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देखिए खबर::अमलाई कॉलरी में सुरक्षा का मज़ाक!

चौकीदार बना चोरों का सरदार, हर रात उड़ाई जा रही लाखों की मशीनरी

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अमलाई कॉलरी में सुरक्षा का मज़ाक!

 

चौकीदार बना चोरों का सरदार, हर रात उड़ाई जा रही लाखों की मशीनरी

 

अमलाई::एसईसीएल (SECL) की अमलाई और धनपुरी ई-सेंक्टर की खुली खदानों में सुरक्षा नाम की कोई चीज़ अब सिर्फ़ कागज़ों में बची है। जहां हर दिन करोड़ों का कोयला निकाला जाता है, वहीं हर रात लाखों की मशीनरी चोरी हो रही है – और यह सब कुछ हो रहा है ‘सुरक्षाकर्मियों’ की मौजूदगी में!

 

अब सवाल यह है कि जब सुरक्षा है, तो चोरी कैसे? जवाब चौंकाने वाला है: खुद चौकीदार ही चोरों का सरगना बन बैठा है!

 

चौकीदार की कॉल पर चोर सक्रिय, मिनटों में माल गायब

 

स्थानीय सूत्रों की मानें तो यह कोई सामान्य चोरी नहीं है, बल्कि एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा है। कॉलरी सुरक्षा विभाग के ही कुछ वर्दीधारी चौकीदार चोरों से मिले हुए हैं। जैसे ही रात का सन्नाटा फैलता है, चोरी का खेल शुरू हो जाता है।

 

लोहे के भारी उपकरण, महंगे मशीनरी पार्ट्स और वॉल्व, गियर, बैरिंग जैसे तकनीकी सामान – हर रात लूट लिए जाते हैं। चोरी इतना सुनियोजित ढंग से होती है कि कोई सुबूत तक नहीं मिलता।

 

चोरी करवाने के बदले “मुर्गा पार्टी”, “बकरा दावत”!

 

जांच में सामने आया है कि चोरी को अंजाम देने के बाद चोर और चौकीदार मिलकर जश्न मनाते हैं। चोरी की एवज में पार्टी होती है – बकरे और मुर्गे की। अरविंद नामक व्यक्ति के कमरे में इन पार्टीज़ की पुष्टि हुई है।

बुढार का चर्चित चोर ‘राहुल कटिंग’ भी इस नेटवर्क में सक्रिय बताया जा रहा है, जो धनपुरी के रास्ते बंगवार और वर्कशॉप एरिया में आवाजाही करता है।

 

कॉलरी प्रबंधन और पुलिस की भूमिका संदिग्ध

 

सवाल उठता है कि जब हर रात चोरी हो रही है, और चौकीदार तक शक के घेरे में हैं, तो क्या कॉलरी प्रबंधन ने आंखें मूंद ली हैं? क्या सुरक्षा अधिकारी और पुलिस महज़ औपचारिकता निभा रहे हैं?

 

बड़ा खुलासा यह भी है कि कॉलरी प्रबंधन ने अपने चौकीदारों को हटाकर अब एसआईएसएफ (SISF) के भरोसे स्टोर की सुरक्षा छोड़ दी है। लेकिन सवाल यह है कि जब एक ही जवान से पूरी सुरक्षा की उम्मीद की जाएगी, तो गिरोह का मुकाबला कैसे होगा?

 

करोड़ों का बजट, फिर भी बेबसी क्यों?

 

हर साल सुरक्षा के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन नतीजा सिफर!

 

क्या यह बजट सिर्फ फाइलों की शोभा बढ़ाने के लिए है?

 

कॉलरी की संपत्ति पर हो रहे इस सुनियोजित डकैती में ड्राइवर, खलासी और कुछ खदानकर्मी भी शामिल बताए जा रहे हैं। यह ‘इनसाइड जॉब’ कॉलरी की छवि ही नहीं, पूरे कोयला उद्योग की साख पर खतरा बन चुका है।

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