Breaking News in Primes

तलैया मंदिर बैरसिया में माता गोदा–भगवान रंगनाथ का दिव्य विवाह पाँच दिवसीय उत्सव का मंत्रोच्चार के साथ समापन

0 17

तलैया मंदिर बैरसिया में माता गोदा–भगवान रंगनाथ का दिव्य विवाह

 

पाँच दिवसीय उत्सव का मंत्रोच्चार के साथ समापन

 

राहुल गोस्वामी नजीराबाद ।। महेश्वरी अग्रवाल समाज तलैया मंदिर, बैरसिया में माता गोदा एवं भगवान रंगनाथ के पावन विवाह का पाँच दिवसीय उत्सव बुधवार को मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर भव्यता और धार्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। अंतिम दिन वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पंडित नरेन्द्र शास्त्री द्वारा विधि-विधान से विवाह संस्कार सम्पन्न कराया गया।

मकर संक्रांति के दिन मंदिर परिसर में मंडप सजाया गया, जहां भगवान रंगनाथ (विष्णु) और माता गोदा (लक्ष्मी) को विराजमान कर हवन, फेरे एवं अन्य वैवाहिक रस्में पूरी की गईं। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर भक्तिरस और जयकारों से गूंजता रहा।

 

पाँच दिनों तक चले मांगलिक आयोजन

 

पाँच दिवसीय विवाह उत्सव के दौरान माता गोदा को दुल्हन के स्वरूप में सजाया गया। हल्दी, मेंहदी सहित विभिन्न मांगलिक कार्यक्रम अलग-अलग दिनों में आयोजित किए गए, जिनमें माहेश्वरी अग्रवाल समाज जनों और श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई।

भव्य बरात ने बढ़ाया उत्सव का गौरव

 

विवाह उत्सव के अंतिम दिन भगवान रंगनाथ की भव्य बरात नगर में निकाली गई। बरात स्थानीय सांवलिया मंदिर से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई परंपरागत वाद्य यंत्रों की मधुर ध्वनि के साथ तलैया मंदिर पहुँची। मार्ग में धार्मिक, सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों के साथ-साथ नगरवासियों ने पुष्प वर्षा कर बरात का स्वागत किया।

जयमाला और फेरे देख भक्त हुए भावविभोर

मंदिर में जयमाला कार्यक्रम के दौरान माता गोदा की पालकी भगवान रंगनाथ के समक्ष लाई गई, जहां दोनों ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई। इसके पश्चात मंडप में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन हुआ और अग्नि को साक्षी मानकर फेरे संपन्न कराए गए।

 

मंगलसूत्र धारण और विदाई

 

फेरे के बाद भगवान रंगनाथ ने माता गोदा को मंगलसूत्र धारण कराया। इस पावन क्षण के साक्षी बने श्रद्धालुओं ने जयकारों से वातावरण भक्तिमय कर दिया। लगभग चार घंटे चले विवाह महोत्सव के बाद माता गोदा की विदाई की रस्म निभाई गई। आकर्षक आतिशबाजी के बीच माता गोदा एवं भगवान रंगनाथ को पालकी में विराजमान कर मंदिर प्रांगण में भ्रमण कराया गया, जिसके साथ ही पाँच दिवसीय विवाह उत्सव का समापन हुआ।

धार्मिक मान्यता

पंडित नरेन्द्र शास्त्री ने बताया कि धार्मिक मान्यता के अनुसार माता गोदा ने भगवान रंगनाथ को पति रूप में पाने के लिए एक माह तक माता कात्यायनी की आराधना और व्रत किया था। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान रंगनाथ ने विवाह स्वीकार किया। तभी से यह उत्सव प्रति वर्ष मंदिर में विधि-विधान से मनाया जाता है।

यह आयोजन श्रद्धा, परंपरा और सामाजिक एकता का अनुपम उदाहरण बना, जिसमें नगरवासियों की आस्था और सहभागिता देखते ही बनती थी।

This error message is only visible to WordPress admins

Error 403: The request cannot be completed because you have exceeded your quota..

Domain code: youtube.quota
Reason code: quotaExceeded

Error: No videos found.

Make sure this is a valid channel ID and that the channel has videos available on youtube.com.

Leave A Reply

Your email address will not be published.

Don`t copy text!