प्राथमिकता के चक्कर में लेट हो रहीं सवारी गाड़ियां यात्री परेशान मालगाड़ियों को ग्रीन सिग्नल, पैसेंजर व एक्सप्रेस को इंतजार
प्राथमिकता के चक्कर में लेट हो रहीं सवारी गाड़ियां यात्री परेशान मालगाड़ियों को ग्रीन सिग्नल, पैसेंजर व एक्सप्रेस को इंतजार
नैनपुर–/ दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में इन दिनों मालगाड़ियों को प्राथमिकता देने के कारण सवारी गाड़ियों में पैसेंजर व एक्सप्रेस की रफ्तार थम सी गई है। स्थिति यह है कि यात्रियों से भरी ट्रेनें बार-बार आउटर सिग्नल या छोटे स्टेशनों की लूप लाइनों पर खड़ी कर दी जा रही हैं, जबकि मालगाड़ियों को बिना रुकावट ग्रीन सिग्नल देकर आगे बढ़ाया जा रहा है।
हाल ही में जबलपुर से रायपुर जाने वाली 11701 मूक माटी एक्सप्रेस को बीते दिवस निधानी स्टेशन पर लगभग 25 से 30 मिनट तक रोका गया, ताकि मालगाड़ी को पहले निकाला जा सके। ऐसे मामले अब आम होते जा रहे हैं।
सवारी गाड़ियों की रफ्तार पर लगा ब्रेक


रेलवे ट्रैक पर इन दिनों सवारी गाड़ियों से ज्यादा तरजीह मालगाड़ियों को दी जा रही है। नागपुर डिवीजन के कंट्रोल द्वारा मुख्य लाइनों को मालगाड़ियों के लिए खाली कराया जा रहा है, जिससे यात्री ट्रेनें आउटर सिग्नलों पर खड़ी रहने को मजबूर हैं। कई बार एक ही स्थान पर खड़ी ट्रेन के सामने से 2 से 3 मालगाड़ियां लगातार निकाल दी जाती हैं।
बढ़ा सफर का समय, यात्रियों की बढ़ी परेशानी
इस अव्यवस्था के कारण यात्रियों का सफर समय काफी बढ़ गया है। जो दूरी पहले 1 से 2 घंटे में तय होती थी, अब वही 3 से 4 घंटे में पूरी हो रही है। इसका सबसे ज्यादा असर दैनिक यात्रियों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों पर पड़ रहा है, जिन्हें समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचना जरूरी होता है। ऐसे यात्री खासे परेशान होकर सफर कर रहे है।
कनेक्टिंग ट्रेनें छूटने की समस्या


मुख्य स्टेशनों पर दूसरी ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बार-बार देरी के कारण उनकी कनेक्टिंग ट्रेनें छूट जाती हैं, जिससे यात्रा और अधिक कठिन हो जाती है।
मालभाड़े की कमाई का गणित हावी
सूत्रों के अनुसार रेलवे प्रशासन का मुख्य फोकस मालभाड़े से होने वाली आय पर केंद्रित है। मालगाड़ियों को समय पर गंतव्य तक पहुंचाने के लिए उन्हें ‘प्रायरिटी कॉरिडोर’ दिया जा रहा है। हालांकि, इस प्रक्रिया में आम यात्रियों की सुविधा और समय की अनदेखी की जा रही है। मालगाड़ियों के परिचालन को ज्यादा तवज्जो देकर रेल विभाग न केवल कमाई करने की जुगत में है अपितु सबसे ज्यादा कमाई के साथ समूचे देश मे प्रथम रहने का तगमा भी लेना चाहता है। जबकि आम रेल यात्रियों की परेशानी से इनका शायद कोई सरोकार ही नही है।
यात्रियों की मांग


यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि सवारी गाड़ियों की समयबद्धता तत्काल बहाल की जाए। साथ ही व्यस्त समय में मालगाड़ियों के संचालन का समय निर्धारित किया जाए, ताकि यात्री ट्रेनों का संचालन प्रभावित न हो। इसके अलावा बिना कारण ट्रेनों को लूप लाइन पर खड़ा करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय करने की मांग की गई है।