News By- हिमांशु उपाध्याय / नितिन केसरवानी
कौशाम्बी: जिले में नवंबर माह को यातायात माह–2025 के रूप में मनाते हुए कौशांबी पुलिस द्वारा 01 से 30 नवंबर तक व्यापक सड़क सुरक्षा जनजागरूकता अभियान चलाया गया। पूरे माह पुलिस टीमों ने स्कूलों, कॉलेजों, चौराहों एवं सार्वजनिक स्थलों पर रैलियाँ, नुक्कड़ नाटक, जनसभाएँ और वितरण कार्यक्रम आयोजित कर हजारों लोगों को यातायात नियमों का महत्व समझाया।
29 नवंबर को सेंट फ्रांसिस सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बेरुआ चरवा में बड़े स्तर पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक कौशांबी राजेश कुमार तथा अपर जिलाधिकारी शालिनी प्रभाकर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। कार्यक्रम की शुरुआत उपस्थित सभी लोगों को यातायात नियमों के पालन की शपथ दिलाकर की गई।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि “सड़क दुर्घटनाओं का मुख्य कारण लापरवाही है। हेलमेट, सीट बेल्ट और सही गति—ये सिर्फ नियम नहीं, बल्कि जीवन बचाने के साधन हैं।”
उन्होंने “गोल्डन ऑवर” की अहमियत बताते हुए कहा कि दुर्घटना के बाद पहला घंटा अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। घायल को अस्पताल पहुँचाने वाले राहगीर को सरकार द्वारा ₹25,000 प्रोत्साहन राशि और सम्मान प्रमाणपत्र दिया जाता है। साथ ही, ऐसे व्यक्ति को किसी भी कानूनी प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा।
कार्यक्रम में छात्रों ने नाटक, गीत और नृत्य के माध्यम से ओवरस्पीड, नशे में वाहन चलाने, हेलमेट–सीट बेल्ट और सुरक्षित ड्राइविंग के संदेशों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
ट्रैफिक पुलिस ने रोड साइन, स्पीड लिमिट, पैदल यात्रियों के नियम, नो–पार्किंग और अन्य यातायात मानकों की जानकारी दी। मौके पर लोगों में पम्पलेट बाँटे गए और वाहनों पर रिफ्लेक्टर भी लगाए गए।
पुलिस अधीक्षक द्वारा उपस्थित छात्र छात्राओं, विद्यालय के स्टाफ, अभिभावकगण व अन्य लोग को सम्बोधित करते हुए यातायात नियमों का पालन करने का आग्रह किया गया तथा सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली क्षति के बारे में विस्तार से समझाया गया पुलिस अधीक्षक द्वारा निम्न महत्वपूर्ण बिंदुओं बिना हेलमेट दोपहिया वाहन न चलाएँ दोपहिया वाहन पर दो से अधिक सवारी न बैठाएँ चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट अनिवार्य रूप से लगाएँ वाहन एवं ड्राइविंग लाइसेंस के प्रपत्र साथ रखें अथवा डिजीलॉकर में अपलोड रखें एम्बुलेंस एवं अग्निशमन वाहन को तुरंत पास दें गलत साइड, तेज गति व नशे की हालत में वाहन न चलाएँ वाहन चलाते समय मोबाइल फोन पर बात न करें|

साथ ही पुलिस अधीक्षक द्वारा द्वारा गोल्डन ऑवर का महत्व समझाते हुए कहा गया कि सड़क दुर्घटना के बाद पहले एक घंटे को गोल्डन ऑवर कहा जाता है, जिसमें समय पर उपचार सहायता मिलने पर व्यक्ति के जीवन को बचाने की संभावना अत्यधिक बढ़ जाती है । यदि घायल व्यक्ति की तुरंत मदद की जाए तो उसका जीवन बचाया जा सकता है इसलिए बिना देरी किए 108 एम्बुलेंस व 112 पुलिस हेल्पलाइन पर तत्काल कॉल करें । राहगीर/राहवीर योजना” के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि सड़क पर दुर्घटना होने की स्थिति में राहगीर या आम नागरिक हादसे के तुरंत बाद यानी गोल्डन ऑवर (पहले घण्टे में) में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाता है तो उसे सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि 25 हजार रुपए व प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाता है तथा मदद करने वाले व्यक्ति को किसी भी प्रकार की कानूनी कार्यवाही के लिए नहीं बुलाया जायेगा कार्यक्रम में दौरान छात्र छात्राओं द्वारा नाटक/नृत्य गीत के माध्यम से यातायात नियमों के बारे में जानकारी दी गयी साथ ही यातायात नियमों का पालन करने का संदेश दिया गया । इसी क्रम में यातायात पुलिस द्वारा ट्रैफिक नियमों/संकेतों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी तत्पश्चात यातायात पुलिस द्वारा ट्रैफिक नियमों की जानकारी से सम्बन्धित पम्पलेट वितरण किए गए तथा वाहनों पर रिफ्लेक्टर चिपकाए गए एवं जगह-जगह पोस्टर लगाए गए ।
यातायात माह के दौरान सख्त प्रवर्तन कार्रवाई
कौशांबी पुलिस ने पूरे महीने विशेष अभियान चलाकर बड़ी मात्रा में चालान वसूलने के साथ ही नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की—
कुल ई-चालान: 9541
वाहन सीज: 148
शमन शुल्क: ₹1,13,35,400
इनमें—
* बिना हेलमेट – 5258
* नो–पार्किंग – 1836
* बिना DL – 1279
* बिना सीट बेल्ट – 184
* बिना बीमा – 262
* अन्य – 722
अभियान का मुख्य संदेश
सड़क सुरक्षा कोई विकल्प नहीं, जीवन की आवश्यकता है।”
“यातायात नियमों का पालन करें खुद भी सुरक्षित रहें और दूसरों को भी सुरक्षित रखें।”
कौशांबी पुलिस ने स्पष्ट किया कि आगे भी ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रमों और प्रवर्तन कार्रवाइयों का सिलसिला जारी रहेगा, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और जनपद में सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।