सांदीपनि विद्यालय के बच्चों को कल मिल सकती है नए भवन में शैक्षणिक कमरों की सौगात!
सीधी/मझौली
तीन- चार वर्षों से भवन एवं शैक्षणिक कमरों के अभाव से परेशानियों से सोते हुए समस्या के साए में शिक्षा ग्रहण कर रहे मझौली की। शासकीय सांदीपनि विद्यालय मझौली के बच्चों को कल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में कई करोड़ लागत से नव निर्माणाधीन नवीन भवन में कंप्लीट लगभग 15 से 20 कमरे क्षेत्रीय विधायक कुंवर सिंह टेकाम के कडे रुख व निर्देश के बाद सौगात रूप में मिलने जा रही है। किसको लेकर स्कूली बच्चों के साथ अभिभावक, एवं विद्यालय प्रबंधन भी उत्साहित व खुश देखे जा रहे हैं।
विदित हो कि 1 सितंबर को चंद्रोदय में आयोजित जनप्रतिनिधि सम्मेलन सह प्रशिक्षण में सांसद डॉ. राजेश मिश्रा तथा विधायक कुंवर सिंह टेकाम शिरकत करने पहुंचे हुए थे जहां समस्या को लेकर मीडिया कर्मियों ने कड़े सवाल दागे। वही अभिभावक भी व्यवस्था देखने अड गए जिनके आग्रह पर सांसद, विधायक क्षेत्रीय
जनप्रतिनिधियों व मंडल के पदाधिकारियों तथा उपखंड के प्रशासनिक अमले के साथ पहुंचे। जहां की अस्त-व्यस्त व्यवस्था तथा बच्चों को टीन सेट में बैठ पड़ते देख भैचक्के रह गए। अभिभावक तथा प्राचार्य के बताए जाने पर की ए ब्लॉक के लगभग 15 से 20 कमरे कंप्लीट हैं यदि वैकल्पिक रूप से इन्हें दिल दिया जाए तो फिरहाल शैक्षणिक व्यवस्था कुछ हद तक सुचार रूप से संचालित हो सकती है जिसका निरीक्षण भी सांसद ,विधायक, एवं नवागत एसडीएम के साथ भाजपा संगठन के लोगों व क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने किया । जहां नाम मात्र के कामों के अभाव के कारण रोक गया पाया । जिसको देखकर विधायक ठेकेदार के कर्मचारियों को जल्द से जल्द पूर्ण करने का निर्देश देते हुए संबंधित विभाग के अधिकारी को सख्त निर्देश दिए कि हर हाल में 5 सितंबर शिक्षक दिवस के अवसर पर कंप्लीट हुए कैमरे चाहिए 5 सितंबर को बच्चे नए भवन के कमरों में ही बैठेंगे। तथा प्रभारी प्राचार्य को निर्देशित किया गया है कि कंप्लीट कमरे वैकल्पिक व्यवस्था के तहत लिया जाय। संविदाकार द्वारा लगाई गई संपूर्ण सामग्री दर्ज कर लिया जाय तथा शैक्षणिक कार्य संपादित किया जाए जो काम बाकी है अवकाश के दिनों में ठेकेदार द्वारा पूर्ण किया जाय। जिसकी जिम्मेदारी एसडीएम मझौली को प्रमुख रूप से सौपी गई है। जिसको लेकर
अनुविभागीय अधिकारी मझौली दो-तीन दिनों से लगातार विद्यालय भवन का निरीक्षण कर व्यवस्थित कराने में जुटे हुए हैं। नए भवन की सौगात मिलने को लेकर छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षक अभिभावक भी उत्साहित व खुश देखे जा रहे हैं। अब देखना होगा की यह सौगात बच्चों को मिल सकती है या कुछ कमियां बाधाएं बन जाती है!