अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में 27 अगस्त 2026, गुरुवार को स्थानीय सांदीपनि विद्यालय घोड़ाडोंगरी में एक प्रेरणादायी वैचारिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में संस्कारों को मजबूत करना, पर्यावरण संरक्षण और समाज को नशामुक्त बनाना रहा। इस अवसर पर शांतिकुंज हरिद्वार द्वारा जारी रक्षाबंधन हेतु विशेष संकल्प पत्र और वचन पत्र प्रस्तुत किया गया।


कार्यक्रम का शुभारंभ सामूहिक गायत्री मंत्र उच्चारण के साथ हुआ। इस आयोजन में गायत्री परिवार के जिला समन्वयक रविशंकर पारखे, तहसील समन्वयक डॉ. मनोज पाटणकर, सांदीपनि विद्यालय के प्राचार्य विवेक तिवारी, प्रधान पाठक विक्रांत गावंडे, युवा मीडिया समन्वयक हेमंत साहू सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं और 250 से अधिक बालिकाएं उपस्थित रहीं।
संवाददाता को गायत्री परिवार के जिला समन्वयक जी ने बताया कि गायत्री परिवार बच्चों में संस्कारों के साथ नशामुक्त रहने की प्रेरणा देता है। इसी क्रम में रक्षाबंधन पर एक अभिनव अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संस्कारशालाएं आज की पीढ़ी के भविष्य और चरित्र निर्माण की मजबूत नींव गढ़ रही हैं और रक्षाबंधन पर्व को समाज सुधार से जोड़ने के लिए यह पहल की गई है।
इस अभियान के तहत क्षेत्र की बहनें अपने भाइयों को रक्षासूत्र के साथ यह विशेष वचन पत्र भेंट करेंगी और भाई अपनी बहनों को जीवन में कभी भी किसी प्रकार के नशे का सेवन न करने का वचन देंगे। जिला समन्वयक जी ने कहा कि एक बहन के लिए उसके भाई की सुरक्षा और उज्ज्वल चरित्र ही सबसे बड़ा उपहार होता है और जब भाई नशे से दूर रहेगा तो समाज से एक बड़ी कुप्रथा का स्वतः अंत हो जाएगा।
तहसील समन्वयक डॉ. मनोज पाटणकर एवं अन्य अतिथियों ने बच्चों को नैतिक शिक्षा, अनुशासन और जीवन मूल्यों के महत्व के बारे में बताया। साथ ही पर्यावरण संतुलन के लिए विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण करने का निर्णय लिया गया। युवा मीडिया समन्वयक हेमंत साहू ने बताया कि ऐसे अभियानों से युवा पीढ़ी में सकारात्मक बदलाव आ रहा है।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय परिवार ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज हित में क्रांतिकारी कदम बताया और सभी ने समाज को नशामुक्त और हरा-भरा बनाने का संकल्प लिया।