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मध्यप्रदेश में एक नये युग की शुरूआत : वस्त्र एवं परिधान के लिये अवसर पर सत्र का आयोजन

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भोपाल

सचिव, वस्त्र मंत्रालय श्रीमती नीलम शमी राव ने भारत सरकार द्वारा टैक्सटाइल क्षेत्र में निवेश के लिये दी जा रही सुविधाओं एवं महत्वपूर्ण योजनाओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा उद्योग है, जो सिन्धु घाटी सभ्यता से स्थापित है। भारत प्राचीनकाल से ही टैक्सटाइल उद्योग में विश्व का अग्रणी देश है। मध्यप्रदेश में सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों का एक सशक्त नेटवर्क होने से यह टैक्सटाइल उद्योग के लिये सर्वाधिक अनुकूल है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की नीतियाँ सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों पर केन्द्रित हैं।

उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के “5-एफ विजन” फार्म, फाइबर, फैक्ट्री, फैशन और फॉरेन पर जोर देते हुए कहा कि देश में उत्पाद मूल्य श्रृंखला के सभी तत्व मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि वस्त्र उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये केन्द्र सरकार देश के विभिन्न राज्यों में 7 पीएम मित्र पार्क स्थापित कर रही है। देश का सबसे बड़ा पीएम मित्र पार्क राज्य के धार जिले में स्थापित किया जा रहा है। इससे एक लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार एवं 2 लाख से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। राज्य ने सूक्ष्म एवं लघु उद्योग स्थापित करने में बेहतर कार्य किया है। सचिव, श्रीमती राव ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दूसरे दिन टैक्सटाइल एवं एपेरल पर आयोजित सत्र को संबोधित कर रही थीं।

सचिव, वस्त्र मंत्रालय श्रीमती राव ने कहा कि भारत सरकार टैक्सटाइल सेक्टर को बढ़ावा देने के लिये पीएलआई योजना, नेशनल टैक्सटाइल मिशन, पीएम मित्र योजना एवं समर्थ योजना का संचालन कर रही है। हैण्डलूम और हैण्डीक्रॉफ्ट उद्योगों को विकसित करने के लिये नेशनल हैण्डलूम मिशन का संचालन भी किया जा रहा है। भारत सरकार टैक्सटाइल उद्योगों के स्टार्ट-अप्स को भी सभी सुविधाएँ प्रदान कर रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया है कि मध्यप्रदेश अपनी बेहतर नीतियों और योजनाओं के क्रियान्वयन से टैक्सटाइल उद्योगों के क्षेत्र में देश का नेतृत्व करेगा।

प्रमुख सचिव राजस्व विभाग विवेक पोरवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 3-टी टेक्नोलॉजी, टैक्सटाइल एवं टूरिज्म में से टैक्सटाइल के क्षेत्र में मध्यप्रदेश में असीम संभावनाएँ हैं। इस क्षेत्र में सर्वाधिक रोजगार सृजन करने की क्षमता है। मध्यप्रदेश द्वारा लांच की गई नवीन टैक्सटाइल नीति में निवेशकों के लिये रिटर्न ऑफ इन्सेंटिव, सब्सिडी, ट्रेनिंग के लिये अतिरिक्त इंसेन्टिव, एफडीआई के प्रावधान किये गये हैं। मध्यप्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य है, जहाँ पर टैक्सटाइल क्षेत्र में निवेश पर रिटर्न ऑफ इन्वेस्टमेंट सर्वाधिक है। इसके अतिरिक्त ट्रेनिंग और कौशल विकास के लिये अतिरिक्त इंसेन्टिव भी दिये जाते हैं। मध्यप्रदेश में टैक्सटाइल इण्डस्ट्रीज के लिये सर्वाधिक भूमि की उपलब्धता है। यहाँ पर मैन पॉवर मेहनती और अनुशासित है।

