रामपुर नैकिन तहसीलदार आशीष मिश्रा के कार्यप्रणाली से लोगों में संतुष्टि व आक्रोश! वीडियो वायरल कर लगाए गंभीर आरोप, सुविधा शुल्क पर हो रहा नियम विरुद्ध कार्य?
रामपुर नैकिन तहसीलदार आशीष मिश्रा के कार्यप्रणाली से लोगों में संतुष्टि व आक्रोश!
वीडियो वायरल कर लगाए गंभीर आरोप, सुविधा शुल्क पर हो रहा नियम विरुद्ध कार्य?
अरविंद सिंह परिहार सीधी
एक ओर जहां कलेक्टर गांव -गांव जाकर गरीब और आम जनता की समस्याओं का समाधान करने में जुटे हैं तो वहीं तहसील रामपुर नैकिन के तहसीलदार आम जनता और गरीबों से सीमांकन,बटवारा, वारिसाना के नाम पर अवैध वसूली व अतिरिक्त आय समेटने में जुटे हुए हैं। जहां के लोगों व जन-प्रतिनिधियों ने तहसीलदार आशीष मिश्रा पर पैसा व सुविधा शुल्क के आधार पर काम करने का गंभीर आरोप लगाए हैं!इतना ही नहीं लोगों की माने तो पैसे के दम पर कोई भी व्यक्ति तहसीलदार से स्थगन लेने व स्थगन आदेश निरस्त कराने में सफलता प्राप्त कर सकता है! बताया जा रहा है कि तहसीलदार रामपुर नैकिन के द्वारा खसरा नंबर 175 में विश्वनाथ साहू भरतपुर के अवैध अतिक्रमण करने पर 20 फरवरी 2026 को स्थगन देकर दोनों पक्षों को जबाब देने का समय 18 मार्च 2026 को दिये थे। किन्तु तहसीलदार ने बिना जबाब आये ही तय तारीख के पूर्व ही स्थगन आदेश निरस्त कर दिया। उसके बाद पुनः खसरा नंबर 175 एवं 177 पर विश्वनाथ साहू के द्वारा किये जा रहे अवैध अतिक्रमण पर रोक लगाते हुए 3 जून 2026 को स्थगन आदेश जारी कर दिये। अब आज 14 जून को स्वयं मौका निरीक्षण करने गये और अवैध अतिक्रमण कर्ता विश्वनाथ साहू के घर पर बैठ कर चाय नस्ता करते रहे और फिर फरियादी को स्थगन आदेश निरस्त करने की धमकी देने लगें। जब फरियादी संतोष पाण्डेय ने तहसीलदार रामपुर नैकिन से कहा कि साहब सीमा मिलाकर सीमांकन करायें। तब तहसीलदार ने कहा कि मैं आपका आदेश मानने नहीं आया हूं आप चाहें संतुष्ट रहे या असंतुष्ट मुझे जो करना है वहीं करूंगा। एक ही खसरा नंबर पर बार -बार स्थगन देना यह कौन सा नियम है पर सुविधा शुल्क के चक्कर में तहसीलदार रामपुर नैकिन स्थगन देने और निरस्त करने का खेल खेल रहे हैं और आम जनता को परेशान किये है।
*अवैध अतिक्रमण को दे रहे हैं बढ़ावा*
आरोप है कि तहसीलदार रामपुर नैकिन शासकीय भूमि पर अवैध अतिक्रमण को हटाने के बजाय अतिक्रमण कर्ता से सुविधा शुल्क लेकर उसको खुलेआम संरक्षण दे रहे हैं। तहसील रामपुर नैकिन के अन्तर्गत ग्राम पंचायत भरतपुर परिसर की शासकीय भूमि पर विश्वनाथ साहू पिता जमुना साहू के द्वारा अवैध अतिक्रमण वर्षो से किया हुआ है। जिस पर एसडीएम चुरहट के द्वारा तहसीलदार रामपुर नैकिन को अवैध अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे किन्तु तहसीलदार अतिक्रमण हटाने के बजाय अतिक्रमण कर्ता को संरक्षण प्रदान कर रहे हैं। अभी हालहि में शासकीय भूमि पर नगर परिषद रामपुर नैकिन में अवैध अतिक्रमण करने वाले गुप्ता परिवार से लाखों का सौदा कर उसको अतिक्रमण करने की खुली छूट दे दी है। तहसीलदार रामपुर नैकिन अवैध अतिक्रमण की जांच करने व सीमांकन करने जाते हैं और अवैध अतिक्रमण कर्ता से सुविधा शुल्क लेकर उसके हिसाब से फैसला करते हैं।
*मझौली में रहते कई ऐसे कारनामों को दे चुके हैं अंजाम*
बताया जा रहा है कि जिले के मझौली तहसील में रहते हुए कई ऐसे कारनामों जिसमें अवैध खाद एवं अनाज जप्त कर बिना किसी समुचित कार्यवाही के छोड़ दिया करते थे। यहां तक की बाजार की नीलामी प्रक्रिया भी नोडल रहते हुए नियमानुसार नहीं कर पाए। ऐसी कई कारनामे है जिससे मझौली छोड़कर इन्हें जाना पड़ा!
*इनका है कहना*
1- तहसीलदार रामपुर नैकिन अशीष मिश्रा शासकीय भूमि पर अतिक्रमण हटाने की बजाय अतिक्रमण कर्ता को संरक्षण प्रदान कर रहे हैं। ग्राम पंचायत भरतपुर परिसर की शासकीय भूमि पर विश्वनाथ साहू पिता जमुना साहू अवैध अतिक्रमण किये हुए हैं। एसडीएम चुरहट के द्वारा शासकीय भूमि पर अतिक्रमण हटाने के निर्देश के बाद भी तहसीलदार रामपुर नैकिन अतिक्रमण नहीं हटा रहे हैं।
*वसुधा सिंह सरपंच ग्राम पंचायत भरतपुर*
2-तहसीलदार रामपुर नैकिन पहले स्थगन देते हैं और फिर निरस्त कर देते हैं । फिर वही भूमि पर पुनः स्थगन ले लेते हैं और फिर सुविधा शुल्क लेकर से स्थगन आदेश निरस्त कर देते हैं। तहसील रामपुर नैकिन में खुलेआम पैसा लेकर स्टे देने और स्टे निरस्त करने का खेल खुलेआम हो रहा है,!
सीमा पाण्डेय
जनपद सदस्य भरतपुर
3-हमें इसकी जानकारी नहीं थी। अगर ऐसा है तो मैं अभी तहसीलदार रामपुर नैकिन से बात करता हूं। आम जनता को न्याय मिले और उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान हो इसके लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
*विकास आनंद
एसडीएम चुरहट*