News By- नितिन केसरवानी
कौशाम्बी/भरवारी: नगर स्थित संघ कार्यालय में रविवार को आयोजित बैठक में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में आवाज उठाई। साथ ही विपक्ष के एक निंदा प्रस्ताव पारित किया। आयोजित बैठक में राष्ट्रीय संयोजिका माया नामदेव (नारी सशक्तिकरण संगठन) ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम में प्रस्तावित आवश्यक संशोधनों के पारित न हो पाने पर रोष व्यक्त किया गया।
आरोप लगाया कि विपक्ष ने इस विषय पर नकारात्मक और महिला विरोधी रवैया अपनाया। जिससे संसद में आधी आबादी को उनके संवैधानिक अधिकार मिलने से वंचित करने का प्रयास किया गया। रिचा रस्तोगी (कमिश्नरी प्रयागराज कार्यकारी अध्यक्ष) ने कहा कि यह विधेयक देश की माताओं, बहनों और बेटियों को संसद व विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देकर राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक है।
इसमें भारतीय जनता पार्टी की महिलाओं के राजनीतिक उत्थान के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति की सराहना की गई। जबकि विपक्ष पर राजनीतिक स्वार्थों के कारण इस प्रगतिशील कानून की राह में बाधा डालने का आरोप लगाया गया। बैठक शामिल महिलाओं ने अपने अधिकारों और सशक्तिकरण के प्रति पूर्ण प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने संकल्प लिया कि यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक ‘नारी शक्ति’ को देश के नीति-निर्माण में उनका उचित और सम्मानजनक प्रतिनिधित्व प्राप्त नहीं हो जाता। इस दौरान तारा केसरवानी कमिश्नरी प्रयागराज उपाध्यक्ष,मनोरमा केसरवानी उपाध्यक्ष, मंजू पाल महामंत्री,रीना केसरवानी, प्रीति केसरवानी, दीपमाला केसरवानी सहित अन्य कई महिलाएं मौजूद रही।