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अंतरराष्ट्रीय देशज दिवस पर नैनपुर में गूंजा आदिवासी संस्कृति, एकता और अधिकारों का संदेश

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अंतरराष्ट्रीय देशज दिवस पर नैनपुर में गूंजा आदिवासी संस्कृति, एकता और अधिकारों का संदेश

74 ग्राम पंचायतों से उमड़ा जनसैलाब, पारंपरिक वेशभूषा में निकली भव्य सांस्कृतिक रैली; मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

नैनपुर/मंडला। संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा घोषित अंतरराष्ट्रीय देशज दिवस के अवसर पर रविवार को नैनपुर की धरती आदिवासी संस्कृति, परंपरा, सामाजिक एकता और अधिकारों के नारों से गूंज उठी। अखिल गोंडवाना महासभा एवं गोंडवाना स्टूडेंट्स यूनियन, नैनपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में नैनपुर क्षेत्र की लगभग 74 ग्राम पंचायतों से युवा, मातृशक्ति, पितृशक्ति, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। कार्यक्रम का आयोजन कृषि उपज मंडी नैनपुर में किया गया। कार्यक्रम स्थल पर पारंपरिक वेशभूषा, गोंडी संस्कृति, रीति-रिवाज और लोक परंपराओं की जीवंत झलक दिखाई दी। ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक नृत्य की प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को देशज संस्कृति के रंग में रंग दिया।

आर्थिक, धार्मिक और राजनीतिक विकास के बिना समाज का समग्र विकास संभव नहीं : जयनाथ केराम

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता जयनाथ केराम ने अपने संबोधन में कहा कि अंतरराष्ट्रीय देशज दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि अपनी जल, जंगल, जमीन, भाषा, संस्कृति, धर्म, पहचान और अधिकारों को समझने और सुरक्षित रखने का संकल्प लेने का दिन है। उन्होंने कहा कि समाज के विकास को केवल सांस्कृतिक आयोजनों तक सीमित नहीं रखा जा सकता। आर्थिक, धार्मिक और राजनीतिक रूप से मजबूत हुए बिना किसी भी समाज का समग्र विकास संभव नहीं है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार, प्राकृतिक संसाधनों पर अधिकार और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक होने का आह्वान किया। जयनाथ केराम ने कहा कि राजनीतिक शक्ति का उद्देश्य केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सम्मान और अधिकार पहुंचाना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को अपने इतिहास और संस्कृति की जानकारी के साथ वर्तमान व्यवस्था को समझना भी आवश्यक है, ताकि समाज अपने भविष्य का निर्णय स्वयं कर सके। उन्होंने गोंडवाना आंदोलन के जननायक दादा हीरासिंह मरकाम के विचारों और संघर्ष को याद करते हुए कहा कि दादा हीरासिंह मरकाम ने समाज को अपनी पहचान, अधिकार और राजनीतिक चेतना के लिए संगठित होने का संदेश दिया। उनके विचारों को आगे बढ़ाना ही आज की पीढ़ी की जिम्मेदारी है।

युवा ही समाज की दिशा और दशा बदल सकते हैं : रितु पेंद्राम

कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि गोंडवाना गणतंत्र पार्टी युवा मोर्चा की राष्ट्रीय प्रवक्ता रितु पेंद्राम ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी समाज की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा पीढ़ी होती है। उन्होंने कहा कि आज के युवाओं को अपनी ऊर्जा को शिक्षा, संगठन, सामाजिक जागरूकता, रोजगार, खेल और समाज के रचनात्मक विकास में लगाना होगा। युवा अपनी भाषा, संस्कृति और परंपराओं से जुड़ते हुए आधुनिक शिक्षा और तकनीक को भी अपनाएं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे सोशल मीडिया का उपयोग केवल मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि समाज की समस्याओं, अधिकारों, इतिहास और संस्कृति की आवाज को मजबूती से उठाने के लिए करें। उन्होंने कहा कि जागरूक और संगठित युवा ही समाज को नई दिशा दे सकते हैं।

पारंपरिक वादयन्त्र, वेशभूषा और DJ में निकली भव्य सांस्कृतिक रैली

कार्यक्रम के पश्चात कृषि उपज मंडी नैनपुर से विशाल सांस्कृतिक रैली निकाली गई। रैली गोंडवाना तिराहा, निवारी, ब्लॉक कॉलोनी, सिवनी फाटक एवं थाना क्षेत्र से होते हुए पुनः कृषि उपज मंडी पहुंची, जहां रैली का समापन हुआ। रैली में बड़ी संख्या में समाजजन पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। ढोल-नगाड़ों, पारंपरिक नृत्य, गोंडी संस्कृति और एकता के नारों से नैनपुर का वातावरण गूंज उठा। रैली ने समाज की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक एकजुटता का प्रभावशाली संदेश दिया।

मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

रैली के दौरान जनजातीय समाज की विभिन्न मांगों एवं समस्याओं को शासन तक पहुंचाने के उद्देश्य से अनुविभागीय अधिकारी पुलिस के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में समाज के सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक, शैक्षणिक एवं राजनीतिक हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को शासन के समक्ष रखा गया।

कमलेश गोंड ने जताया आभार

कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए कमलेश गोंड ने सभी ग्राम पंचायतों से पहुंचे समाजजनों, मातृशक्ति-पितृशक्ति, युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों, अतिथियों, आयोजन समिति, गोंडवाना महासभा एवं गोंडवाना स्टूडेंट्स यूनियन गोंड समाज महासभा, सरपंच संघ के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन किसी एक व्यक्ति का कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक एकता और सहभागिता का परिणाम है। 74 ग्राम पंचायतों से बड़ी संख्या में समाजजनों की उपस्थिति ने यह साबित किया है कि अपनी संस्कृति, पहचान और अधिकारों के प्रति समाज में जागरूकता लगातार बढ़ रही है। कमलेश गोंड ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय देशज दिवस के अवसर पर नैनपुर में दिखाई दी यह एकजुटता आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा है। उन्होंने सभी से जल, जंगल, जमीन, भाषा, संस्कृति, परंपरा और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित एवं जागरूक होकर कार्य करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जयनाथ केराम, राष्ट्रीय प्रवक्ता गोंडवाना गणतंत्र पार्टी, विशिष्ट अतिथि रितु पेंद्राम, राष्ट्रीय प्रवक्ता युवा मोर्चा गोंडवाना गणतंत्र पार्टी, पूर्व विधायक देवसिंह सैयाम, डॉ. जे पी चिचाम, डॉ मोनिका भगत चिचाम,एस आर गोंड, रमेश सिरसाम, डॉ सुरेन्द्र वरकडे ज़िन्दगी एम एस मरावी, श्री कुमार मरावी, पीतम कूड़ापे, मीरा मरकाम, प्रदीप परते, टेकचंद परते सुखदेव परते, रविकांत मरावी, रोहित धुर्वे, श्याम धुर्वे, जनक लाल, अम्बिका उइके, संजय कुमरे, महेन्द्र उइके, सुनील अयाम, पावन मरकाम, आशीष मरकाम जेम्स, राजकुमार उइके, करन मरावी, महेन्द्र विश्वकर्मा, अजय जायसवाल, नीरज नामदेव, विशाल अवधवाल, सहित गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, युवा, महिलाएं, बुजुर्ग एवं बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और समाजजन उपस्थित रहे। नैनपुर में आयोजित यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम बनकर नहीं रहा, बल्कि आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक एकता, आर्थिक स्वावलंबन, धार्मिक-सांस्कृतिक चेतना और राजनीतिक जागरूकता का सामूहिक संदेश बनकर सामने आया।

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