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कार्यकारी संचालक के सफलतम तीन वर्ष, रोजगार&स्वरोजगार को बढ़ावा देने में सेडमैप का महत्वपूर्ण योगदान

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भोपाल.
उद्यमिता विकास केन्द्र मध्यप्रदेश (सेडमैप) की कार्यकारी संचालक अनुराधा सिंघई के तीन साल पूरे होने पर कर्मचारियों सहित विभिन्न संगठनों ने उनका स्वागत किया। 28 जुलाई 2021 को कार्यकारी संचालक अनुराधा सिंघई ने कर्ज में डूबे उद्यमिता विकास केंद्र मध्यप्रदेश (सेडमैप) की कमान संभाली थी। उन्होंने सर्वप्रथम कर्मचारियों के 10 माह के बकाया वेतन का भुगतान करने को प्राथमिकता देते हुए कुछ ही माह में सेडमैप को आर्थिक संकट से बाहर निकालने में सफलता हासिल की। संस्थान के उद्देश्य रोजगार-स्वरोजगार के क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे उनके प्रयासों को सभी ओर सराहा जा रहा है। तमाम उपलब्धियों के साथ सेडमैप में सफलतम तीन वर्ष पूरे करने पर विभिन्न संगठनों और कर्मचारियों ने कार्यकारी संचालक अनुराधा सिंघई को पुष्पगुच्छ भेंटकर बधाई दी और उनका स्वागत किया।

इस मौके पर सेडमैप की कार्यकारी संचालक अनुराधा सिंघई ने बताया कि तीन वर्षों में उन्होंने भ्रष्टाचार के विरूद्ध सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए आउटसोर्स सेवाओं और प्रशिक्षण में पारदर्शिता लाने एवं गुणवत्ता बढ़ाने पर ध्यान केन्द्रित किया, जिसके अच्छे परिणाम आ रहे हैं। बीते तीन वर्षों में सेडमैप द्वारा 81 हजार से अधिक युवाओं को विभिन्न ट्रेड्स में प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। इस कार्य में और तेजी लायी जा रही है, ताकि आगामी वर्षों में 50 लाख लोगों को स्वरोजगार एवं बिजनेस लिंकेज से जोड़ा जा सके।  

कार्यकारी संचालक अनुराधा सिंघई के निरंतर प्रयासों के चलते सेडमैप जहां रोजगार-स्वरोजगार प्रदान करने वाला महत्वपूर्ण संस्थान बन गया है, वहीं केन्द्र और राज्य सरकार की ओर से सेडमैप द्वारा आजीविका संवर्द्धन के लिए भी कार्य किया जा रहा है। सेडमैप का पी.एम.यू. प्रभाग जहां प्रदेश भर में संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए सक्रिय है, वहीं सेडमैप मैनपावर प्रभाग मध्यप्रदेश की मॉनीटरिंग एजेंसी के रूप में कार्यरत है। सेडमैप द्वारा आउटसोर्स सेवाओं का कार्य किए जाने से सरकार को राजस्व की हानि रूकी है और कर्मचारियों के ईपीएफ और ईएसआईसी जैसे वैधानिक दायित्वों की पूर्ति भी की जा रही है। शासकीय विभागों में आउटसोर्स आधार पर कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया में पूरी तरह से पारदर्शिता बरती जा रही है। लोगों को विशेषकर बेरोजगार युवाओं को धोखाधड़ी से बचाने के लिए उन्हें जागरूक किया जा रहा है और उनकी शिकायतों का तत्काल निराकरण भी किया जा रहा है।

