News By-नितिन केसरवानी
पीएचसी मूरतगंज परिसर में बना निःशुल्क रैन बसेरा, मरीजों के तीमारदारों, यात्रियों और बेसहारा लोगों को मिलेगा ठहरने का सुरक्षित स्थान
भरवारी (कौशाम्बी): नगर पालिका परिषद भरवारी द्वारा जरूरतमंदों, मरीजों के परिजनों और राहगीरों की सुविधा के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) मूरतगंज परिसर में निर्मित आधुनिक रैन बसेरा का गुरुवार को विधिवत लोकार्पण किया गया। नगर अध्यक्ष कविता पासी ने फीता काटकर भवन का उद्घाटन किया और इसके बाद रैन बसेरा को प्रभारी चिकित्साधिकारी मूरतगंज को हैंडओवर कर दिया।
उद्घाटन के बाद नगर अध्यक्ष कविता पासी ने अस्पताल में भर्ती गर्भवती महिलाओं को फल वितरित कर उनके बेहतर स्वास्थ्य की कामना की। उन्होंने कहा कि नगर पालिका का उद्देश्य असहाय, गरीब, जरूरतमंद एवं खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर लोगों को सुरक्षित और सम्मानजनक आश्रय उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि रैन बसेरा में रहने वालों के लिए सभी आवश्यक सुविधाओं का ध्यान रखा गया है ताकि किसी भी मौसम में लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

नगर अध्यक्ष ने बताया कि रैन बसेरा में सामाजिक दूरी के मानकों के अनुरूप बिस्तरों की व्यवस्था की गई है। यहां ठहरने वाले लोगों के लिए सैनिटाइजर, मास्क और साबुन जैसी आवश्यक स्वच्छता सामग्री भी निःशुल्क उपलब्ध रहेगी। उन्होंने कहा कि नगर में किसी भी कार्य से आने वाले यात्री, मरीजों के तीमारदार अथवा जरूरतमंद व्यक्ति सर्दी, गर्मी और बारिश के दौरान बिना किसी शुल्क के यहां रुक सकते हैं।
अधिशासी अधिकारी रामसिंह सिंह ने बताया कि रैन बसेरा का संचालन पूरी व्यवस्था के साथ किया जाएगा। यहां ठहरने वाले लोगों के लिए रहने के साथ-साथ स्नान की भी सुविधा उपलब्ध कराई गई है। सुरक्षा और पारदर्शिता को देखते हुए रैन बसेरा में ठहरने के लिए आधार कार्ड दिखाना अनिवार्य होगा। भवन की देखरेख के लिए कर्मचारियों की तैनाती भी की गई है।
इस अवसर पर एडवोकेट आशीष पासी, डॉ. कुश शर्मा, डॉ. आदित्य रावत, लेखा लिपिक बबलू गौतम, सभासद मोहम्मद शादाब, पीएचसी के स्वास्थ्यकर्मी तथा नगर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

रैन बसेरा की प्रमुख सुविधाएं
जरूरतमंदों और यात्रियों के लिए निःशुल्क रात्रि विश्राम।
मरीजों के तीमारदारों के ठहरने की सुविधा।
बिस्तर, स्नान एवं स्वच्छता की समुचित व्यवस्था।
सैनिटाइजर, मास्क और साबुन निःशुल्क उपलब्ध।
भवन की निगरानी के लिए कर्मचारियों की तैनाती।
आधार कार्ड के माध्यम से प्रवेश की व्यवस्था।