भरवारी के मंच पर बिखरा देशभर की प्रतिभाओं का जलवा, कौशांबी गॉट टैलेंट सीजन-2 में कलाकारों ने मचाई धूम
News By-नितिन केसरवानी
नृत्य, संगीत और मॉडलिंग की शानदार प्रस्तुतियों ने मोहा दर्शकों का मन, विजेताओं को किया गया सम्मानित, मुंबई की मशहूर कोरियोग्राफर वैष्णवी पाटिल रहीं जज
कौशाम्बी: भरवारी छोटे शहरों और कस्बों में भी प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत है तो सिर्फ उन्हें एक बेहतर मंच, सही दिशा और प्रोत्साहन देने की। इसी सोच को साकार करते हुए भरवारी के लखन लाल रिसॉर्ट में आयोजित कौशांबी गॉट टैलेंट सीजन-2 में देश के विभिन्न शहरों और राज्यों से पहुंचे कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का ऐसा शानदार प्रदर्शन किया कि पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। नृत्य, संगीत और मॉडलिंग की आकर्षक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंच पर कहीं डांस का जोश नजर आया तो कहीं मॉडलिंग के दौरान आत्मविश्वास और अदाओं का शानदार संगम देखने को मिला। इस आयोजन में स्थानीय प्रतिभाओं के साथ मुंबई, दिल्ली, प्रयागराज, इंदौर, देवरिया, ओडिशा और नेपाल से आए प्रतिभागियों ने हिस्सा लेकर कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्तर का रंग दे दिया।
कार्यक्रम में मुंबई से पहुंचीं मशहूर कोरियोग्राफर, डांसर एवं अभिनेत्री वैष्णवी पाटिल ने निर्णायक की भूमिका निभाई। उनकी मौजूदगी ने प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने एक-एक प्रस्तुति को बारीकी से परखा और प्रतिभागियों के हुनर, मेहनत, आत्मविश्वास तथा मंच पर प्रदर्शन के आधार पर विजेताओं का चयन किया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों में अपने हुनर को साबित करने का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। हर प्रस्तुति के बाद दर्शकों की तालियों और उत्साहवर्धन ने कलाकारों का मनोबल बढ़ाया।

डांस जूनियर वर्ग में प्रयागराज की ईशू बीबीसी ने मारी बाजी
प्रतियोगिता के डांस जूनियर वर्ग में प्रयागराज की ईशू बीबीसी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। दिल्ली की आस्था झा ने अपनी बेहतरीन प्रस्तुति के दम पर दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि प्रयागराज की तेजस्वनी आर्या तीसरे स्थान पर रहीं। जूनियर वर्ग के प्रतिभागियों ने अपनी नृत्य कला, लय, ताल और ऊर्जा से दर्शकों को खूब प्रभावित किया। कम उम्र में बच्चों का आत्मविश्वास और मंच पर उनकी शानदार पकड़ कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रही।
डांस सीनियर वर्ग में ओडिशा के लोहार का जलवा
डांस सीनियर वर्ग में ओडिशा के लोहार ने शानदार नृत्य प्रस्तुति देकर प्रथम स्थान प्राप्त किया। इंदौर के पवन कुमावत ने दूसरा और देवरिया के एलएक्स पॉप ने तीसरा स्थान हासिल किया। सीनियर वर्ग के प्रतिभागियों ने अपनी अलग-अलग नृत्य शैलियों और दमदार प्रस्तुतियों से प्रतियोगिता को बेहद रोमांचक बना दिया। मंच पर कलाकारों की ऊर्जा, बेहतरीन तालमेल और शानदार कोरियोग्राफी ने दर्शकों को देर तक अपनी जगह पर बैठे रहने को मजबूर कर दिया।
ग्रुप डांस में प्रयागराज की टीमों का दबदबा
ग्रुप डांस प्रतियोगिता में प्रयागराज की टीमों ने अपना दबदबा कायम रखा। बीट ब्रेकर क्रू प्रयागराज ने बेहतरीन सामूहिक नृत्य प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया। दिशा नंदू बीबीसी प्रयागराज दूसरे और द अल्टीमेट क्रू प्रयागराज तीसरे स्थान पर रहा। समूह नृत्य में कलाकारों के बीच शानदार तालमेल, एकरूपता, ऊर्जा और आकर्षक प्रस्तुति देखने को मिली। टीमों ने अपने अनूठे अंदाज से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
मॉडलिंग में सृष्टि कुशवाह बनीं विजेता
मॉडलिंग प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अपने आत्मविश्वास, व्यक्तित्व और आकर्षक मंच प्रदर्शन से सभी का ध्यान आकर्षित किया। इस वर्ग में सृष्टि कुशवाह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। श्वेता पांडे दूसरे और शुभम कुमार जैस तीसरे स्थान पर रहे। मॉडलिंग के दौरान प्रतिभागियों की मंच पर प्रस्तुति, व्यक्तित्व और आत्मविश्वास प्रतियोगिता का मुख्य आकर्षण बना रहा।
मॉडलिंग मॉम्स वर्ग में शिखा वर्मा ने हासिल किया प्रथम स्थान
कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण मॉडलिंग मॉम्स वर्ग भी रहा। इस वर्ग में महिलाओं ने पूरे आत्मविश्वास और उत्साह के साथ मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। शिखा वर्मा ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि आरती केसरवानी दूसरे और पुष्पांजलि गौतम तीसरे स्थान पर रहीं। इस प्रतियोगिता ने यह संदेश दिया कि प्रतिभा और आत्मविश्वास की कोई उम्र नहीं होती। महिलाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने कार्यक्रम को एक अलग पहचान दी।

