News By-नितिन केसरवानी
वर्ष 1925 में सेठ बसंत लाल अग्रवाल और भोलानाथ अग्रवाल ने रखी थी रामलीला की नींव,
विधि-विधान से हुआ मुकुट पूजन; नारद मोह लीला के मंचन से हुआ दस दिवसीय आयोजन का शुभारंभ
भरवारी, कौशाम्बी: नगर पालिका परिषद भरवारी के पुरानी बाजार में बुधवार शाम ऐतिहासिक रामलीला के 101वें वर्ष के आयोजन का शुभारंभ पारंपरिक मुकुट पूजन के साथ हुआ। मुकुट पूजन के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। रामलीला के शुभारंभ पर जुटी भीड़ नगर में चर्चा का विषय बनी रही। लोगों के बीच रामलीला के प्रति उत्साह और आस्था देखने को मिली। भगवान श्रीराम के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। इसके साथ ही भरवारी की पुरानी बाजार में दस दिवसीय रामलीला मंचन की शुरुआत हो गई।
रामलीला कमेटी के अध्यक्ष संतोष केसरवानी और संयोजक नीरज बनारसी ने कमेटी के पदाधिकारियों एवं सदस्यों के साथ मुकुट पूजन कार्यक्रम में सहभागिता की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महामंडलेश्वर मुस्कान सखी उपस्थित रहीं। पुरोहित वैभव महाराज ने विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मुकुट पूजन संपन्न कराया। पूजन के दौरान भगवान श्रीराम के प्रति श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा। इसके बाद कलाकारों ने नारद मोह लीला का मनमोहक मंचन कर दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
1925 में रखी गई थी रामलीला की नींव
भरवारी की पुरानी बाजार में आयोजित होने वाली इस रामलीला का इतिहास लगभग एक सदी पुराना है। वर्ष 1925 में नगर के प्रतिष्ठित सेठ बसंत लाल अग्रवाल और भोलानाथ अग्रवाल ने इसकी नींव रखी थी। इसके बाद से यह धार्मिक परंपरा निरंतर आगे बढ़ती रही है। समय के साथ कई पीढ़ियां बदल गईं, लेकिन रामलीला के प्रति नगरवासियों की आस्था और उत्साह आज भी कायम है।
इस वर्ष रामलीला का 101वां आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम ही नहीं, बल्कि भरवारी की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक परंपरा का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। हर वर्ष रामलीला के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों का मंचन किया जाता है, जिससे लोगों को सत्य, धर्म, मर्यादा, त्याग और आदर्श जीवन की प्रेरणा मिलती है।

मुकुट पूजन में उमड़ी भीड़ बनी चर्चा का विषय
इस बार मुकुट पूजन कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। आयोजन से जुड़े लोगों और नगरवासियों के बीच इस बात की चर्चा रही कि मुकुट पूजन के दौरान इतनी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। कार्यक्रम में नगर के विभिन्न वर्गों के लोगों ने भाग लेकर रामलीला के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।
मुकुट पूजन के साथ ही पुरानी बाजार में रामलीला को लेकर उत्साह बढ़ गया है। नगरवासियों के लिए यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ आपसी मेलजोल और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का अवसर भी है। आगामी दस दिनों तक रामलीला के विभिन्न प्रसंगों का मंचन किया जाएगा। कलाकार भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंगों को मंच पर प्रस्तुत कर दर्शकों को धर्म और मर्यादा का संदेश देंगे।
कमेटी के पदाधिकारी और गणमान्य लोग रहे मौजूद
मुकुट पूजन कार्यक्रम में रामलीला कमेटी के महामंत्री अमित वर्मा, कोषाध्यक्ष मुकेश केसरवानी, दंगल अध्यक्ष मोहित सोनी, संरक्षक गोपाल जी सर्राफ, तुषार केसरवानी, अतिन केसरवानी, नीरज केसरवानी और शंकर लाल सहित नगर के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इसके अलावा रामलीला कमेटी के अन्य सदस्य भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
कमेटी के पदाधिकारियों और सदस्यों की मौजूदगी में विधि-विधान से पूजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम के जयकारे लगाए और रामलीला के सफल आयोजन की कामना की।

दस दिनों तक गूंजेंगे प्रभु श्रीराम के जयकारे
मुकुट पूजन के साथ शुरू हुई 101वें वर्ष की रामलीला को लेकर पुरानी बाजार सहित आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक माहौल बन गया है। आगामी दस दिनों तक रामलीला के मंचन के दौरान बड़ी संख्या में दर्शकों के पहुंचने की उम्मीद है। आयोजकों की ओर से परंपरा के अनुरूप विभिन्न धार्मिक प्रसंगों का मंचन कराया जाएगा।
भरवारी की पुरानी बाजार में एक सदी से अधिक समय से चली आ रही रामलीला की यह परंपरा नगर की सांस्कृतिक पहचान बनी हुई है। 101वें वर्ष में प्रवेश के साथ यह आयोजन नई पीढ़ी को अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का माध्यम भी बन रहा है। मुकुट पूजन के दौरान उमड़ी भीड़ ने आयोजन के प्रति नगरवासियों की आस्था और उत्साह को एक बार फिर सामने ला दिया।