Breaking News in Primes

मध्यप्रदेश शासन के नियमों की अनदेखी करते भोपाल जिलें के शिक्षक 

0 666

मध्यप्रदेश शासन के नियमों की अनदेखी करते भोपाल जिलें के शिक्षक 

 

शासकीय सेवक भारत सरकार तथा राज्य सरकार के परिवार कल्याण नीतियों उड़ाते धज्जियां  

 

मनीष कुमार राठौर / 8109571743

 

भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल जिलें की बैरसिया विकासखंड के अंतर्गत आने वाले गांव रिछाई के प्राथमिक शिक्षक के पद पर पदस्थ रमेश जाटव के द्वारा शासन के नियमों को ठेंगा दिखाते हुए कार्य किया गया है । जिसकी इसकी जानकारी भोपाल के जिला शिक्षा अधिकारी को दी गई जिसके बाद कार्यवाही करने की बात की जा रही है । क्या बड़ी कार्यवाही करते हुए शिक्षक की नियुक्ति होगी अवैध ? या उच्च अधिकारियों के द्वारा यू ही मामले को रफा दफा कर दिया जायेगा ।

 

 

क्या है मामला ? 

 

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के बैरसिया तहसील के अंर्तगत आने वाली ग्राम रिछाई के प्राथमिक शाला में पदस्थ शिक्षक रमेश जाटव के द्वारा राज्य शासन के द्वारा पारित किए गए महत्वपूर्ण निर्णय को अनदेखा करते हुए, कार्य किया गया है जिसकी जानकारी शिक्षक को होने बाद भी उच्च अधिकारियों का कोई डर नही है । जब प्रदेश की राजधानी में होते हुए भी शिक्षक नियम का पालन नहीं कर रहे तो आप दूर दराज के स्कूल से क्या कल्पना कर सकते है जहा पर बिजली, पानी, शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। क्या शिक्षक शासन द्वारा जारी किए गए आदेश का पालन करते होंगे या नहीं । यह तो जांच का विषय अवश्य है क्योंकि मध्यप्रदेश की राजधानी के हाल बेहाल है तो क्या कहा जा सकता है ।

 

 

क्या कहता है नियम ?

 

मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 22 के उपनियम 4 के अनुसार प्रत्येक शासकीय सेवक भारत सरकार तथा राज्य सरकार के परिवार कल्याण से संबंधित नीतियों का पालन करेगा। इस उपनियम के प्रयोजन के लिए शासकीय सेवक के दो से अधिक बच्चे होने को अवचार माना जायेगा यदि उनमें से एक का जन्म 26.01.2001 को या उसके पश्चात् हों तो उक्त शिक्षक के ऊपर मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का उलंघन किया गया है जो कि दण्डनीय है इस कारण रमेश जाटव शिक्षक को तत्काल प्रभाव से शिक्षक के पद से पदस्थ किये जाना चाहिए है, तीसरा बच्चें का जन्म 26 जनवरी 2001 के बाद का है। जबकि प्रदेश में नियम दो ही बच्चे का है जिसमे म.प्र. नवीन शिक्षक भर्ती अधिनियम 2018 के नियम ( 9 ) निरर्हताए उप नियम (5) अन्तर्गत जिन लोक सेवक के तीसरे जिवित संतान जिनमें से एक के भी जन्म 26 जनवरी 2001 या इसके पश्चात हुआ है, शासकीय सेवा में निरर्ह करने प्रावधान नही है। इस प्रावधान के अनुसार मध्यप्रदेश में सैकड़ों लोक सेवको का नियुक्ति रद्द कि जा चुकी है ।

 

 

क्या कहना है ।

 

मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण अधिनियम का उलंघन किया होगा तो जांच करवा कर कड़ी कार्यवाही की जायेगी । यह जानकारी आपने दी है जल्द निर्णय लिया जायेगा ।

 

नरेंद्र कुमार अहिरवार जिला शिक्षा अधिकारी भोपाल

 

अगले अंक में देखिए 

 

भोपाल नगर निगम क्षेत्र में संचालित कई स्कूल को दी गई गलत मान्यता

 

नवीन और नवीनीकरण स्कूल मान्यता के नियमों की धज्जियां उड़ती जांच टीम ?

This error message is only visible to WordPress admins

Error 403: The request cannot be completed because you have exceeded your quota..

Domain code: youtube.quota
Reason code: quotaExceeded

Error: No videos found.

Make sure this is a valid channel ID and that the channel has videos available on youtube.com.

Leave A Reply

Your email address will not be published.

Don`t copy text!