साहब ने विभागीय महिला कर्मचारियों को दी अनोखी सजा* *जिसको लेकर लोग कह रहे ये तो तानाशाही है , जिसकी खूब हो रही चर्चा*
*साहब ने विभागीय महिला कर्मचारियों को दी अनोखी सजा*
*जिसको लेकर लोग कह रहे ये तो तानाशाही है , जिसकी खूब हो रही चर्चा*
भैंसदेही :- विकासखंड में आए दिन नए नए मामले चर्चाओं ने मजे काट रहे और लोग खूब टीका टिप्पणी करते नजर आ रहे हैं, हाल ही में आफ द रिकॉर्ड विकासखंड के एक विभाग अधिकारी की चर्चा जोरो पर है , जिसको लेकर विभाग के ही पुरुष कर्मचारी अब चाय और पान के ठेलो पर चाय और पान का स्वाद लेते हुवे मजे काटते हुवे अपने ही अधिकारी का मखौल उड़ाते नजर आए , लेकिन उन भोले कर्मचारियों को ये नहीं ज्ञात रहा कि यह बात सार्वजनिक होकर चर्चाओं में तब्दील हो जाएगी, जिसके बाद लोग उक्त विभाग अधिकारी को एक कहावत (चूहे को मिली चिंधी) से जोड़ कर देख रहे है, चर्चा है कि साहब को अधिकारी बनना रास नहीं आ रहा , चर्चा यह भी है कि होता तो कुछ है नहीं लेकिन डिंग मारने में एक नंबर , इसलिए वह अपने आलीशान आफिस को छोड़कर गरीबी वाले आफिस में बैठना पसंद नहीं करते , ठाठ तो इतने की पूछो मत , लेकिन दिया तले अंधेरा , चर्चा है कि साहब ने अपने लिए एक बाहरी सेटलमेंट खिलाड़ी भी रखा हुआ है जो अपने आप को साहब से बड़ा साहब मानता है , चर्चा है साहब ने अपने विभाग के पुरुष कर्मचारियों को अपने मूल कर्तव्यों से हटकर काम दे रखा है, और विभाग की महिला कर्मचारियों को शासन से प्राप्त कार्य के साथ साथ कुछ पुरुष कर्मचारियों का भी कार्य सौप रखा है, जिससे महिला कर्मचारियों में कार्य को लेकर काफी तनाव है , साथ ही वह मानसिक रूप से परेशान है, जिसके बाद भी हालही में महिला कर्मचारियों को आफिस में तीन घंटों तक एक स्थान पर खड़े रखने की सजा दी गई, जिसको लेकर महिला कर्मचारियों में खासा विरोध है, लेकिन वह कुछ कर नहीं सकते , क्योंकि साहब तानाशाही पूर्ण रवईया अपना रहे है , और उनकी राजनीतिक पकड़ मजबूत है, चर्चा है कि बहुत जल्द उक्त साहब की शिकायत हो सकती है, चर्चा यह भी है कि जब सजा प्राप्त महिला कर्मचारी ने पूछा कि हमें किस बात की सजा दी जा रही तो , साहब के पास कोई जवाब नहीं था, लेकिन साहब तो तानाशाही पर उतारू हो गए , जो बोल दिया पत्थर की लकीर , सजा तो भोगना पड़ेगा, चर्चा है कि पता नहीं साहब को किस बात का वहम है कि वह बिना कारण कर्मचारियों को तालिबानी सजा दे सकते है , जिसकी खासी चर्चा है , लोग कर रहे ये तो अन्याय है , साहब का ऐसा रवैया ठीक नहीं, बताया जा रहा कि मामला ज्यादा पुराना नहीं है, जो भीतर ही भीतर तूल पकड़ रहा है , बताया यह भी जा रहा कि साहब ने अपने रिश्तेदार कर्मचारी को खुली छूट दे रखी है , उनके आने जाने का कोई समय नहीं है, लेकिन अन्य कर्मचारियों के लिए आने जाने का समय का बंधन है , और आए दिन विभाग की महिला कर्मचारियों को किसी न किसी बात पर प्रताड़ित करने का कार्य किया जाता है, चर्चा यह भी है कि साहब को राजनीतिक वृहद प्राप्त होने के कारण वह तानाशाही पूर्ण रवैया अपना रहे हैं, जिसकी चर्चा अब विकासखंड में खूब हो रही है, और साहब के इस प्रकार के रवैये को गलत बताया जा रहा है। चर्चा यह भी है कि साहब खूब का काम संभाल नहीं पा रहे , जिस कार्य की उनको जिम्मेदारी दी गई है उसको छोड़ , आलीशान आफिस का मजा ले रहे हैं,