Breaking News in Primes

सांदीपनि विद्यालय मझौली की बदहाल स्थित से बच्चों का भविष्य हो रहा चौपट, शिक्षक भी परेशान। 

0 0

सांदीपनि विद्यालय मझौली की बदहाल स्थित से बच्चों का भविष्य हो रहा चौपट, शिक्षक भी परेशान।

 

खण्ड स्तर से लेकर जिले भर के जिम्मेवारों की चुप्पी और निष्क्रियता पर सवाल?

 

*अरविंद सिंह परिहार सीधी/मझौली*

 

जिले के मझौली विकासखंड की जानी- मानी विद्यालय जो लगभग 10 वर्षों से सीएम राइज के नाम से संचालित है वर्तमान में इसका नाम बदलकर सांदीपनि विद्यालय रखा गया है। जो भवन के अभाव में दो केंपस में संचालित है। प्रथम कैंपस में 9 से 12 तक की क्लास संचालित है जहां भवन के अभाव एवं चल रहे भवन निर्माण कार्य के सोर- गुल कीचड़, चारों ओर फैली सामाग्री व समुचित शिक्षकों के आभाव में बच्चों का भविष्य चौपट हो रहा है। वही द्वितीय कैंपस जो 30से 50-60 वर्ष तक के पुराने पटिया-गाटर वाले भवन में वन विभाग कार्यालय मझौली के पास जिसमें पूर्व में कन्या विद्यालय संचालित हुआ करती थी उसी में संचालित है जहां नर्सरी से लेकर कक्षा 8 तक के छोटे बच्चे अध्ययनरत हैं। भवन काफी जर्जर है छत से पानी टपक रहा है। छोटे-छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर विद्यालय प्रबंधन व शिक्षक परेशान है। बताया जा रहा है कि गत वर्षो में प्राचार्य द्वारा पॉलिथीन डलवा दी जाती थी जिससे इतनी समस्या नहीं होती थी इस वर्ष ऐसी कोई व्यवस्था नहीं हो पाई है जिससे भारी परेशानी हो रही है। शिक्षकों की माने तो उनका कहना है कि शिक्षा से पहले बच्चों की सुरक्षा जरूरी है इसलिए जो कमरे कुछ सुरक्षित हैं दो से तीन क्लास के बच्चों को एक साथ बैठ कर पढ़ाया जा रहा है। भवन काफी जर्जर है वहां बैठना उचित नहीं समझा जा रहा।

बताया जा रहा है कि प्राचार्य केएल विश्वकर्मा के स्थानांतरण हो जाने पर विद्यालय की शैक्षणिक व अन्य व्यवस्था गड़बड़ाई हुई है। विद्यालय को पांच बसे प्राप्त हैं फिर भी दूसरी पाली कक्षा 11 एवं 12 के बच्चों को बस नसीब नहीं हो रही है। भले ही चाहे कैंपस में खड़ी रही हो। जिससे बच्चों के साथ गरीब मजदूर अभिभावकों की भी परेशानी बनी हुई है। विद्यालय भवन के ठेकेदार मनमानी पूर्ण रवैया अपने हुए हैं जिसको लेकर विद्यालय प्रबंधन के साथ प्रशासनिक अमला निष्क्री बना हुआ है। पूर्व प्राचार्य केएल विश्वकर्मा के द्वारा समस्या को लेकर लगातार जिम्मेदारों से अवगत कराया जाता रहा। तथा लगातार खबर प्रकाशन से नवीन कलेक्टर जिले में पदभार ग्रहण करते ही अप्रैल माह में विद्यालय पहुंचे थे जिसका जायजा लेते हुए विभागीय अधिकारियों को फटकार लगाते विद्यालय की स्थिति के बारे में जानकारी लिए थे तब विभागीय अधिकारियों द्वारा कहा गया था कि जुलाई तक एक ब्लॉक दे दिया जाएगा लेकिन कलेक्टर के चले जाने के बाद ना तो विभागीय अधिकारी नजर आए ना ही विद्यालय भवन निर्माण के संविदाकार। पूर्व की तरह ही लगातार विद्यालय भवन को ध्वस्त कर चारों तरफ सामग्री फैलाई जाकर सांदीपनि विद्यालय के साथ मॉडल विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था में व्यवधान डाला जा रहा है। जिस समस्या को अब लगता है कि जिला कलेक्टर भी नजर अंदाज कर रहे हैं। अभी कुछ दिन पूर्व कलेक्टर यहां भ्रमण पर आए थे जिसमें सांदीपनि विद्यालय का निरीक्षण भी शामिल था वहां बच्चों के साथ अभिभावक समस्या से दिलाने के लिए निवेदन करने मौजूद थे लेकिन ब्राह्मण के दौरान कलेक्टर भी समस्या ग्रसित कार्यालय एवं स्थान से दूरी बनाते हुए अन्य कार्यालय में पहुंच झटपट निरीक्षण कर निकल लिए। कलेक्टर की यह कार्य प्रणाली लोगों एवं बच्चों के उम्मीद में पानी फेर दिया।

बताया जा रहा है कि एक ब्लॉक के 15से 20 कमरे बनकर तैयार हैं जिसे वैकल्पिक रूप में यदि विद्यालय प्रबंधन को दे दिया जाए तो कुछ हद तक शैक्षणिक व्यवस्था बन सकती है लेकिन संविदाकार आधे अधूरे पूरे ब्लॉक को लेने का दबाव बनाया जा रहा है।

विद्यालय में शिक्षकों के बीच भी वर्चस्व को लेकर असमंजस्य की स्थिति बनी हुई है। जिंससे शैक्षणिक व अन्य व्यवस्था गड़बड़ाई हुई है। समस्या से प्रभारी प्राचार्य के व्हाट्सएप पर वीडियो फोटो डाल अवगत कराया गया है लेकिन कई दिनों बीत जाने के बाद भी अभी तक किसी तरह से ना तो व्यवस्था सुधारने का प्रयास किया गया ना ही कोई बयान आ सका है।ऐसे में अत्यंत आवश्यक है कि प्रशासन को ऐसी विद्यालय में तत्काल प्राचार्य की पदस्थापना किया जाना चाहिए ताकि बच्चों के भविष्य को चौपट होने से बचाया जा सके।

This error message is only visible to WordPress admins

Error 403: The request cannot be completed because you have exceeded your quota..

Domain code: youtube.quota
Reason code: quotaExceeded

Error: No videos found.

Make sure this is a valid channel ID and that the channel has videos available on youtube.com.

Leave A Reply

Your email address will not be published.

Don`t copy text!