*धार : ब्लैकमेलिंग से तंग आकर आरक्षक ने की थी खुदकुशी, महिला समेत दो गिरफ्तार; एक फरार*
*(प्राइमस संदेश)धार।*
थाना परिसर स्थित शासकीय आवास में आरक्षक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई खुदकुशी की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। मर्ग जांच में सामने आया है कि बदनामी का खौफ, अवैध संबंध बनाने का दबाव, पत्नी को छोड़ने की जिद और लगातार पैसों की ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर आरक्षक ने यह आत्मघाती कदम उठाया था। मामले में पुलिस ने एक महिला सहित तीन आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का प्रकरण दर्ज कर दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया है।

पुलिस के अनुसार, यह घटना 21 अक्टूबर की दरमियानी रात 12:00 से 01:00 बजे के बीच मनावर थाना परिसर स्थित शासकीय आवास में घटित हुई थी। मृतक आरक्षक क्रमांक 459 धीरेंद्र चौहान ने अपने शासकीय क्वार्टर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर विस्तृत जांच शुरू की। मर्ग जांच पूरी होने के बाद 27 अक्टूबर की रात 08:09 बजे भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। मामले में कविता ठाकुर (उम्र 29 वर्ष, निवासी जामनिया खुर्द, थाना धरमपुरी), रेवाराम बारिया और विशाल सोलंकी (दोनों निवासी ग्राम छितरी, थाना धरमपुरी) को आरोपी बनाया गया है।
जांच में यह तथ्य प्रमाणित हुआ कि मुख्य आरोपी कविता ठाकुर अपने दो साथियों—रेवाराम बारिया और विशाल सोलंकी के साथ मिलकर आरक्षक धीरेंद्र पर लगातार दबाव बना रही थी। आरोपी मृतक को बार-बार संबंध बनाने के लिए विवश करते थे, अपनी पत्नी को छोड़कर कविता के साथ रहने का दबाव डालते थे और बात न मानने पर केस में फंसाने की धमकी देते थे। इसके अलावा, समाज में बदनामी का डर दिखाकर लगातार पैसों की मांग व ब्लैकमेलिंग की जा रही थी। इस मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर आरक्षक ने फांसी लगा ली।

पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए नामजद आरोपी कविता ठाकुर और रेवाराम बारिया को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीसरा आरोपी विशाल सोलंकी अभी भी फरार है। पुलिस की विशेष टीम फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। साथ ही पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से जुड़े वित्तीय लेन-देन और ब्लैकमेलिंग के अन्य संभावित पहलुओं को भी कानूनी जांच के दायरे में लेकर आगे की साक्ष्य संकलन की कार्रवाई कर रही है।
*प्राइमस संदेश से शेरिल रश्मि साल्वी की रिपोर्ट*