*झिरन्या। खरगोन*
*संवाददाता दिलीप बामनिया*
*पाड़ल्या फाटा से कमलखेड़ा मार्ग की हालत जर्जर होने से सड़क से निकल रही गिट्टी, उड़ रही है धुल*
झिरन्या क्षेत्र। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत बनाए गए पाडल्या फाटा से कमलखेड़ा तक के सड़क मार्ग की हालत इन दिनों बेहद जर्जर हो चुकी है। करबी 6 किलोमीटर लंबा यह सड़क मार्ग पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो गया है, जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों वाहन चालकों, छात्रों और किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है ग्रामीणों का कहना है, राजा मंडलोई, नितीराज वास्कले, सुनिल संटू मंडलोई, विरबाहदुर, मनोहर, बताया कि सड़क की रिस्थि पिछले काफी समय से खराब बनी हुई है

लेकिन इसके सुधार के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है जगह-जगह बड़े बड़े गड्ढे होने के कारण इस मार्ग पर वाहन चलाना जोखिम भरा हो गया है खासकर दोपहिया वाहन चालकों को हर समय दुघर्टना का खतरा बना रहता है।
पाडल्या फाटे मार्ग कमलखेड़ा सड़क पर दो दिन पहले ब्रेक फेल होने के कारण यात्रियों से भरी बस पलटने की घटनाएं सामने आई थी।
इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों लोग, स्कूल जाने वाले छात्र छात्राएं गुजरते हैं जिन्हें रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कई बार तो बच्चे समय पर स्कूल भी नहीं पहुंच पाते, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं किसानों के लिए भी यह सड़क बड़ी समस्या बन चुकी है बाजार जाने तक पहुंचाने में उन्हें देरी और अतिरिक्त खर्च उठाने पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि इस जर्जर सड़क की शिकायत जिला प्रशासन से की जा चुकी है लेकिन अब तक मरम्मत कार्य शुरू नहीं हो पाया है। प्रशासन की उदासीनता को लेकर लोग में नाराजगी बढ़ती जा रही है। सड़क पर फैली धुल भी लोगों के लिए बड़ी समस्या बन चुकी है तेज रफ्तार से गुजरने वाले वाहनों के कारण धूल का गुबार उड़ता है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही उ। डॉक्टर के अनुसार लगातार धूल के संपर्क में रहने से श्रास संबंधि बीमारियों का ख़तरा बढ़ जाता है। इसके अलावा उबड़-खाबड़ सड़क पर लगातार सफ़र करने से वाहन चालकों को कमर दर्द और रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याएं भी हो रही है, सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे और गहरे हो जाएंगे जिससे आवागमन लगभग ठप हो सकता है क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस सड़क का जल्द से जल्द पुननिर्माण या मरम्मत कार्य शुरू किया जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके। साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़कों की नियमित निगरानी और समय पर मरम्मत सुनिश्चित करने की भी जरूरत बताई गई है। यदि समय रहते इस और ध्यान नहीं दिया गया तों यह सड़क किसी बड़े हादसे का कारण भी बन सकती है ग्रामीणों को अब प्रशासन से ठोस कार्रवाई की उम्मीद है, ताकि उनकी रोजमर्रा की परेशानियों का समाधान हो सके
*झिरन्या से संवाददाता दिलीप बामनिया की रिपोर्ट*