News By- हिमांशु उपाध्याय / नितिन केसरवानी
कौशांबी: जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में उस समय माहौल गरमा गया जब सपा महिला जिलाध्यक्षा विभा सिंह ने सिराथू के व्यापारियों की बदहाली का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने विकास कार्यों पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि योजनाओं के नाम पर स्थानीय व्यापारियों की आजीविका छीनी जा रही है।
“विकास नहीं, व्यापारियों पर प्रहार”
विभा सिंह यादव ने आरोप लगाते हुए कहा कि तहसील को दूसरी जगह शिफ्ट करने से सिराथू बाजार की रीढ़ टूट गई है। रेलवे ओवरब्रिज (ROB) बनने से चाय-समोसा बेचने वाले छोटे दुकानदारों का रोजगार खत्म हो गया
अब रजिस्ट्री ऑफिस को दूर जंगल क्षेत्र में स्थानांतरित कर दिया गया, जिससे बचा-खुचा व्यापार भी चौपट हो रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इन फैसलों से पहले कभी स्थानीय व्यापारियों, ठेला दुकानदारों और गरीब तबके के भविष्य के बारे में सोचा गया?

“एक समाधान से बच सकता है रोजगार”
विभा सिंह यादव ने सुझाव देते हुए कहा कि अगर रेलवे ओवरब्रिज के नीचे अंडरपास बनाया जाए, तो बाजार में फिर से आवाजाही बढ़ेगी छोटे व्यापारियों और ठेले वालों का रोजगार वापस पटरी पर आ सकता है।
सांसद से की अपील
उन्होंने क्षेत्र के सांसद से मांग की कि इस गंभीर मुद्दे पर तत्काल विचार किया जाए, ताकि सिराथू के हजारों लोगों की रोजी-रोटी पर मंडरा रहा संकट खत्म हो सके। बड़ा सवाल है कि क्या विकास की कीमत पर उजड़ता रहेगा सिराथू का बाजार? या फिर जनप्रतिनिधि आगे आकर देंगे व्यापारियों को राहत?