प्रमुख सचिव पोरवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के सबसे शांतिपूर्ण राज्य में से एक है। यहाँ औद्योगिक अशांति की घटनाएँ सबसे कम होती है। राज्य में उद्योगों के लिये पानी और बिजली की पर्याप्त उपलब्धता है। नवीन इण्डस्ट्रीज स्थापित करने पर सभी प्रकार की अनुमतियाँ सिंगल विण्डो सिस्टम से बहुत कम समय में प्रदान की जाती हैं। उन्होंने कहा कि देश के मध्य में स्थित होने से यहाँ सुगमता से पहुँचा जा सकता है। राज्य की यह सभी विशेषताएँ मध्यप्रदेश को टैक्सटाइल क्षेत्र में निवेश के लिये महत्वपूर्ण स्थान प्रदान करती हैं।

सीईओ ओबीटी प्रायवेट लिमिटेड इंगो सोयलर ने कहा कि टेक्निकल नॉन वूवन फेब्रिक बनाने की लीडिंग कम्पनी है। उन्होंने बताया कि टेक्निकल फेब्रिक के वर्तमान वस्त्र उद्योग में कई उपयोग हैं एवं यह तेजी से बढ़ता उद्योग है। उन्होंने बताया कि ओबीटी कम्पनी 100 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कर भोपाल में उद्योग स्थापित कर रही है, जिसका भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा किया गया था। उन्होंने बताया कि टैक्सटाइल नीति द्वारा प्रदान की गयी इन्सेंटिव एवं सब्सिडी का लाभ उनकी कम्पनी को मिला है। सोयलर ने अपनी भविष्य की योजनाओं के बारे में भी अवगत कराया।

अरविंद ग्रुप के ग्रुप हेड कॉर्पोरेट अफेयर्स डॉ. परम शाह ने बताया कि टेक्निकल टैक्सटाइल उद्योग में अरविंद कम्पनी मध्यप्रदेश में 800 करोड़ से अधिक का निवेश करने जा रही है। उन्होंने बताया कि मेक इन इण्डिया मिशन के सपने को साकार करते हुए उनकी कम्पनी रोजगार के अवसर भी सृजित करेगी।

आदित्य बिरला फैशन एवं रिटेल्स के सीईओ आर. स्वामीनाथन ने बताया कि भारत में भारतीय परिधानों का बाजार भी तेजी से विकसित हो रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश फेब्रिक निर्माण में महत्वपूर्ण राज्यों में से एक है। उन्होंने डिजिटल व्यापार पर जोर देते हुए कहा कि ई-कॉमर्स सेक्टर में मध्यप्रदेश में असीम संभावनाएँ हैं। वस्त्र उद्योग में रिसर्च के लिये भी असीम संभावनाएँ हैं।

एपीईसी के सेक्रेटरी जनरल मिथलेश्वर ठाकुर ने सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत@2047 के मिशन को पूरा करने के लिये टैक्सटाइल क्षेत्र का विशेष योगदान रहेगा। भारत को वस्त्र उद्योग के निर्यात को बढ़ाना चाहिये। टैक्सटाइल उद्योग को 150 बिलियन डॉलर से 350 बिलियन डॉलर तक बढ़ाने के लिये ई-कॉमर्स सहित सभी क्षेत्रों में सामूहिक प्रयास करने चाहिये।

डायरेक्टर शेखानी ग्रुप ऑफ कम्पनीज रिनिश शेखानी ने फास्ट फैशन और फास्ट फैशन ब्रॉण्ड की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश द्वारा टैक्सटाइल क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिये किये जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। मध्यप्रदेश टैक्सटाइल नीति में वस्त्र निर्माण के लिये आवश्यक फेब्रिक से लेकर उत्पाद तक सभी पहलुओं को शामिल किया गया है।

एनआईएफटी के निदेशक समीर सूद ने कहा कि भारत वस्त्र उद्योग में सस्टेनेबल ग्रोथ पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि “भारत टैक्स” जैसी पहल से देश का वस्त्र उद्योग समावेशी विकास कर रहा है। उन्होंने कहा कि हमें ऐसी नीतियाँ अपनानी चाहिये, जिससे पर्यावरण का नुकसान कम हो। मध्यप्रदेश में देश के स्वच्छतम राज्यों से एक है। यहाँ टैक्सटाइल रिसायकिलिंग की संभावनाएँ अधिक हैं।

 

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