प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं अधिक से अधिक किसानों को योजना से जोड़ने के उद्देश्य से कृषि विभाग एवं भारतीय कृषि बीमा कंपनी (ए.आई.सी. ऑफ इंडिया) द्वारा जिले में कृषक जागरूकता रथ का संचालन किया जा रहा है। जागरूकता रथ 17 अगस्त 2026 तक जिले के सभी विकासखण्डों, तहसीलों एवं ग्राम पंचायतों में भ्रमण कर ऑडियो संदेश, पम्पलेट एवं अन्य प्रचार सामग्री के माध्यम से किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लाभ, बीमा प्रक्रिया तथा फसल बीमा योजना की अन्य गतिविधियों की जानकारी देगा।

दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े एवं उपसंचालक कृषि ने किसानों से अपील की कि प्राकृतिक आपदाओं एवं मौसम की अनिश्चितताओं, विशेषकर संभावित अल-नीनो के प्रभाव, को देखते हुए अधिसूचित फसलों का समय पर बीमा कराकर योजना का लाभ अवश्य लें। खरीफ-2026 सीजन में अधिसूचित फसलों जैसे उड़द, मूंग ज्वार,बाजरा,धान,तिल, मूंगफली आदि के लिए किसानों को केवल 2% प्रतिशत प्रीमियम ही जमा करना होगा, जबकि शेष प्रीमियम राशि शासन द्वारा वहन की जाएगी।
उप संचालक कृषि ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों को योजना से जोड़ना है।किसानों की सुविधा एवं अधिकाधिक किसानों को योजना का लाभ दिलाने के उद्देश्य से सरकार द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत फसल बीमा कराने की निर्धारित अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 से बढ़ाकर 17 अगस्त 2026 तक कर दी गई है। किसानों से अपील की गई कि वे इस बढ़ी हुई समय-सीमा का अधिकतम लाभ उठाते हुए निर्धारित तिथि से पूर्व अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा अवश्य कराएं।

ऋणी किसानों का प्रीमियम संबंधित बैंक के माध्यम से जमा कराया जाएगा, जबकि अऋणी किसान स्वयं सीएससी केन्द्र, बैंक शाखा या क्राप इंश्योरेंस एप के माध्यम से स्वयं अपनी फसलों का बीमा करा सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए किसान अपने क्षेत्र के बीमा प्रतिनिधि अथवा कृषि विभाग के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।