*बड़ी खबर: पथ विक्रेताओं व्यापारियों अपनी समस्याओ को लेकर मिले विधायक गंगा सज्जन सिंह उइके से*
*सीएमओ को निर्देश इस मामले की पूरी जानकारी लेकर मिले*
घोड़ाडोंगरी
नगर परिषद क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के नाम पर पथ विक्रेताओं (स्ट्रीट वेंडर्स) व्यापारियों को दिए गए नोटिस के बाद शहर का सियासी और सामाजिक माहौल गरमा गया है
अपनी रोजी-रोटी पर आए संकट को देख परेशान व्यापारियों ने जब क्षेत्रीय लोकप्रिय विधायक गंगा सज्जन सिंह से मदद की गुहार लगाई, तो विधायक ने तत्काल संज्ञान लेते हुए व्यापारियों के पक्ष में मजबूती से मोर्चा संभाला।
*रोजी-रोटी पर मंडराया संकट, विधायक के पास पहुँचे पीड़ित*
पिछले दिनों से नगर परिषद द्वारा शहर के पुराने अस्पताल चौक में पथ विक्रेताओं दुकानदारों को जगह खाली करने के नोटिस दिए जा रहे थे। इससे छोटे व्यापारियों में हड़कंप मच गया। व्यापारियों का कहना था कि वे वर्षों से इन्हीं स्थानों पर दुकान लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। बिना किसी पूर्व सूचना या वैकल्पिक स्थान के उन्हें हटाना उनके जीविकोपार्जन को खत्म करने जैसा है।
*विधायक का ‘त्वरित संज्ञान’ और प्रशासनिक निर्देश*
व्यापारियों की पीड़ा सुनने के बाद विधायक गंगा सज्जन सिंह ने मामले की गंभीरता को समझा और मौके से ही नगर परिषद के मुख्य नगरपालिका अधिकारी से दूरभाष पर चर्चा की। विधायक ने प्रशासन को निर्देशित किया:
कि अतिक्रमण हटाने की किसी भी कार्रवाई से पहले उन पथ विक्रेताओं व्यापारी के लिए वेंडिंग जोन या वैकल्पिक स्थान सुनिश्चित किया जाए।
*नियमों का हो पालन*
प्रशासन नियमानुसार कार्रवाई करे, लेकिन किसी भी गरीब व्यापारी का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मानवीय दृष्टिकोण: विकास और सुंदरीकरण के बीच आम जनता के ‘जीविकोपार्जन’ के अधिकार की अनदेखी न की जाए।
व्यापारियों ने जताया आभार
विधायक के इस हस्तक्षेप के बाद फुटपाथ दुकानदारों और छोटे व्यापारियों ने राहत की सांस ली है। व्यापारियों का कहना है कि विधायक गंगा सज्जन सिंह ने हमेशा की तरह जनहित को सर्वोपरि रखते हुए उनके चूल्हे बुझने से बचा लिए हैं।
इस मामले में विधायक गंगा उइके ने कहा है की सबको मालूम हैं कि कोरोना के बाद से अब जैसे तैसे तो आमजन का जीवन संभल रहा है,
विकास जरूरी है लेकिन किसी गरीब को बेरोजगार करके नहीं। मैंने अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया है कि ऐसे संवेदनशील मामले में हस्तक्षेप से पहले आगे होने वाले निर्माण कार्य का पूरा रोडमैप तैयार करना साथ ही वहां काबिज पथ विक्रेताओं से चर्चा कर भविष्य में उनके रोजगार और हितों का ध्यान पहली प्राथमिकता से रखना सुनिश्चित करना, उसके बाद ही कोई अन्य कदम उठाया जाए।” <This message was edited>