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धौहनी प्रत्याशी के चयन में उलझी भाजपा ,सीधी परिवर्तन में फंसा दिख रहा पेंच?

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धौहनी प्रत्याशी के चयन में उलझी भाजपा ,सीधी परिवर्तन में फंसा दिख रहा पेंच?

 *कुंवर सिंह टेकाम व पूजा सिंह कुशराम के बीच मंथन की चर्चा*

 

*अरविंद सिंह परिहार सीधी*

 

भाजपा ने जिले के चार विधानसभा सीटों में से तीन में प्रत्याशी उतार चुकी है जहां पार्टी प्रत्याशी एवं कार्यकर्ता चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं लेकिन जिले की आरक्षित सीट धौहनी विधानसभा क्षेत्र को लेकर सभी नजरें टिकी हुई है। जहां प्रत्याशी चयन को लेकर भाजपा उलझी हुई है। चर्चा है कि वर्तमान विधायक कुंवर सिंह के काम एवं भाजपा जिला मंत्री पूजा सिंह कुशराम के बीच मंथन जारी है। आज 20 अक्टूबर के के शाम तक प्रत्याशी चयन किए जाने की संभावना है। वही कांग्रेस पार्टी ने दूसरी लिस्ट में अपना प्रत्याशी तय कर दिया है जहां 2018 की कांग्रेस प्रत्याशी रही कमलेश सिंह को पुनः मैदान में उतारा है। जो कांग्रेस की सबसे प्रबल प्रत्याशी मानी जा रहे हैं चाहे भले ही इस वर्ष भी कांग्रेस की गुटबाजी का डन्स झेलना पड़े। 2018 के चुनाव में चुनाव के समय ही कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में एंट्री कर बीजेपी दो बार के चुने गए विधायक कुंवर सिंह टेकाम को कड़ी टक्कर दी थी । लगभग 3000 वोटो से पराजय का सामना करना पड़ा था। वह भी कांग्रेस की गुटबाजी का असर देखा गया था। वही बीजेपी के साथ अन्य दलों ने अपना प्रत्याशी चयन नहीं कर पाए हैं। विदित हो कि बीते तीन पंचवर्षीय से इस सीट पर भाजपा का कब्जा लगातार बना हुआ है। ऐसे में इस क्षत्रप को तोडने कांग्रेस पूरे दमखम के साथ लगी हुई है। वहीं भाजपा अपना भी प्रत्याशी चयन नहीं कर पाई है सूत्रों की माने तो यहां का पेच सीधी विधानसभा के प्रत्याशी परिवर्तन को लेकर फंसा हुआ है। बताया जा रहा है कि सीधी जिले में बीजेपी को खड़ा करने में पंडित केदारनाथ शुक्ला बड़ा योगदान है। जिनका प्रभाव जिले के चारों विधानसभा में देखने को मिल रहा है। लगातार तीसरी बार सीधी विधानसभा लगभग 20हजार वोटो से जीत परचम लहराया है। उनकी सक्रियता जिले के सभी विधानसभाओं में लगातार बनी रहती है। वैसे तो सभी वर्गों के हितेषी माने जाते हैं लेकिन ब्राह्मण वर्ग में इनका काफी प्रभाव देखा जा रहा है।वहीं धौहनी विधानसभा की बात करें तो यहां भी भाजपा की टिकट से कुंवर सिंह टेकाम लगातार 2008 से विधायक चुने जा रहे हैं। यह सहज और सरल स्वभाव के है जिनकी पकड़ समान वर्ग में काफी मजबूत मानी जा रही है लेकिन अभी हाल ही में हुए मझौली नगर परिषद अध्यक्ष के निर्वाचन में भाजपा के आपस में भिड़ंत हो जाने के कारण एक पक्ष जो व्यापारी वर्ग से आता है विधायक से नाराज चल रहा है। जिनकी नाराजगी प्रत्याशी चयन में भारी प्रति दिख रही है हालांकि नगर परिषद चुनाव में विधायक की कोई माहती भूमिका नहीं देखी गई थी समंजन ना बन पाने के कारण वे खुद दूरी बना लिए थे जो अध्यक्ष निर्वाचित होने पर अध्यक्ष के विजय जुलूस में भी सीधी विधायक पंडित केदारनाथ शुक्ला के साथ शामिल हुए थे। किंतु अभी तक इस पक्ष की नाराजगी दूर होते नहीं दिख रही है। उनकी नाराजगी रायसुमारी के लिए आए यूपी प्रवासी विधायक के सामने भी खुलकर आई थी। हालांकि रायसुमारी बाद विधायक कुंवर सिंह टेकाम द्वारा आयोजित प्रेसवार्ता में धौहनी में विकास की गंगा बही होना कहा गया था लेकिन विधायक के प्रति कोई प्रक्रिया व्यक्त नहीं की गई थी। मीडिया के सवाल पर कि पार्टी के कार्यकर्ता दो गुटों में बंटे हैं विधायक के प्रति नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं इस सवाल पर जवाब देते हुए कहा गया था कि हर कार्यकर्ता का अधिकार है कि वह अपने वर्चस्व और प्रभाव के लिए लड़े बस इतनी ही बात है हमारे कार्यकर्ता पार्टी से नाराज नहीं है। किंतु उनके जाने के बाद जिस तरह से भाजपा की जिला मंत्री व जिला पंचायत सदस्य एवं सभापति स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास जिला पंचायत सीधी पूजा सिंह कुशराम ने भी अपनी दावेदारी पेश कर जनसंपर्क तेज कर रखी है। कहीं ना कहीं वर्तमान विधायक के टिकट पर संकट होना माना जा रहा है। ऐसे में यदि प्रत्याशी परिवर्तन होता है तो पूजा सिंह कुशराम सशक्त प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उत्तर कांग्रेस की महिला प्रत्याशी को कड़ी टक्कर दे सकती हैं। खबर यह भी है कि पार्टी द्वारा यह फरमान जारी किया गया था कि जो विधायक लगातार 3 वर्ष से चुने जा रहे हैं जिनका सर्वे में गड़बड़ झमेला दिखेगा प्रत्याशी परिवर्तन किया जाएगा शायद इसी को लेकर सीधी विधानसभा में टिकट परिवर्तन किया गया है। जबकि सीधी विधायक ने बढ़ते क्रम में जीत हासिल करते आ रहे हैं जिनकी पकड़ जिला संगठन में भले कमजोर हो लेकिन प्रदेश संगठन में मजबूत माने जा रही है। वही धौहनी विधायक कुंवर सिंह टेकाम की बात करें तो इनके जीत का अंतर गिरता गया है लेकिन संगठन में काफी पकड़ है सरल सहज स्वभाव के कारण गरीब आदिवासी एवं समान वर्ग के लोगों के बीच पहुंच बनाए हुए हैं जो भाजपा के लिए सबसे प्रबल उम्मीदवार साबित हो रहे हैं। लेकिन खबर है कि पार्टी के निर्णय को लेकर प्रदेश संगठन असमंजस में फंसा हुआ है यह भी माना जा रहा है कि सीधी विधायक की टिकट कटने से चारों विधानसभा के समर्थक काफी नाराज हैं ऐसे में यदि धौहनी विधायक को टिकट दी जाती है तो और ही बगावत सामने आ सकती है। क्योंकि धौहनी विधानसभा का मझौली ब्लाक इनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि मानी जा रही है। जहां सीधी विधायक के बड़ी संख्या में समर्थन एवं शुभचिंतक है।जो भारी संख्या में 2 अक्टूबर को उनकी सभा में शामिल हो अपना समर्थन दे चुके हैं यहां तक की पार्टी सिंबल से चुने गए प्रतिनिधि भी खुलकर समर्थन देते देखे गए थे। अब देखना होगा जबकि पूजा सिंह कुशराम के अलावा कई अन्य दिलशरण सिंह, हीराबाई सिंह, सुमन डॉक्टर मनोज कोल दावेदारी कर रखी हैं इनमें से किसी को चुनाव मैदान में उतारेगी की अपने पूर्व विधायक कुंवर सिंह को ही आजमायेगी।

