*मध्यप्रदेश सरकार का बड़ा एक्शन: वित्तीय अनियमितताओं के मामले में लगभग 392 अधिकारियों पर कार्रवाई*
भोपाल,25 अक्टूबर (प्राइमस संदेश)। मध्यप्रदेश शासन ने वित्तीय अनियमितताओं और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाते हुए लगभग 392 अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की है। नगरीय प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने यह जानकारी दी है।
*प्राइमस संदेश मध्यप्रदेश/छत्तीसगढ़/राजस्थान/ उत्तरप्रदेश/हरियाणा*
जानकारी के अनुसार वित्तीय अनियमितताओं के इन मामलों में विभिन्न स्तरों के लगभग 392 अधिकारी शामिल हैं, जिनमें लगभग 135 मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) भी शामिल हैं। अनियमितता और लापरवाही के आधार पर अधिकारियों के विरुद्ध वेतन वृद्धि रोकने, डिमोट करने और बर्खास्तगी जैसी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।
*बर्खास्तगी और रिकवरी*
अब तक कुल 7 अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है, और अनियमित भुगतान के विरुद्ध लगभग 3–4 करोड़ की रिकवरी (वसूली) की गई है।

*ठेकेदारों पर शिकंजा*
गलत तरीकों या गलत दरों पर सामग्री और सेवाएं उपलब्ध कराने वाले 80 से अधिक ठेकेदारों व सप्लायर्स के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की गई है। यह प्रक्रिया निरंतर जारी है।
*तकनीक और AI से निगरानी*
शासन स्तर पर भ्रष्टाचार और गड़बड़ियों को रोकने के लिए तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के माध्यम से लगातार निगरानी रखी जा रही है।
*प्राइमस संदेश और मनीष राठौर और शेरिल रश्मि साल्वी*

*सरकार का स्पष्ट उद्देश्य*
नगरीय प्रशासन विभाग के अनुसार, सरकार का यह स्पष्ट निर्देश है कि यह जनता के गाढ़े पसीने की कमाई का पैसा है। इसका किसी भी रूप में दुरुपयोग न हो, बल्कि इसका पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करते हुए नागरिकों को योजनाओं और राशि का पूरा लाभ मिले।
*प्राइमस संदेश से शेरिल रश्मि साल्वी की रिपोर्ट*