पानी लेने गई आदिवासी महिला की झदवा में गिरने से मौत। लोगों ने लगाया सरपंच- सचिव पर मनमानी, हठधर्मिता व वरिष्ठ अधिकारियों के निष्क्रियता का आरोप! जनपद पंचायत मझौली के सिरौला ग्राम पंचायत का मामला।
पानी लेने गई आदिवासी महिला की झदवा में गिरने से मौत।
लोगों ने लगाया सरपंच- सचिव पर मनमानी, हठधर्मिता व वरिष्ठ अधिकारियों के निष्क्रियता का आरोप!
जनपद पंचायत मझौली के सिरौला ग्राम पंचायत का मामला।
सीधी/मझौली
मामला सीधी जिले के मझौली जनपद जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत सिरौला का है जहां विगत 22 अगस्त को घर से कुछ दूर बने झदवे में पानी लेने गई एक आदिवासी महिला के उसमें गिरने से मौत हो गई जिसको लेकर लोगों ने सरपंच/ सचिव ईशा, अपेक्षा, मनमानी हठधर्मितता तथा वरिष्ठ अधिकारियों के निष्क्रियता पर गंभीर आरोप लगाए हैं जो फोटो वीडियो वायरल जांच कार्यवाही की मांग कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि जनपद पंचायत मझौली के ग्राम पंचायत सिरौला अगरिया टोला के लोग पूर्व में एक नाले में कूप बनाकर उसी से पानी पिया करते थे जिसे विगत दो-तीन वर्ष पूर्व सरपंच/ सचिव द्वारा नदी सफाई के दौरान पटवा दिया गया था। जिसका विरोध आदिवासी लोगों द्वारा किया गया खबर प्रशासन पर पहुंचे जनपद सीईओ द्वारा सरपंच सचिव को हटकर लगाते हुए सार्वजनिक रूप निर्माण के लिए निर्देशित किए थे लेकिन सरपंच /सचिव इस टोले के लोगों को रोड गली तो दूर पीने के पानी के लिए भी व्यवस्था नहीं बना सके। परेशान लोगों नहाने धोने एवं पीने के पानी के लिए पुनः नए सिरे से एक झदवा खोदे वहां से निस्तार चालू किया। जो घरों से कुछ दूर पर था। वर्षा की वजह से प्राइवेट रूप खोदा गया झदवा (गढ्ढा) पूर्ण रूप से भरा हुआ था जहां महिला लगभग सुबह 10 बजे पानी लेने गई थी जो पानी भरते समय शायद पैर फिसलने से गड्ढे में समा गई और उसकी मृत्यु हो गई। कुछ देर बाद जब वह पानी लेकर नहीं लौटी तो परिजन देखने निकले जो झदवे में मृत्यु अवस्था में पाई गई। परिजनों के अनुसार इसकी सूचना तत्काल पुलिस थाना तथा ग्राम पंचायत के सरपंच सचिव को दी गई।पुलिस तो पहुंच पर सरपंच /सचिव व रोजगार सहायक 6 -7 घंटे के हो जाने के बाद भी वहां नहीं पहुंचे। मीडिया को खबर लगने पर जब सचिव को फोन लगाया गया तो उनके द्वारा गैर जिम्मेदाराना बयान देते हुए कहा गया कि हमें पता ही नहीं है सरपंच से पता करके बताता हूं। कुछ देर में सचिव का नहीं बल्कि सरपंच पति का फोन आया जिन्होंने अपना नाम रामप्रकाश दुवेदी बताते हुए जानकारी होने से इनकार कर पानी के व्यवस्था न किए जाने की सवाल पर उन्होंने कहा कि वाटर सप्लाई है हैंडपंप है अनर्गल आरोप दूसरे राजनीतिक व्यक्तियों के कहने पर लग रहे हैं। मीडियाकर्मी द्वारा उनसे बोला गया कि आप सचिव व रोजगार सहायक के माध्यम से की गई वाटर सप्लाई की पाइपलाइन तथा हैंडपंप का फोटो वीडियो उपलब्ध करवा दीजिए उनके द्वारा उपलब्ध करवाने के लिए भी बोला गया लेकिन 24 घंटे का समय व्यतीत होने वाला है अभी तक फोटो वीडियो नहीं आ सका। जिससे जाहिर है कि सचिव/ रोजगार सहायक पंचायत पूर्ण रूप से सरपंच हवाले छोड़ रखे हैं।और गरीब आदिवासी परिवार जनप्रतिनिधि के ईशा, अपेक्षा व मनमानी का शिकार हो रहे हैं। जिला पंचायत सदस्य व वन समिति सभापति कृष्णलाल (छोटू)पयासी द्वारा बताया गया कि। जब से हम इन लोगों की समस्या से अवगत हुआ हूं जनपद से लेकर जिला पंचायत सीईओ पूर्व कलेक्टर तक उनकी समस्या को संज्ञान में लाया लेकिन आज दिनांक तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। सभी कामों की निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत होती है। सचिव सीधी में डेरा डाले हुए हैं कभी कभार आते हैं।कभी कभार आते हैं ग्राम पंचायत में अनेक प्रकार की समस्या समग्र आईडी पेंशन केवाईसी सब कुछ लंबित है जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए जनता दर-दर भटकती रहती है बड़े मुश्किल से कम हो पता है
अब यह किसकी कमी है यह नहीं कहा जा सकता लेकिन इस टोले के निवासियों को ना तो आने जाने के लिए रोड नसीब हुई ना ही उपयोग के लिए पानी। मैं आप लोगों के माध्यम से भी शासन प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराना चाहूंगा की इन लोगों के परेशानी और समस्या का समाधान जल्द से जल्द किया जाए।