दक्षिण बैतूल (सामान्य) वनमण्डल के वन परिक्षेत्र भैंसदेही (सा.) में वनों की अग्नि से सुरक्षा, वन संरक्षण
*दक्षिण बैतूल (सामान्य) वनमण्डल के वन परिक्षेत्र भैंसदेही (सा.) में वनों की अग्नि से सुरक्षा, वन संरक्षण*
*वन्यजीवों एवं पर्यावरण पर आधारित नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया*
भैंसदेही /ललित छत्रपाल :- गर्मी का मौसम आते ही जंगलों में आग लगने का खतरा काफी बढ़ जाता है। इस गंभीर समस्या से निपटने और वनों की रक्षा के लिए बैतूल वन विभाग ने इस बार पारंपरिक तरीकों से हटकर जनजागरूकता का एक अनोखा और प्रभावी तरीका अपनाया है। दक्षिण वनमंडल द्वारा आदिवासी अंचलों में नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण अपनी ही बोली और भाषा में वन संरक्षण के महत्व को आसानी से समझ सकें। यह पहल मुख्य रूप से वन संरक्षक बैतूल वृत बैतूल श्रीमान मधु व्ही.राज, श्रीमान अरिहंत कोचर वनमण्डलाधिकारी दक्षिण बैतूल (सा.), श्री देवानंद पांडे उपवनमंडलाधिकारी भैंसदेही (सा.), श्री गुमान सिंह नर्गेश वन परिक्षेत्र अधिकारी भैंसदेही (सा.) तथा इस जागरूकता अभियान को सफल बनाने में मैदानी अमले में प.स. खामला एवं देड़पानी तथा अन्य स्टॉफ की अहम भूमिका रही।
वन विभाग की इस पहल के तहत ग्रामीण इलाकों में मनोरंजक तरीके से वनों की अग्नि से सुरक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जा रहा है।
*दिनांक 16 मार्च 2026 को इस अभियान के तहत वन परिक्षेत्र भैंसदेही (सा.) के अंतर्गत ग्राम खामला में हाट बाजार के दौरान कोशिश ग्रुप के कलाकारों द्वारा बेहतरीन प्रस्तुतियां दी गईं।* ग्रामीणों ने जब कलाकारों को नाटक करते हुए देखा, तो वे इस संदेश से भारी संख्या में उपस्थित होकर खुद को सीधा जुड़ाव महसूस किया।
महुआ और तेंदूपत्ता संग्रहण के दौरान सावधानी रखे , कलाकारों ने अपने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से मुख्य रूप से अहम बिंदुओं पर ग्रामीणों का ध्यान केंद्रित किया जिनमे महुआ बिनने और तेंदूपत्ता संग्रहण के दौरान अक्सर ग्रामीण पेड़ों के नीचे सफाई करने के लिए छोटी आग लगा देते हैं, अनजाने में लगाई गई यही आग विकराल रूप लेकर पूरे जंगल को भारी नुकसान पहुंचाती है। आग से न केवल बेशकीमती वन संपदा और पेड़-पौधे जलकर खाक हो जाते हैं, बल्कि वन्यजीवों का जीवन भी गंभीर खतरे में पड़ जाता है। नाटकों के जरिए वनभूमि पर हो रहे अवैध अतिक्रमण से पर्यावरण और भविष्य में होने वाले नुकसान के प्रति भी ग्रामीणों को सचेत किया गया।