कार्यकारी संचालक अनुराधा सिंघई ने बताया कि सरकार की ई-गवर्नेंस पद्धति पर सेडमैप, काम कर रहा है ताकि लोगों की समस्याओं का ऑनलाइन समाधान हो सके। इसके लिए सेडमैप की वेबसाइट सहित डिजिटल माध्यम से बेरोजगारों से सीधे जुड़कर समस्या का त्वरित समाधान दिया जा रहा है साथ जारी हेल्प लाइन नंबर भी समस्या निवारण में सार्थक साबित हो रहे है सेडमैप के कर्मचारी भी अपने कार्यकारी संचालक अनुराधा सिंघई की बेहतर कार्यशैली की सराहना करते नहीं थकते। कर्मचारियों का मानना है कि विगत तीन वर्षांे से, जब से कार्यकारी संचालक के रूप में अनुराधा सिंघई ने कार्यभार संभाला है तब से सेडमैप में काफी सुधार आया है और सेडमैप की सफलता की कहानी अब प्रदेश के बेरोजगारों की आस बन चुकी है  भ्रष्टाचार मुक्त, पारदर्शी और सौहार्द वातावरण कर्मचारियों को प्राप्त हुआ है। सेडमैप की निखरती छवि पर सभी कर्मचारियों को गर्व है और यह सब कुछ कार्यकारी संचालक अनुराधा सिंघई की कार्य क्षमता, दूरदर्शिता और प्रशासनिक क्षमता का परिणाम है।

उपलब्धियों पर एक नजर

सेडमैप द्वारा रोजगार-स्वरोजगार योजनाओं का लाभ अधिक-से-अधिक लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
बीते 3 वर्षों में 81 हजार से अधिक युवाओं को विभिन्न ट्रेड्स में गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है यह सिलसिला निरंतर जारी है।भ्रष्टाचार मुक्त वातावरण एवं पारदर्शी कार्यशैली के चलते योग्य अभ्यार्थियों को रोजगार-स्वरोजगार प्राप्त हो रहा है।
उद्यमिता विकास केन्द्र मध्यप्रदेश (सेडमैप) दिनोंदिन उन्नति कर रहा है। कार्यकारी संचालक के कार्यभार संभालने से पूर्व संस्था बंद की कगार पर थी वहीं अब एम.एस.एम.ई. की नोडल एजेंसी के रूप में बेहतर कार्य कर रही है।
सेडमैप द्वारा प्रदान किए जा रहे प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार किया गया है। युवाआंे को सैद्धांतिक प्रशिक्षण के साथ ही प्रायोगिक प्रशिक्षण भी मिल सके, इसके लिए फूड प्रोसेसिंग इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किया गया है।
सेडमैप के कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सकें, इसके लिए पीएमयू सेंटर, मीडिया सेंटर और कस्टमर केयर सेंटर स्थापित किए गए।
कार्यकारी संचालक द्वारा सीधी बातचीत के द्वारा भी समस्याओं का त्वरित समाधान की व्यवस्था
मध्यप्रदेश के शासकीय विभागों में आउटसोर्स सेवाओं के माध्यम से बेरोजगार को रोजगार के अवसर सुलभ कराए गए।
नौकरियों में धोखाधड़ी से बचाने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए और वेबसाइट को अपडेट कराया गया।
शासकीय योजनाओं का प्रचार-प्रसार, प्रशिक्षण के माध्यम से भी प्रचार-प्रसार ताकि अधिक-से-अधिक युवाओं को योजनाओं का लाभ मिल सके।
स्टार्ट अप के लिए युवाओं को प्रेरित किया।
युवाओं को परंपरागत रोजगार के साथ ही अपरंपरागत रोजगार के क्षेत्र में निखारने के लिए चौंजमेकर क्लब का गठन किया गया।
रोजगार-स्वरोजगार और कॅरियर के प्रति जागरूकता के लिए युवा मित्रम के माध्यम से डिजिटली संदेश
कार्यकारी संचालक के भरसक प्रयासों के चलते मध्यप्रदेश के जिला समन्वयकों को जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र में स्थान मिला एवं रोजगार प्रशिक्षण हेतु संभागीय कार्यालय स्थित हैं।
इम्पैनलमेंट के माध्यम से कई रोजगार-स्वरोजगार के कार्य में तेजी लाई गई, जो सतत जारी है।
लोगों से प्राप्त सुझावों के अनुरूप कई अभिनव प्रयोग

सेडमैप का आगामी लक्ष्य
कार्यकारी संचालक के सफलतम तीन वर्ष पूरे होने की खुशी में नए संकल्प और नवऊर्जा के साथ सेडमैप ने प्रदेश भर में करीब 50 लाख युवाओं को स्वरोजगार एवं बिजनेस लिंकेज से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। इसी उद्देश्य से सेडमैप द्वारा सही दिशा और ज्ञान के साथ प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है, जिससे युवाओं को आजीविका के लिए जीवन में निराशा हाथ न लगे।

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