 

*जाने क्या है पूजा सिंह का प्रत्याशी के लिए बैकग्राउंड*

 

भले ही वर्तमान विधायक कुंवर सिंह टेकाम अपने व्यक्तिगत स्वभाव एवं पकड़ के कारण लोगों के बीच अपना प्रभाव बनाए रखने में सफल हो रहे हो। लेकिन उनके कुछ नजदीकी लोगों एवं रिश्तेदार के कारण उनकी छवि भी धूमिल कहीं ना कहीं धूमिल होना बताया जा रहा है ऐसे में पार्टी द्वारा नए चेहरे की तलाश की जा रही है जिससे विकल्प के रूप में पार्टी ने भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलशरण सिंह, जिला पंचायत सदस्य हीराबाई सिंह व पूजा सिंह कुशराम के बीच सर्वे करा रखी है। बताया जा रहा है कि पूजा सिंह कुशराम युवा महिला होने के साथ-साथ भाजपा से इनका तीन पीढियों से रिश्ता बना हुआ है। इनकी बड़ी बहन राधा सिंह मध्यप्रदेश शासन के पूर्व मंत्री स्व. जगन्नाथ सिंह की पुत्रवधू है जो सिंगरौली जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी है और धौहनी विधानसभा का क्षेत्र सिंगरौली जिले में भी शामिल है। पूजा की शिक्षा-दीक्षा भी उच्च श्रेणी की है जिला संगठन में 3 वर्ष से निरंतर कार्य कर रही हैं जिस कारण कार्यकर्ताओं से अच्छी पहचान बनी हुई है मझौली ब्लाक के अधिकांश जिला पदाधिकारी आदिवासी मोर्चा जिला अध्यक्ष, पिछड़ा वर्ग मोर्चा जिला अध्यक्ष सहित दो मंत्री एवं दो उपाध्यक्ष जिला संगठन में कार्य कर रहे हैं। यह ब्लॉक प्रत्याशी को विजय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता आ रहा है। बात करें सामाजिक स्थिति तो धौहनी विधानसभा आदिवासी बहुमूल्य क्षेत्र माना जाता है जिसमें गोड समाज का मतदाता काफी संख्या में निवास कर रहा है इसी समाज से पूजा सिंह कुशराम भी तालुकात रख रखी हैं।

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