टीका लगते बिगड़ी मासूम की तबीयत, हुई मृत्यु।परिजनों का गलत टीकाकरण से मृत्यु का आरोप, जांच कार्यवाही की मांग।
टीका लगते बिगड़ी मासूम की तबीयत, हुई मृत्यु।परिजनों का गलत टीकाकरण से मृत्यु का आरोप, जांच कार्यवाही की मांग।
सीधी/मझौली
जिले के मझौली उपखंड क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत नेबूहा ग्राम बगैहा निवासी पूजा पति सचिन गुप्ता की साडे 3 वर्षीय की पुत्री शुभी गुप्ता की टीका लगते ही तवियत विगडी और देखते ही देखते 7-8 घंटे के अंदर उसकी मृत्यु हो गई। परिजनों द्वारा मृत्यु का कारण गलत टीकाकरण एवं विगडी स्वास्थ्य को बताते हुए जांच कार्यवाही की मांग की गई है।

परिजनों ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि कल 18 सितंबर को क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता के पति अयोध्या सेन द्वारा बच्ची के मा के नम्बर पर फोन कर कहां गया कि बगैहा स्कूल में टीकाकरण हो रहा है बच्ची को ले जाकर टीका लगवा लो जिनके कहने पर मां बच्ची को लेकर स्कूल पहुंची जहां पर आशा कार्यकर्ता एवं
एमपीडब्ल्यू बताए जा रहे बाबूलाल सिंह मौजूद थे बाबूलाल सिंह द्वारा दोनों कमर में दो टीके लगाए गए तथा एक दवा पिलाई गई। तभी से बच्ची का रोना चालू हो गया। मां बच्ची को लेकर घर आ गई बुखार आने पर स्वास्थ्य कर्मियों के बताए अनुसार दवा पिलाई गई किंतु किसी तरह से आराम नहीं मिला रात करीब 12 बजे नाक से हल्का खून निकाला और बच्ची ज्यादा सीरियस हो गई जिसे आनंन- फानन में मझौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया जहां डॉक्टर उपस्थित नहीं थे सिस्टरो द्वारा बुलाए जाने पर डॉक्टर पहुंचे और मृत्यु घोषित कर दिए। बच्ची को लेकर परिजन घर आ गए सुबह मझौली थाने पहुंच कर संपूर्ण घटना की प्राथमिक की दर्ज कराई गई जिसकी जांच मुआयना कर बच्ची को पीएम के लिए मर्चुरी मझौली लाया गया पीएम उपरांत शव परिजनों को सौपा जाकर जांच विवेचना में लिया गया है। टीकाकरण कार्ड में डेढ़ महीने वाले कलम में एक ही डेट पर पांच टीकाकरण अंकित किया गया है जो सवाल खड़ा कर रहा है। मासूम की मृत्यु कैसे हुई वास्तविक कारण पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा।

*जिम्मेदारों का आया अटपटा बयान*
मामले के संबंध में बयान दर्ज करने के लिए सुबह आशा कार्यकर्ता को फोन लगाया गया उसके पति द्वारा ही गैर जिम्मेदारा बयान देते हुए कहा गया कि आप टीकाकरण करने वाले से ही बात कर लीजिए। तब मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी को सुबह ही फोन लगाया गया फोन रिसीव न होने पर व्हाट्सएप पर मैसेज किया गया जिसका जवाब खबर लिखे जाने तक ना आ पाने पर बीपीएम मझौली कमलेश चौधरी को फोन लगाया गया जिनके द्वारा गैर जिम्मेदाराना बयान देते हुए कहा गया कि विस्तार से जानकारी मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी से बात कर ले लीजिए वही हमारे अधिकारी हैं वही बयान देंगे।