मध्य प्रदेश सरकार का यू-टर्न: बैंक ऑफ बड़ौदा पर लगाया गया प्रतिबंध 24 घंटे में ही हटा
₹175 करोड़ फंड विवाद के बाद कार्रवाई और फिर राहत—सरकार ने तत्काल प्रभाव से आदेश किया निरस्त
मध्य प्रदेश सरकार का यू-टर्न: बैंक ऑफ बड़ौदा पर लगाया गया प्रतिबंध 24 घंटे में ही हटा
₹175 करोड़ फंड विवाद के बाद कार्रवाई और फिर राहत—सरकार ने तत्काल प्रभाव से आदेश किया निरस्त
भोपाल, 29 मार्च 2026।मध्य प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख बैंक Bank of Baroda (BoB) के खिलाफ की गई कड़ी कार्रवाई को महज 24 घंटे के भीतर वापस ले लिया है। पहले जारी आदेश में बैंक को 5 वर्षों के लिए शासकीय लेन-देन से ब्लैकलिस्ट किया गया था, लेकिन 28 मार्च को जारी नए आदेश में इस प्रतिबंध को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया।
यह पूरा मामला मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत ₹175 करोड़ से अधिक की राशि के प्रबंधन में कथित लापरवाही और निर्देशों के पालन में कमी को लेकर सामने आया था। 27 मार्च 2026 को संस्थागत वित्त संचालनालय द्वारा जारी आदेश में राज्य के सभी विभागों, निकायों और उपक्रमों को बैंक ऑफ बड़ौदा के साथ किसी भी प्रकार का नया वित्तीय लेन-देन न करने के निर्देश दिए गए थे।
हालांकि, बैंक द्वारा प्रस्तुत अभ्यावेदन और स्पष्टीकरण के बाद सरकार ने अपने फैसले पर पुनर्विचार किया। 28 मार्च को आयुक्त, संस्थागत वित्त द्वारा जारी आदेश में पहले के निर्देश को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया।
इस घटनाक्रम ने प्रशासनिक निर्णय प्रक्रिया और बैंकिंग समन्वय पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी कार्रवाई का इतने कम समय में वापस लिया जाना शासन और बैंक के बीच संवाद की कमी को दर्शाता है।
अब देखना यह होगा कि भविष्य में इस तरह की स्थितियों से निपटने के लिए सरकार और बैंकिंग संस्थाएं क्या कदम उठाती हैं।
देखिए आदेश
