रिश्वत लेने वाले ADM अपर कलेक्टर पर मुख्यमंत्री का बड़ा एक्शन
नागरिक हितों से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अधिकारी – कर्मचारी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

भोपाल । मध्य प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत रिश्वत लेने के मामले में अपर कलेक्टर, जिला मऊगंज को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दिया है। नागरिक हितों से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अधिकारी-कर्मचारी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पूर्व में भी शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी जा चुकी है कि जमीन नामांतरण, बटवारा आदि मामलों के निराकरण में गंभीरता बरतें। मध्यप्रदेश सरकार अपने नागरिकों को बेहतर, त्वरित और पारदर्शी तरीके से सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है।
क्या था मामला ।
प्रदेश के नव गठित मऊगंज जिले में लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अपर कलेक्टर को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है।रीवा। ये कार्रवाई अपर कलेक्टर के चेंबर में की गई है।
मामले की जानकारी देते हुए लोकायुक्त एसपी गोपाल सिंह धाकड़ ने बताया कि जमीन के बंटवारे की फाइल को राजस्व न्यायालय द्वारा शिकायतकर्ता रामनिवास तिवारी ग्राम खूझ तहसील नईगढ़ी जिला मऊगंज के पक्ष में फैसला करने के लिए अपर कलेक्टर अशोक कुमार ओहरी द्वारा 20000 रुपए की मांग की गई थी।
पहली किस्त में वह 10000 रुपए पहले ही ले चुके थे। जब शिकायतकर्ता ने शेष 10000 रुपए में कुछ कंसेशन करने की बात की तो उन्होंने 5000 का कंसेशन भी शिकायतकर्ता को दिया था।
शेष बचे 5000 को बुधवार की देर दोपहर अपने चेंबर में बतौर रिश्वत लेते हुए अपर कलेक्टर पकड़े गए हैं। उक्त कार्रवाई उप पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह परिहार एवं निरीक्षक जियाउल हक सहित 12 सदस्यीय टीम के द्वारा की गई है।