्पताल में ताला लटका मिला। टीम ने अस्पताल को सीज कर दिया। वहीं, जांच के दौरान अस्पताल के संचालन और चिकित्सकीय व्यवस्थाओं को लेकर कई गंभीर अनियमितताएं सामने आने का दावा किया गया है। कुरई ऊपरहार निवासी मुकेश कुमार अपने 15 माह के बेटे सूरज को गुरुवार सुबह करीब पांच बजे गंभीर हालत में स्टार केयर हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे। उपचार के दौरान मासूम की मौत हो गई। बच्चे की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मामले को गंभीरता से लेते हुए शुक्रवार 4 सितंबर 2026 को डिप्टी सीएमओ डॉ. ललित, डॉ. अशोक मौर्या और सीएचसी प्रभारी चायल डॉ. संजय कुमार की टीम स्टार केयर हॉस्पिटल पहुंची। लेकिन अस्पताल बंद मिला और मुख्य द्वार पर ताला लटका हुआ था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल को सीज करने की कार्रवाई की।

CMO के नोटिस में कई गंभीर अनियमितताओं का उल्लेख
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी नोटिस में अस्पताल का पंजीकरण न होने, बिना चिकित्सीय योग्यता के चिकित्सा व्यवसाय किए जाने और निरीक्षण के समय कोई योग्य चिकित्सक उपलब्ध नहीं मिलने का उल्लेख किया गया है। नोटिस के अनुसार अस्पताल में एलोपैथिक पद्धति से चिकित्सा सेवाएं और इंडोर सेवाएं संचालित पाई गईं। इसके अलावा अस्पताल में पर्याप्त स्थान, पैरामेडिकल एवं नर्सिंग स्टाफ की कमी, अग्निशमन प्रमाणपत्र तथा बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट से संबंधित प्रमाणपत्र उपलब्ध न होने जैसी कमियां भी दर्ज की गई हैं। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल प्रबंधन को तीन दिन के भीतर चिकित्सा व्यवसाय से संबंधित शैक्षिक योग्यता, मेडिकल रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र और मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से संबंधित पंजीकरण प्रमाणपत्र मूल रूप में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। एक तरफ 15 माह के मासूम की अस्पताल में मौत और दूसरी तरफ जांच टीम के पहुंचने पर अस्पताल में ताला मिलना, पूरे मामले को और गंभीर बना रहा है। अब सवाल यह है कि अस्पताल में मासूम का इलाज किन परिस्थितियों में हुआ, कौन चिकित्सक उपचार कर रहा था और उसकी मौत के पीछे वास्तविक वजह क्या थी? स्वास्थ्य विभाग की जांच और उपलब्ध चिकित्सकीय अभिलेखों के परीक्षण के बाद ही इन सवालों का जवाब सामने आएगा। फिलहाल अस्पताल सीज होने के बाद निजी अस्पतालों के पंजीकरण और चिकित्सकीय व्यवस्थाओं की निगरानी को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।