बड़े शहरों तक सीमित नहीं प्रतिभा, सही मंच की है जरूरत : वैष्णवी पाटिल
निर्णायक की भूमिका निभाने पहुंचीं मुंबई की मशहूर कोरियोग्राफर, डांसर एवं अभिनेत्री वैष्णवी पाटिल ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि भरवारी जैसे कस्बे में देश के विभिन्न हिस्सों से प्रतिभाओं को एक मंच पर लाना अपने आप में सराहनीय प्रयास है। प्रतिभा को आगे बढ़ने के लिए केवल बड़े शहरों की जरूरत नहीं होती, बल्कि एक अच्छे मंच, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन की आवश्यकता होती है। ऐसे आयोजनों से कलाकारों का आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें अपनी कला के माध्यम से पहचान बनाने का अवसर मिलता है। उन्होंने प्रतिभागियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
स्थानीय आयोजकों की मेहनत से राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान
कौशांबी गॉट टैलेंट सीजन-2 के सफल आयोजन में एबीसी डांस स्टूडियो भरवारी के सचिन पॉप और उनकी पूरी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सीमित संसाधनों के बावजूद देश के विभिन्न हिस्सों से कलाकारों को एक मंच पर लाना और इतने बड़े स्तर पर प्रतियोगिता का आयोजन करना आयोजकों की मेहनत और समर्पण को दर्शाता है। कार्यक्रम के संचालन की जिम्मेदारी हिमांशु त्रिपाठी ने बखूबी निभाई। वहीं तृप्ति केसरवानी, राहुल रॉक, सत्यम राजपूत, नैतिक, हर्ष और लकी ने आयोजन को सफल बनाने में विशेष योगदान दिया।
पत्रकारों को सम्मानित कर बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम के दौरान आयोजक समिति की ओर से नगर और जनपद के पत्रकारों को भी सम्मानित किया गया। आयोजकों ने पत्रकारों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि समाज में कला, संस्कृति, प्रतिभा और सकारात्मक गतिविधियों को पहचान दिलाने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। पत्रकारों के सम्मान से कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच उत्साह और अपनत्व का माहौल देखने को मिला।

प्रतिभाओं को पहचान दिलाना ही आयोजन का मुख्य उद्देश्य
आयोजक समिति ने बताया कि कौशांबी गॉट टैलेंट का मुख्य उद्देश्य जिले और आसपास के क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को खोजकर उन्हें एक बेहतर मंच उपलब्ध कराना है। इसके माध्यम से कलाकारों को अपनी कला प्रदर्शित करने, अनुभवी लोगों से मार्गदर्शन प्राप्त करने और व्यापक स्तर पर अपनी पहचान बनाने का अवसर मिलता है। आयोजन का लक्ष्य केवल प्रतियोगिता कराना नहीं, बल्कि युवाओं, बच्चों और अन्य कलाकारों के भीतर छिपे हुनर को सामने लाकर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना भी है।
कौशांबी गॉट टैलेंट सीजन-2 ने भरवारी की धरती पर कला, संस्कृति, रचनात्मकता और प्रतिभा का शानदार संगम प्रस्तुत किया। देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकारों की भागीदारी ने इस आयोजन को विशेष बना दिया। कार्यक्रम ने एक बार फिर साबित किया कि हुनर किसी शहर, क्षेत्र या उम्र का मोहताज नहीं होता। यदि प्रतिभाओं को उचित अवसर और प्रोत्साहन मिले, तो छोटे कस्बों से निकलकर भी कलाकार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना सकते हैं।