राइस मिल में हैवानियत! 16 वर्षीय हेल्पर के गुप्तांग में एयर कंप्रेसर से भरी हवा, आंत फटने से दर्दनाक मौत
News By-नितिन केसरवानी
प्रयागराज: औद्योगिक थाना क्षेत्र स्थित एक राइस मिल में काम करने वाले 16 वर्षीय किशोर के साथ कथित रूप से हुई अमानवीय प्रताड़ना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। आरोप है कि मिल में कार्यरत चार कर्मचारियों ने पहले किशोर की बेरहमी से पिटाई की और फिर एयर कंप्रेसर की पाइप उसके गुप्तांग में लगाकर हवा भर दी। गंभीर रूप से घायल किशोर की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मचा है, जबकि पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
मृतक की पहचान मेजा थाना क्षेत्र के हरगढ़ कोहड़ार निवासी अंश गौतम (16) के रूप में हुई है। अंश औद्योगिक क्षेत्र स्थित एफटी राइस मिल में हेल्पर के तौर पर कार्य करता था और अपने बड़े भाई अंशू के साथ रहकर नौकरी कर रहा था।
पुलिस के अनुसार, बुधवार रात अंश अपनी ड्यूटी पर था। गुरुवार सुबह करीब पांच बजे राइस मिल के दो कर्मचारी उसके बड़े भाई अंशू के कमरे पर पहुंचे और बताया कि अंश की तबीयत अचानक खराब हो गई है। सूचना मिलते ही अंशू मिल पहुंचा तो उसने अपने छोटे भाई को जमीन पर दर्द से तड़पते हुए देखा। उसका पेट असामान्य रूप से फूला हुआ था और उसके पास एयर प्रेशर की पाइप पड़ी थी।
परिजनों का आरोप है कि किसी बात को लेकर मिल के चार कर्मचारियों ने पहले अंश की बेरहमी से पिटाई की। इसके बाद उसके साथ अमानवीय व्यवहार करते हुए एयर कंप्रेसर की नली से उसके शरीर में हवा भर दी, जिससे उसकी आंत फट गई और उसकी हालत गंभीर हो गई।

अंशू तत्काल उसे एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां चिकित्सकों ने उसका इलाज शुरू किया, लेकिन गुरुवार शाम करीब सात बजे उसने दम तोड़ दिया। किशोर की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही एसीपी करछना सुनील कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कराई। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को हिरासत में लिया है, जबकि दो अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
पुलिस का कहना है कि परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की पुष्टि होने पर साक्ष्यों के अनुसार उचित धाराएं बढ़ाई जाएंगी। वहीं, इस घटना ने औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा और कार्यस्थलों पर होने वाली हिंसा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।