Breaking News in Primes

तुलसी गबार्ड के ‘खलीफा’ वाले बयान पर भड़का बांग्लादेश, पहले फैक्ट चेक कर लें, फिर बोलें

0 18

तुलसी-गबार्ड-के-‘खलीफा’-वाले-बयान-पर-भड़का-बांग्लादेश,-पहले-फैक्ट-चेक-कर-लें,-फिर-बोलें

ढाका
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने सोमवार को अमेरिकी खुफिया प्रमुख तुलसी गबार्ड द्वारा देश में अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न को लेकर की गई टिप्पणियों पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। बांग्लादेश ने गबार्ड के बयान को “भ्रामक और राष्ट्र की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला” करार देते हुए इसे खारिज कर दिया। अंतरिम सरकार ने कहा, “यह बयान न केवल भ्रामक है, बल्कि बांग्लादेश की छवि और प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुंचाता है। बांग्लादेश का पारंपरिक इस्लाम हमेशा समावेशी और शांतिपूर्ण रहा है। देश ने उग्रवाद और आतंकवाद के खिलाफ उल्लेखनीय प्रगति की है।” बयान में आगे कहा गया कि गबार्ड की टिप्पणी किसी ठोस सबूत या विशिष्ट आरोपों पर आधारित नहीं है और इससे पूरे राष्ट्र की गलत छवि पेश की गई है।

इसने कहा, “बांग्लादेश ने कई अन्य देशों की तरह उग्रवाद की चुनौतियों का सामना किया है, लेकिन उसने अमेरिका सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर कानून प्रवर्तन, सामाजिक सुधारों और अन्य आतंकवाद-रोधी उपायों को अपनाया है। हम किसी भी प्रयास की निंदा करते हैं, जिसमें बांग्लादेश को ‘इस्लामिक खलीफा’ से जोड़ने की कोशिश की जाए।” सरकार ने गबार्ड को सलाह दी कि वह “संवेदनशील मुद्दों पर बयान देने से पहले फैक्ट पर आधारित जानकारी का उपयोग करें और इस तरह की टिप्पणियों से बचें, जो गलत धारणाओं को बढ़ावा दे सकती हैं।”

गौरतलब है कि तुलसी गबार्ड ने इससे पहले भी बांग्लादेश के नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार की आलोचना की थी और वैश्विक स्तर पर “इस्लामिक खलीफा” के प्रभाव पर चर्चा की थी। बांग्लादेश की ओर से यह बयान गबार्ड के एक इंटरव्यू के जवाब में आया है। इसमें गबार्ड ने कहा था कि बांग्लादेश में हिंदू, बौद्ध, ईसाई और अन्य अल्पसंख्यकों का “लंबे समय से दुर्भाग्यपूर्ण उत्पीड़न, हत्या और दुर्व्यवहार” अमेरिकी सरकार और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के लिए चिंता का प्रमुख क्षेत्र रहा है।

गबार्ड ने यह भी आरोप लगाया कि बांग्लादेश में “इस्लामी आतंकवादियों का खतरा” एक ऐसी विचारधारा और उद्देश्य में निहित है, जो “इस्लामी खिलाफत के साथ शासन करना चाहता है”। उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के साथ इस मुद्दे पर बातचीत शुरू की है। हालांकि, बांग्लादेश सरकार ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि देश को “इस्लामी खिलाफत” से जोड़ना बांग्लादेशियों और उनके वैश्विक साझेदारों के शांति, स्थिरता और प्रगति के लिए किए गए कठिन परिश्रम को कमजोर करता है। बांग्लादेश में हाल के दिनों में हिंदू मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर भीड़ द्वारा हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे मानवाधिकार संगठनों और भारत ने चिंता जताई है। यह घटनाएं प्रधानमंत्री शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद बढ़ती राजनीतिक अस्थिरता के बीच सामने आई हैं। गबार्ड वर्तमान में भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर हैं। उन्होंने नई दिल्ली में यह बयान दिया था।

This error message is only visible to WordPress admins

Error 403: The request cannot be completed because you have exceeded your quota..

Domain code: youtube.quota
Reason code: quotaExceeded

Error: No videos found.

Make sure this is a valid channel ID and that the channel has videos available on youtube.com.

Leave A Reply

Your email address will not be published.

Don`t copy text!